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गेहूं खरीद का सुबह बहिष्कार, शाम को एसोसिएशन दो फाड़
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हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पहले दिन सुबह से किसान तो अनाज मंडियों में पहुंचे, लेकिन आढ़तियों के प्रभाव में रहे। गेहूं को मंडियों में उतारा गया लेकिन डीएफएससी सहित खरीद एजेंसियों के अधिकारी किसानों की गेहूं की ढेरियों पर जाकर किसानों को तलाशते रहे पर किसान नहीं मिले, लेकिन शाम होते-होते आढ़ती एसोसिएशन दो फाड़ हो गई। उपायुक्त निशांत कुमार यादव पहुंचे तो एसोसिएशन के स्टेट चेयरमैन की अपनी प्रधानी वाली मंडी में ही दूसरा धड़ा खरीद बहिष्कार को तोड़कर गेहूं खरीद कराने को राजी हो गया। इसके साथ ही दर्जनों आढ़तियों ने गेहूं खरीद और तुलाई का कार्य शुरू करा दिया।
करनाल की नई अनाज मंडी में आढ़तियों के गेहूं खरीद बहिष्कार के समर्थन में सुबह सैकड़ों किसानों ने खरीद एजेंसियों के ढेरियों पर खरीद के लिए पहुंचने पर भी गेहूं बेचने से इनकार कर दिया। ऐसा पहली बार दिखा, जब डीएफएससी किसानों की ढेरियों पर किसानों को गेहूं खरीदने के लिए तलाशते दिखे। किसान गेहूं लाया तो बेचने के लिए ही, लेकिन फिर भी गेहूं बेचने व सीधे अपने खाते में भुगतान लेने से इनकार करते दिखे। डीएफएससी निशांत राठी, एसडीएम आयुष सिन्हा, मंडी सचिव सुरेंद्र सिंह आदि दिनभर घूमते रहे। इसी दौरान स्टेट चेयरमैन व करनाल पंचायत मंडी प्रधान रजनीश चौधरी के विरोधी धड़े करनाल नई अनाज मंडी पंचायत आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान धर्मबीर पाढ़ा ने अपने गुट के आढ़तियों की बैठक बुलाई। उसमें शुक्रवार को फिर बैठक बुलाकर अंतिम निर्णय लेना तय किया गया, लेकिन शाम को उपायुक्त निशांत कुमार यादव अधिकारियों के दलबल के साथ धर्मबीर पाढ़ा की दुकान नंबर 505 पर पहुंचे। उनसे बातचीत की तो धर्मबीर ने जिला प्रशासन का समर्थन करने का एलान करते हुए गेहूं खरीद करने व तुलाई करने पर सहमति व्यक्त कर दी। उपायुक्त ने बताया कि धर्मबीर पाढ़ा के नेतृत्व में 200 आढ़तियों ने गेहूं खरीद व तुलाई आदि का कार्य शुरू कर दिया है। इससे अनाज मंडी में गेहूं की खरीद तेजी के साथ शुरू हो गई है। इस मौके पर करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा, एसीयूटी नीरज कादियान, डीएफएससी निशांत राठी, डीएमईओ ईश्वर राणा, मंडी सचिव सुरेंद्र सिंह, मार्केट कमेटी कुंजपुरा के पूर्व चेयरमैन ईलम सिंह, खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि व गजे सिंह कुंडू, राजेंद्र राणा, रामपाल ढाकला, लेखराज, सुनील राणा, राजेंद्र कुंडू आदि आढ़ती व किसान मौजूद रहे।
प्रशासन ने गेहूं खरीद के लिए 180 डिपो होल्डर्स को भी मंडियों में उतारा
करनाल। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि मंडी में किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी, मानकों पर खरा उतरने वाली फसल का एक-एक दाना सरकारी खरीद एजेंसी खरीदेगी। इसके लिए करीब 180 डिपो होल्डर्स को खरीद लाइसेंस जारी करके गेहूं खरीद के लिए मंडियों में उतार दिया गया है। जिस मंडी में गेहूं खरीद व तुलाई को लेकर दिक्कत आएगी, वहां पर डिपो होल्डर्स गेहूं खरीद का कार्य करेंगे। करनाल अनाज मंडी में 35 डिपो होल्डर्स को मार्केट कमेटी ने लाइसेंस जारी किया है। इसके अलावा सभी चार एजेंसियां लगातार गेहूं खरीद कर रही हैं। लेबर की भी कोई दिक्कत नहीं है। अब तक 8800 क्विंटल की खरीद कर ली गई है। गेहूं का उठान रोज कराया जाएगा।
