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Karnal News: वन स्टॉप सेंटर और पिंक शौचालय बनें
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अमर उजाला की ओर से शुक्रवार को करनाल कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में शहर की सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं ने अपने विचार साझा किए। गीत और गजलों की सुर लहरियों के खुशनुमा माहौल में महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और शिकायत निवारण की व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। महिलाओं ने कहा कि शहर में महिलाओं को कई बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़ता है। पिंक शौचालयों की संख्या कम है और वन स्टॉप सेंटर नहीं है, ये सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।
कवियत्री व शिक्षिका डॉ. वनीता चोपड़ा ने गजल सुनाने के बाद कहा कि शहर में महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा की सुविधा की जानी चाहिए। रात के समय महिलाएं निडर होकर एक जगह से दूसरी जगह जा सके इसके लिए सुरक्षित परिवहन की सुविधाएं दी जानी चाहिए, ताकि हर युवती व महिला किसी भी समय यात्रा कर सके।
डीएवी कॉलेज की प्रो.पूनम पांचाल ने कहा कि महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि किसी महिला के साथ अपराध हो रहे हैं तो ऐसी व्यवस्था की जाएं जिसमें महिलाएं किसी भी समय एक सुरक्षित स्थान पर रह सके। महिलाओं के साथ होने वाले साइबर अपराध को कम करने के लिए व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए।
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अधिक्वता तमन्ना शर्मा ने एक गीत सुनाने के बाद कहा कि अस्पतालों में मरीजों के साथ सही बर्ताव किया जाना चाहिए। अस्पतालों में प्रसव के दौरान विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। कई बार देखा भी जा चुका है कि अस्पतालों में महिलाओं के प्रसव के दौरान व अन्य किसी बीमारी में उनके साथ नर्स व डॉक्टर सही से पेश नहीं आते हैं।
कवियत्री डॉ. इंदू शर्मा ने कहा कि महिलाओं के साथ छेड़खानी के मामले अक्सर सामने आते हैं। इसके लिए ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए कि छेड़खानी होने पर महिलाएं व युवतियां अपनी शिकायत दे सके। इसके लिए हर स्कूल, कॉलेज व महाविद्यालयों के बाहर महिला पुलिस तैनात की जानी चाहिए, जिसमें वह निडर होकर अपनी समस्या बता सकें।
योग शिक्षिका रजनी ने बताया कि हर दिन किसी न किसी महिला के साथ निजी स्थानों पर कुछ ऐसा होता है, जिसकी वह कई बार शिकायत नहीं कर पातीं। इसके लिए चाहे पार्क हों या फिर बस स्टैंड, सभी जगहों पर निगरानी अवश्य होनी चाहिए। सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे जरूरी है। पार्क, बस स्टैंड और बाजार में सीसीटीवी की व्यवस्था होनी चाहिए।
योग शिक्षिका वीना धीर ने बताया कि शहर में महिलाओं के वन स्टॉप सेंटर बनने चाहिए। कई ऐसी महिलाएं होती हैं जो अपने साथ हो रहे अपराध से बचकर घरों से भाग जाती हैं, ऐसी स्थिति में उनके रहने व खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की जानी चाहिए। इससे वे अपने साथ हो रहे अपराधों के लिए सही निर्णय लेकर लड़ सकेंगी।
योग शिक्षिका निधि गुप्ता ने शौचालयों की समस्या को उठाते हुए कहा कि शहर में बाजार में, रेलवे स्टेशन व अन्य सभी जगहों पर पिंक शौचालयों की व्यवस्था होनी चाहिए। महिलाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या होती है कि वह निजी स्थानों पर शौच आदि के लिए परेशान होती है। ऐसे साफ-सुथरे शौचालय जगह-जगह पर बने रहने से महिलाओं को राहत मिलेगी।
योग शिक्षिका नीलम बठला ने बताया कि महिलाओं के लिए बहुत सी महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं हैं। इसलिए अपने हक और सुरक्षा के लिए महिलाएं खुलकर बोल नहीं पाती। पुलिस प्रशासन और सरकार को भी इस दिशा में सार्थक पहल करनी चाहिए। इस काम किया जाना चाहिए, ताकि महिलाएं जागरूक हो सकें।
