{"_id":"625f20b69d67e87f69478ded","slug":"buses-will-go-from-villages-to-go-to-prakash-parv-samagam-karnal-news-knl1053737199","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रकाश पर्व समागम में जाने के लिए गांवों से जाएंगी बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रकाश पर्व समागम में जाने के लिए गांवों से जाएंगी बसें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व पर 24 अप्रैल को पानीपत में मनाया जा रहा है। इस राज्य स्तरीय समागम में जिले के गांवों से श्रद्धालुओं की बसें भरकर जाएंगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने व्यवस्था कर दी है। श्रद्धालु जिस बस से जाएंगे, उसी से ही उन्हें वापस भी घर छोड़ा जाएगा। बसों में पीने के पानी और खाद्य सामग्री की भी पूरी व्यवस्था रहेगी। इसके लिए प्रशासन की ओर से पटवारियों और ग्राम सचिवों की ड्यूटी लगाई गई है।
पानीपत के सेक्टर-13-17 के मैदान में सुबह 9 बजे समागम शुरू होगा। गांवों से श्रद्धालुओं को आयोजन स्थल तक पहुंचाने के लिए खंड स्तर पर बीडीपीओ को नोडल अधिकारी लगाया गया है। प्रशासन के प्रबंधों की समीक्षा के लिए मंगलवार को सांसद संजय भाटिया की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में बैठक हुई। उपायुक्त अनीश यादव ने प्रबंधों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भी निर्देश दिए गए है कि वे अपने-अपने कॉलेजों से युवाओं को इस उत्सव में लेकर पहुंचें।
सांसद ने बताया कि उत्सव में गुरुओं के जीवन दर्शन पर आधारित श्रद्धालुओं के अवलोकनार्थ एक विशाल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। यह अपने आप में अलौकिक नजारा होगा। समारोह स्थल पर भव्य ढंग से दरबार साहब की साज सज्जा की जाएगी। सुप्रसिद्ध रागी जत्थे शब्द गायन करेंगे। गर्मी के मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं को समारोह स्थल के बिलकुल नजदीक पहुंचाया जाएगा और वापस उसी गाड़ी से श्रद्धालुओं को संबंधित गांव में लाया जाएगा। समारोह स्थल पर विभिन्न संस्थाओं की ओर से लंगर की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा, एसडीएम सुमित सिहाग, मेयर रेनू बाला गुप्ता, सीएम के मीडिया समन्वयक जगमोहन आनंद मौजूद रहे।
विज्ञापन
भारतीय इतिहास के साथ नहीं किया न्याय
सांसद ने कहा कि इतिहासकारों ने भारतीय इतिहास के साथ न्याय नहीं किया। उन्होंने निरीह जनता पर अत्याचार करने वाले शासकों को महान बताया और गुरुतेग बहादुर जी व उनके सुपुत्र गुरु गोबिंद सिंह जी के अमर बलिदान को उतना प्रकाशमय नहीं किया, जितना करना चाहिए था।
विज्ञापन
करनाल। श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व पर 24 अप्रैल को पानीपत में मनाया जा रहा है। इस राज्य स्तरीय समागम में जिले के गांवों से श्रद्धालुओं की बसें भरकर जाएंगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने व्यवस्था कर दी है। श्रद्धालु जिस बस से जाएंगे, उसी से ही उन्हें वापस भी घर छोड़ा जाएगा। बसों में पीने के पानी और खाद्य सामग्री की भी पूरी व्यवस्था रहेगी। इसके लिए प्रशासन की ओर से पटवारियों और ग्राम सचिवों की ड्यूटी लगाई गई है।
पानीपत के सेक्टर-13-17 के मैदान में सुबह 9 बजे समागम शुरू होगा। गांवों से श्रद्धालुओं को आयोजन स्थल तक पहुंचाने के लिए खंड स्तर पर बीडीपीओ को नोडल अधिकारी लगाया गया है। प्रशासन के प्रबंधों की समीक्षा के लिए मंगलवार को सांसद संजय भाटिया की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में बैठक हुई। उपायुक्त अनीश यादव ने प्रबंधों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भी निर्देश दिए गए है कि वे अपने-अपने कॉलेजों से युवाओं को इस उत्सव में लेकर पहुंचें।
विज्ञापन
सांसद ने बताया कि उत्सव में गुरुओं के जीवन दर्शन पर आधारित श्रद्धालुओं के अवलोकनार्थ एक विशाल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। यह अपने आप में अलौकिक नजारा होगा। समारोह स्थल पर भव्य ढंग से दरबार साहब की साज सज्जा की जाएगी। सुप्रसिद्ध रागी जत्थे शब्द गायन करेंगे। गर्मी के मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं को समारोह स्थल के बिलकुल नजदीक पहुंचाया जाएगा और वापस उसी गाड़ी से श्रद्धालुओं को संबंधित गांव में लाया जाएगा। समारोह स्थल पर विभिन्न संस्थाओं की ओर से लंगर की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा, एसडीएम सुमित सिहाग, मेयर रेनू बाला गुप्ता, सीएम के मीडिया समन्वयक जगमोहन आनंद मौजूद रहे।
विज्ञापन
भारतीय इतिहास के साथ नहीं किया न्याय
सांसद ने कहा कि इतिहासकारों ने भारतीय इतिहास के साथ न्याय नहीं किया। उन्होंने निरीह जनता पर अत्याचार करने वाले शासकों को महान बताया और गुरुतेग बहादुर जी व उनके सुपुत्र गुरु गोबिंद सिंह जी के अमर बलिदान को उतना प्रकाशमय नहीं किया, जितना करना चाहिए था।