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किसानों के खाते में जारी किया 4.86 करोड़ रुपये का भुगतान
करनाल। हरियाणा सरकार ने इस सीजन का पहला गेहूं खरीद भुगतान 4.86 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खाते में जारी कर दिया है, जिससे कई किसान काफी खुश दिए।
करनाल अनाज मंडी में वीरवार को ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 48 घंटे के अंदर भुगतान देने का दावा करने के बावजूद भुगतान नहीं करने के मुद्दे पर हरियाणा सरकार को घेरा था, लेकिन शाम होते होते हरियाणा सरकार ने किसानों के खातों में गेहूं खरीद का पहला भुगतान 4.86 करोड़ रुपये जारी कर दिया है। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि किसानों के खातों में सीधे भुगतान पहुंचना शुरू हो गया है। 48 घंटे के अंदर भुगतान किसानों के खातों में लगातार पहुंचता रहेगा। उन्होंने आढ़ती एसोसिएशन से जुड़े अन्य वर्गों से भी अपील की कि वे प्रशासन व सरकार का गेहूं खरीद कार्य में सहयोग करें। इधर कुंजपुरा मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन ईलम सिंह ने बताया कि कुंजपुरा अनाज मंडी में बेचे गए गेहूं का 35 लाख रुपये का भुगतान किसानों के खातों में आ गया है।
-आज न्यू अनाज मंडी पंचायत आढ़ती एसोसिएशन की बैठक की गई थी। आढ़तियों से किसान सीधे जुड़े हुए हैं, हम किसानों को परेशान होते नहीं देख सकते हैं। गेहूं बिकना और उसका भुगतान मिलना बेहद आवश्यक है। पहले तो कल दोबारा बैठक करके निर्णय लेने की बात हुई थी लेकिन शाम तो उपायुक्त, एसडीएम, डीएफएससी आदि अधिकारियों ने किसानों की परेशानी बताते हुए सहयोग मांगा तो किसानों के हित में आढ़तियों ने गेहूं खरीद में सक्रिय भागीदारी करने, तुलाई, लदान आदि का कार्य करने का निर्णय लिया गया है।
-धर्मबीर पाढ़ा, प्रधान- न्यू पंचायत अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल।
-वीरवार को बारदाने की बड़ी दिक्कत रही, जिला प्रशासन को चाहिए कि सभी आढ़तियों को पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराए। सुबह से गेहूं खरीद में भाग नहीं लिया लेकिन शाम को हमारी एसोसिएशन ने जो निर्णय लिया है, उसके अनुसार कार्य शुरू कर दिया गया है। मंडी में साफ सफाई की भी बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
-रामपाल ढाकला, संरक्षक न्यू पंचायत अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल।
आढ़तियों का साथ देना हमारी मजबूरी:महतो
मजदूरों को आढ़ती ही बुलाते हैं, वही रहने खाने की व्यवस्था करते हैं, वही मजदूरी देते हैं, तो उनके विरोध में जाना हमारे लिए संभव नहीं है। हालांकि मजदूरी कम करने के मुद्दे को लेकर यूनियन ने 10 अप्रैल से हड़ताल पर जाने का एलान पहले से ही कर रखा है लेकिन आज आढ़तियों के सहयोग के कारण श्रमिकों ने गेहूं की उतराई तो की लेकिन तोल या लदान नहीं किया।
-राम कुमार महतो, प्रधान-भारतीय मजदूर संघ करनाल।
-मैं उत्तर प्रदेश से आया हूं, गेटपास तो मिल गया है, लेकिन गेहूं खरीद नहीं हो पा रही है। क्योंकि आढ़तियों की लेबर नहीं उतार रही है। आढ़ती भी गेहूं खरीदने से मना कर रहे हैं।
-हारून किसान ओदरी जिला शामली (यूपी)
-दुकान नंबर 182 पर ढेरी लगी है, डीएफएससी की टीम गेहूं खरीदने आई थी, लेकिन आढ़तियों की हड़ताल है, यदि मैं बिना आढ़ती के मर्जी के गेहूं बेचता हूं तो आढ़ती से हमेशा के लिए संबंध खराब हो जाएंगे, इसलिए मना कर दिया।
राजेश कुमार किसान रांवर
-सक्षम इंटरप्राइजेज की दुकान 160 पर गेहूं की ढेरी लगी थी, डीएफएससी की टीम पहुंची तो मैने अपना गेहूं बेच दिया। हालांकि आढ़तियों की हड़ताल थी लेकिन अब कब तक यहां गेहूं लेकर पड़ा रहता।