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करनाल। अमर उजाला की ओर से शुक्रवार को करनाल कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में शहर की सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं ने अपने विचार साझा किए। गीत और गजलों की सुर लहरियों के खुशनुमा माहौल में महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और शिकायत निवारण की व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। महिलाओं ने कहा कि शहर में महिलाओं को कई बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़ता है। पिंक शौचालयों की संख्या कम है और वन स्टॉप सेंटर नहीं है, ये सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।
कवियत्री व शिक्षिका डॉ. वनीता चोपड़ा ने गजल सुनाने के बाद कहा कि शहर में महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा की सुविधा की जानी चाहिए। रात के समय महिलाएं निडर होकर एक जगह से दूसरी जगह जा सके इसके लिए सुरक्षित परिवहन की सुविधाएं दी जानी चाहिए, ताकि हर युवती व महिला किसी भी समय यात्रा कर सके।
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डीएवी कॉलेज की प्रो.पूनम पांचाल ने कहा कि महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि किसी महिला के साथ अपराध हो रहे हैं तो ऐसी व्यवस्था की जाएं जिसमें महिलाएं किसी भी समय एक सुरक्षित स्थान पर रह सके। महिलाओं के साथ होने वाले साइबर अपराध को कम करने के लिए व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए।
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अधिक्वता तमन्ना शर्मा ने एक गीत सुनाने के बाद कहा कि अस्पतालों में मरीजों के साथ सही बर्ताव किया जाना चाहिए। अस्पतालों में प्रसव के दौरान विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। कई बार देखा भी जा चुका है कि अस्पतालों में महिलाओं के प्रसव के दौरान व अन्य किसी बीमारी में उनके साथ नर्स व डॉक्टर सही से पेश नहीं आते हैं।
कवियत्री डॉ. इंदू शर्मा ने कहा कि महिलाओं के साथ छेड़खानी के मामले अक्सर सामने आते हैं। इसके लिए ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए कि छेड़खानी होने पर महिलाएं व युवतियां अपनी शिकायत दे सके। इसके लिए हर स्कूल, कॉलेज व महाविद्यालयों के बाहर महिला पुलिस तैनात की जानी चाहिए, जिसमें वह निडर होकर अपनी समस्या बता सकें।
योग शिक्षिका रजनी ने बताया कि हर दिन किसी न किसी महिला के साथ निजी स्थानों पर कुछ ऐसा होता है, जिसकी वह कई बार शिकायत नहीं कर पातीं। इसके लिए चाहे पार्क हों या फिर बस स्टैंड, सभी जगहों पर निगरानी अवश्य होनी चाहिए। सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे जरूरी है। पार्क, बस स्टैंड और बाजार में सीसीटीवी की व्यवस्था होनी चाहिए।
योग शिक्षिका वीना धीर ने बताया कि शहर में महिलाओं के वन स्टॉप सेंटर बनने चाहिए। कई ऐसी महिलाएं होती हैं जो अपने साथ हो रहे अपराध से बचकर घरों से भाग जाती हैं, ऐसी स्थिति में उनके रहने व खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की जानी चाहिए। इससे वे अपने साथ हो रहे अपराधों के लिए सही निर्णय लेकर लड़ सकेंगी।
योग शिक्षिका निधि गुप्ता ने शौचालयों की समस्या को उठाते हुए कहा कि शहर में बाजार में, रेलवे स्टेशन व अन्य सभी जगहों पर पिंक शौचालयों की व्यवस्था होनी चाहिए। महिलाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या होती है कि वह निजी स्थानों पर शौच आदि के लिए परेशान होती है। ऐसे साफ-सुथरे शौचालय जगह-जगह पर बने रहने से महिलाओं को राहत मिलेगी।
योग शिक्षिका नीलम बठला ने बताया कि महिलाओं के लिए बहुत सी महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं हैं। इसलिए अपने हक और सुरक्षा के लिए महिलाएं खुलकर बोल नहीं पाती। पुलिस प्रशासन और सरकार को भी इस दिशा में सार्थक पहल करनी चाहिए। इस काम किया जाना चाहिए, ताकि महिलाएं जागरूक हो सकें।