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मयूर ढाबे के अवैध हिस्से पर चला बुलडोजर
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Bulldozer run on illegal part of Mayur Dhaba
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अनधिकृत निर्माण और आपराधिक गतिविधियों की शिकायतों पर शुक्रवार को भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रही। निगमायुक्त के निर्देश पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट जिला नगर योजनाकार आरएस बाठ और सीआईए-02 के प्रभारी की अगुवाई में नेशनल हाईवे-44 स्थित प्रसिद्ध मयूर ढाबे के अनधिकृत हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान पहले तो कर्मचारियों ने हंगामा शुरू कर दिया फिर रोने बिलखने लगे। लेकिन कार्रवाई रुकी नहीं और ढाबे के रसोई, शौचालय, बाथरूम व पार्किंग शेड को बुलडोजर से तोड़ दिया गया।
सीआईए 02 के प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि ढाबा संचालक ने अपने पार्टनरों को हटाने के लिए कुछ ऐसे नामों को शामिल कर लिया, जिनकी छवि आपराधिक है, ढाबे पर अनधिकृत रूप से संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों के बैठने की शिकायत मिली थी। जिसके बाद दो जेसीबी से संयुक्त कार्रवाई की गई है। अभी कई और ढाबे और होटल ऐसे हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया जा चुका है।
नेशनल हाईवे पर मयूर ढाबा करीब दो दशक से अधिक पुराना बताया जा रहा है, लेकिन ढाबा मालिकों ने हाईवे तक पहुंच बनाने के लिए हाईवे की साइड लेन तक पूरी भूमि को अपनी मिल्कियत बना लिया है। निगमायुक्त ने बताया कि ढाबे के आगे और पीछे के हिस्से पर पार्किंग, रसोई व शौचालय आदि का अवैध रूप से निर्माण किया गया था, जिसकी शिकायत नगर निगम को मिली थी। निगम प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और ढाबा संचालकों को अवैध निर्माण हटाने बारे नोटिस जारी किया गया।
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नोटिस का नहीं किया पालन
नगर निगम के डीटीपी आरएस बाठ ने बताया कि मयूर ढाबा के संचालकों द्वारा 650 वर्ग मीटर क्षेत्र काफी पहले वैध करवाया गया था, परंतु कुछ समय पहले उसके संचालकों द्वारा ढाबे के आगे व पीछे के हिस्से में अवैध रूप से रसोई, शौचालय, बाथरूम व पार्किंग शेड का निर्माण किया गया था। अवैध निर्माण को लेकर यह मामला नगर निगम के भी संज्ञान में था और कुछ लोगों की भी शिकायतें आ रही थी। इसे लेकर नगर निगम की ओर से मयूर ढाबा संचालकों को अवैध निर्माण हटाने के लिए सात दिन का नोटिस दिया गया। नोटिस का अनुपालन न करने पर तोड़फोड़ की गई।
अभी कई और ढाबे, होटल निशाने पर
निगमायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि शहर में चल रहे अनाधिकृत निर्माण, खासकर भू-माफिया पर नगर निगम नजर बनाए है। जिन मामलों में नागरिकों की शिकायतें प्राप्त होंगी, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। कई होटलों, ढाबों को नोटिस दिया गया है। अवैध निर्माण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कोई भी व्यक्ति मकान, दुकान, होटल, रेस्टोरेंट आदि का निर्माण करना चाहता है, तो पहले उसके लिए नक्शा पास करवाए और फिर निर्माण कार्य शुरू करें, ताकि व्यक्ति को भविष्य में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
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करनाल। अनधिकृत निर्माण और आपराधिक गतिविधियों की शिकायतों पर शुक्रवार को भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रही। निगमायुक्त के निर्देश पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट जिला नगर योजनाकार आरएस बाठ और सीआईए-02 के प्रभारी की अगुवाई में नेशनल हाईवे-44 स्थित प्रसिद्ध मयूर ढाबे के अनधिकृत हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान पहले तो कर्मचारियों ने हंगामा शुरू कर दिया फिर रोने बिलखने लगे। लेकिन कार्रवाई रुकी नहीं और ढाबे के रसोई, शौचालय, बाथरूम व पार्किंग शेड को बुलडोजर से तोड़ दिया गया।
सीआईए 02 के प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि ढाबा संचालक ने अपने पार्टनरों को हटाने के लिए कुछ ऐसे नामों को शामिल कर लिया, जिनकी छवि आपराधिक है, ढाबे पर अनधिकृत रूप से संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों के बैठने की शिकायत मिली थी। जिसके बाद दो जेसीबी से संयुक्त कार्रवाई की गई है। अभी कई और ढाबे और होटल ऐसे हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया जा चुका है।
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नेशनल हाईवे पर मयूर ढाबा करीब दो दशक से अधिक पुराना बताया जा रहा है, लेकिन ढाबा मालिकों ने हाईवे तक पहुंच बनाने के लिए हाईवे की साइड लेन तक पूरी भूमि को अपनी मिल्कियत बना लिया है। निगमायुक्त ने बताया कि ढाबे के आगे और पीछे के हिस्से पर पार्किंग, रसोई व शौचालय आदि का अवैध रूप से निर्माण किया गया था, जिसकी शिकायत नगर निगम को मिली थी। निगम प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और ढाबा संचालकों को अवैध निर्माण हटाने बारे नोटिस जारी किया गया।
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नोटिस का नहीं किया पालन
नगर निगम के डीटीपी आरएस बाठ ने बताया कि मयूर ढाबा के संचालकों द्वारा 650 वर्ग मीटर क्षेत्र काफी पहले वैध करवाया गया था, परंतु कुछ समय पहले उसके संचालकों द्वारा ढाबे के आगे व पीछे के हिस्से में अवैध रूप से रसोई, शौचालय, बाथरूम व पार्किंग शेड का निर्माण किया गया था। अवैध निर्माण को लेकर यह मामला नगर निगम के भी संज्ञान में था और कुछ लोगों की भी शिकायतें आ रही थी। इसे लेकर नगर निगम की ओर से मयूर ढाबा संचालकों को अवैध निर्माण हटाने के लिए सात दिन का नोटिस दिया गया। नोटिस का अनुपालन न करने पर तोड़फोड़ की गई।
अभी कई और ढाबे, होटल निशाने पर
निगमायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि शहर में चल रहे अनाधिकृत निर्माण, खासकर भू-माफिया पर नगर निगम नजर बनाए है। जिन मामलों में नागरिकों की शिकायतें प्राप्त होंगी, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। कई होटलों, ढाबों को नोटिस दिया गया है। अवैध निर्माण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कोई भी व्यक्ति मकान, दुकान, होटल, रेस्टोरेंट आदि का निर्माण करना चाहता है, तो पहले उसके लिए नक्शा पास करवाए और फिर निर्माण कार्य शुरू करें, ताकि व्यक्ति को भविष्य में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।