सुरेश कुमार किसान टपराना।
करनाल मंडी में आढ़तियों में टकराव की आशंका, पुलिस बल तैनात
करनाल। हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के गेहूं खरीद के बहिष्कार के एलान के बीच करीब पांच सौ से अधिक आढ़तियों वाली करनाल नई अनाज मंडी में एक धड़े के अलग होकर खरीद शुरू कर देने के बाद यहां जिला प्रशासन को टकराव की आशंका है। एहतियात के तौर पर अनाज मंडी में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी करनाल अनाज मंडी पंचायत के भी प्रधान हैं। जिस बैठक में प्रदेशभर में गेहूं खरीद के बहिष्कार का निर्णय लिया गया, उस प्रदेशस्तरीय बैठक के संयोजक भी थे, लेकिन उन्हीं की अपनी अनाज मंडी में एसोसिएशन के दो फाड़ हो जाने और एक धड़े द्वारा एसोसिएशन के निर्णय से बाहर जाकर खरीद शुरू कर देने के बाद अनाज मंडी में आढ़तियों में टकराव के हालात उत्पन्न होने की आशंका है। पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया ने बताया कि किसी तरह का कोई तनाव नहीं है। गेहूं खरीद चल रही है, जिसे देखते हुए एहतियात के तौर पर अनाज मंडी में पुलिस बल तैनात किया गया है।
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करनाल की नई अनाज मंडी में आढ़तियों के गेहूं खरीद बहिष्कार के समर्थन में सुबह सैकड़ों किसानों ने खरीद एजेंसियों के ढेरियों पर खरीद के लिए पहुंचने पर भी गेहूं बेचने से इनकार कर दिया। ऐसा पहली बार दिखा, जब डीएफएससी किसानों की ढेरियों पर किसानों को गेहूं खरीदने के लिए तलाशते दिखे। किसान गेहूं लाया तो बेचने के लिए ही, लेकिन फिर भी गेहूं बेचने व सीधे अपने खाते में भुगतान लेने से इनकार करते दिखे। डीएफएससी निशांत राठी, एसडीएम आयुष सिन्हा, मंडी सचिव सुरेंद्र सिंह आदि दिनभर घूमते रहे। इसी दौरान स्टेट चेयरमैन व करनाल पंचायत मंडी प्रधान रजनीश चौधरी के विरोधी धड़े करनाल नई अनाज मंडी पंचायत आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान धर्मबीर पाढ़ा ने अपने गुट के आढ़तियों की बैठक बुलाई। उसमें शुक्रवार को फिर बैठक बुलाकर अंतिम निर्णय लेना तय किया गया, लेकिन शाम को उपायुक्त निशांत कुमार यादव अधिकारियों के दलबल के साथ धर्मबीर पाढ़ा की दुकान नंबर 505 पर पहुंचे। उनसे बातचीत की तो धर्मबीर ने जिला प्रशासन का समर्थन करने का एलान करते हुए गेहूं खरीद करने व तुलाई करने पर सहमति व्यक्त कर दी। उपायुक्त ने बताया कि धर्मबीर पाढ़ा के नेतृत्व में 200 आढ़तियों ने गेहूं खरीद व तुलाई आदि का कार्य शुरू कर दिया है। इससे अनाज मंडी में गेहूं की खरीद तेजी के साथ शुरू हो गई है। इस मौके पर करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा, एसीयूटी नीरज कादियान, डीएफएससी निशांत राठी, डीएमईओ ईश्वर राणा, मंडी सचिव सुरेंद्र सिंह, मार्केट कमेटी कुंजपुरा के पूर्व चेयरमैन ईलम सिंह, खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि व गजे सिंह कुंडू, राजेंद्र राणा, रामपाल ढाकला, लेखराज, सुनील राणा, राजेंद्र कुंडू आदि आढ़ती व किसान मौजूद रहे।
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प्रशासन ने गेहूं खरीद के लिए 180 डिपो होल्डर्स को भी मंडियों में उतारा
