फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   BSc IT result, karnal education, student, college, karnal

बीएससी आईटी फर्स्ट सेम. में 36 में से एक पास

Thu, 07 Jul 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला Updated Thu, 07 Jul 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
BSc IT result, karnal education, student, college, karnal
बीएससी आईटी के विद्यार्थी - फोटो : अमर उजाला

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से घोषित बीएससी आईटी के प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में पंडित चिरंलीलाल शर्मा राजकीय कॉलेज के सभी भावी आईटी इंजीनियर फेल हो गए हैं। 36 विद्यार्थियों की कक्षा में से केवल एक विद्यार्थी ही सभी पेपर पास कर पाया है, अन्य सभी छात्र तीन से चार पेपरों में फेल होकर प्रथम सेमेस्टर में ही अटक गए हैं। विश्वविद्यालय के इस परीक्षा परिणाम ने विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों के होश उड़ा दिए हैं। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणाम पर सवाल खड़े कर पेपरों की फिर से जांच करवाने की मांग की है।

विज्ञापन


कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से मंगलवार को बीएससी आईटी का प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा का परिणाम घोषित किया था, लेकिन इस परीक्षा परिणाम में 36 विद्यार्थियों में केवल एक विद्यार्थी ही सफल हुआ है। बाकी सभी छात्र तीन से चार पेपरों में फेल हैं। दसवीं व बारहवीं कक्षा तक स्कूलों में टॉप करने वाले विद्यार्थियों के इस रिजल्ट ने पसीने छुड़ा दिए हैं। बुधवार को कक्षा के सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय के खिलाफ शिकायत लेकर सीएम विंडो पर पहुंचे। विद्यार्थियों का कहना है कि आज तक वे अपने स्कूलों में टॉप पॉजिशन पर रहे हैं और प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं भी पूरी तैयारी की साथ दी थी। लेकिन एक साथ तीन से चार पेपरों में फेल होना संभव नहीं है। उन्होंने सीएम विंडो पर शिकायत कर पेपरों की फिर से जांच करवाने की मांग की है।
विज्ञापन


विद्यार्थी प्रीती, अमित, विक्रम, सोहन, कमलजीत, शिप्रा, सीमा, रेनू, अमित, रमनदीप कौर व रिषभ आदि ने बताया कि इस बार विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित समय से लेट रिजल्ट घोषित किया है। इसमें भी सभी विद्यार्थियों को फेल कर दिया है। उन्होंने कहा कि पेपरों की चेकिंग करने में गड़बड़ी हुई है। अब फिर से रि-चेकिंग के लिए छह सौ से एक हजार रुपये प्रति पेपर फीस देनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा तीसरे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम देरी से घोषित कर कई विद्यार्थियों को चौथे व पांचवें सेमेस्टर में प्रवेश से वंचित कर दिया है। अब उनके साथ प्रथम सेमेस्टर में वही हाल हुआ है। ऐसे में अब उनके लिए इस डिग्री को पूरा करना आसान नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभिभावक राधा, रीतू, रमेश कुमार व जगजीत सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों से रि चेकिंग के नाम पर रुपये एेंठने के लिए ही फेल किया गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन की लापरवाही से विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। यदि विश्वविद्यालय द्वारा अपनी गलती में सुधार नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। उन्होंने कहा की विश्वविद्यालय बिना रि चेकिंग फीस के पेपरों की चेकिंग करे।


वर्जन
इस मामले में विद्यार्थी मुझसे नहीं मिले हैं, लेकिन इतना खराब परीक्षा परिणाम कॉलेज के नजरिए से भी ठीक नहीं है। इस मामले की पूरी जांच करवाई जाएगी। विद्यार्थियों के लिए जो भी उचित रास्ता होगा उन्हें बताया जाएगा तथा यूनिवर्सिटी से भी मामले की जांच करवाई जाएगी।
डॉ. प्रवीण भारद्वाज, कार्यवाहक प्राचार्य, पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय करनाल।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed