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Karnal News: भगवान परशुराम की वीरता का किया बखान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Apr 2023 02:46 AM IST
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Bravery of Lord Parshuram was told
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव जिले में धूमधाम से मनाया गया। कई स्थानों पर हवन कर भंडारा लगाया गया और शोभायात्राएं निकाली गईं। वहीं, परशुराम की वीरता का बखान किया गया। इधर, जिला ब्राह्मण सभा की ओर से ब्राह्मण धर्मशाला में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हवन के साथ भंडारे का आयोजन किया गया। सुरेंद्र शर्मा बड़ौता अध्यक्ष जिला करनाल ब्राह्मण सभा ने कहा कि सरकार द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में घोषित किए राजकीय अवकाश व भगवान परशुराम महाकुंभ में की गई घोषणाओं के लिए ब्राह्मण समाज सदैव याद रखेगा। मौके पर सुशील गौतम उपाध्यक्ष, रोशन लाल शर्मा सचिव, ब्रह्मदत्त शर्मा अध्यक्ष पंचायती प्रकोष्ठ, बृजभूषण एडवोकेट अध्यक्ष लीगल सेल, सतीश शर्मा, विपुल शर्मा, अभिमन्यु शर्मा, सचिन शर्मा, राजकुमार शर्मा घीड़, संजय शर्मा, नवीन शर्मा, मोहित शर्मा, विजय शर्मा मौजूद रहे।
भगवान परशुराम भोलेनाथ के परम उपासक
निसिंग। द्रोणाचार्य सभा की ओर से श्री सनातन धर्म शिव मंदिर में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के अवसर पर हवन यज्ञ व भंडारा लगाया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि नगरपालिका चेयरमैन रोमी सिंगला ने शिरकत कर भगवान परशुराम के जन्मोत्सव की क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि बैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हर वर्ष परशुराम जयंती मनाई जाती है। मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में अपना छठा अवतार लिया था। इसी वजह से इस दिन अक्षय तृतीया के साथ परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई जाती है। हर वर्ष की भांति परशुराम जयंती श्री सनातन धर्म शिव मंदिर मनाई गई।
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नगर पालिका चेयरमैन रोमी सिंगला ने कहा कि भगवान परशुराम भोलेनाथ के परम उपासक थे। भगवान परशुराम का जन्म भले ही ब्राह्मण कुल में हुआ हो लेकिन उनके गुण क्षत्रियों की तरह थे। ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के पांच पुत्रों में से चौथे पुत्र परशुराम जी थे। गांव औंगद में स्थित श्री भगवान परशुराम सभा व समस्त ग्रामीणों द्वारा हवन कर भंडारे का आयोजन किया गया। मौके पर सरपंच प्रतिनिधि सियाराम शर्मा, आशु शर्मा, हरीश भार्गव, मोहित भार्गव, मुन्ना मिस्त्री, रामफल, अरविंद व प्रदीप राणा मौजूद रहे। संवाद
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भंडारा व मूर्ति की स्थापना

मूनक। भगवान परशुराम की जयंती पर हवन किया गया। वहीं, गांव पाढ़ा में भगवान परशुराम की मूर्ति की स्थापना की गई। पांच दिन मूर्ति की स्थापना के लिए मंत्र उच्चारण कर मूर्ति स्थापना की। महिलाओं कलश लेकर गांव के चारों ओर परिक्रमा कर भगवान परशुराम की शोभायात्रा निकाली। फिर गांव की सुख-शांति के लिए हवन कर भंडारे का आयोजन किया गया। मौके पर सरपंच प्रतिनिधि दीपक,राजेश आर्य, सियाराम ,जागे राम, रामफल, रमेश शर्मा, सुनील, राकेश शर्मा, राम गोपाल, कृष्ण शर्मा, सीमा, रीना ,संतरा व निर्मला मौजूद रहे। संवाद


भगवान परशुराम शक्ति, साहस के प्रतीक : कंबोज
इंद्री। मुखाला स्थित दून पब्लिक स्कूल में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव व अक्षय तृतीया पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर की गई। प्रिंसिपल अनु कंबोज ने कहा कि भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम जी ज्ञान, शक्ति, साहस के प्रतीक हैं। भगवान परशुराम महर्षि जमदग्नि और रेणुका के पुत्र और भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम जन्मोत्सव के दिन उनकी उपासना करने से साधक के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। मौके पर सुखदेव शर्मा, राम रतन, रविंद्र शर्मा, संदीप कुमार, निवेदिता, स्वीटी, नेहा शर्मा व सीमा रानी मौजूद रहे। संवाद
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