करनाल। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि मंडी में किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी, मानकों पर खरा उतरने वाली फसल का एक-एक दाना सरकारी खरीद एजेंसी खरीदेगी। इसके लिए करीब 180 डिपो होल्डर्स को खरीद लाइसेंस जारी करके गेहूं खरीद के लिए मंडियों में उतार दिया गया है। जिस मंडी में गेहूं खरीद व तुलाई को लेकर दिक्कत आएगी, वहां पर डिपो होल्डर्स गेहूं खरीद का कार्य करेंगे। करनाल अनाज मंडी में 35 डिपो होल्डर्स को मार्केट कमेटी ने लाइसेंस जारी किया है। इसके अलावा सभी चार एजेंसियां लगातार गेहूं खरीद कर रही हैं। लेबर की भी कोई दिक्कत नहीं है। अब तक 8800 क्विंटल की खरीद कर ली गई है। गेहूं का उठान रोज कराया जाएगा।
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किसानों के खाते में जारी किया 4.86 करोड़ रुपये का भुगतान
करनाल। हरियाणा सरकार ने इस सीजन का पहला गेहूं खरीद भुगतान 4.86 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खाते में जारी कर दिया है, जिससे कई किसान काफी खुश दिए।
करनाल अनाज मंडी में वीरवार को ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 48 घंटे के अंदर भुगतान देने का दावा करने के बावजूद भुगतान नहीं करने के मुद्दे पर हरियाणा सरकार को घेरा था, लेकिन शाम होते होते हरियाणा सरकार ने किसानों के खातों में गेहूं खरीद का पहला भुगतान 4.86 करोड़ रुपये जारी कर दिया है। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि किसानों के खातों में सीधे भुगतान पहुंचना शुरू हो गया है। 48 घंटे के अंदर भुगतान किसानों के खातों में लगातार पहुंचता रहेगा। उन्होंने आढ़ती एसोसिएशन से जुड़े अन्य वर्गों से भी अपील की कि वे प्रशासन व सरकार का गेहूं खरीद कार्य में सहयोग करें। इधर कुंजपुरा मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन ईलम सिंह ने बताया कि कुंजपुरा अनाज मंडी में बेचे गए गेहूं का 35 लाख रुपये का भुगतान किसानों के खातों में आ गया है।
-आज न्यू अनाज मंडी पंचायत आढ़ती एसोसिएशन की बैठक की गई थी। आढ़तियों से किसान सीधे जुड़े हुए हैं, हम किसानों को परेशान होते नहीं देख सकते हैं। गेहूं बिकना और उसका भुगतान मिलना बेहद आवश्यक है। पहले तो कल दोबारा बैठक करके निर्णय लेने की बात हुई थी लेकिन शाम तो उपायुक्त, एसडीएम, डीएफएससी आदि अधिकारियों ने किसानों की परेशानी बताते हुए सहयोग मांगा तो किसानों के हित में आढ़तियों ने गेहूं खरीद में सक्रिय भागीदारी करने, तुलाई, लदान आदि का कार्य करने का निर्णय लिया गया है।
-धर्मबीर पाढ़ा, प्रधान- न्यू पंचायत अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल।
-वीरवार को बारदाने की बड़ी दिक्कत रही, जिला प्रशासन को चाहिए कि सभी आढ़तियों को पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराए। सुबह से गेहूं खरीद में भाग नहीं लिया लेकिन शाम को हमारी एसोसिएशन ने जो निर्णय लिया है, उसके अनुसार कार्य शुरू कर दिया गया है। मंडी में साफ सफाई की भी बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
-रामपाल ढाकला, संरक्षक न्यू पंचायत अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल।
आढ़तियों का साथ देना हमारी मजबूरी:महतो
मजदूरों को आढ़ती ही बुलाते हैं, वही रहने खाने की व्यवस्था करते हैं, वही मजदूरी देते हैं, तो उनके विरोध में जाना हमारे लिए संभव नहीं है। हालांकि मजदूरी कम करने के मुद्दे को लेकर यूनियन ने 10 अप्रैल से हड़ताल पर जाने का एलान पहले से ही कर रखा है लेकिन आज आढ़तियों के सहयोग के कारण श्रमिकों ने गेहूं की उतराई तो की लेकिन तोल या लदान नहीं किया।
-राम कुमार महतो, प्रधान-भारतीय मजदूर संघ करनाल।
-मैं उत्तर प्रदेश से आया हूं, गेटपास तो मिल गया है, लेकिन गेहूं खरीद नहीं हो पा रही है। क्योंकि आढ़तियों की लेबर नहीं उतार रही है। आढ़ती भी गेहूं खरीदने से मना कर रहे हैं।
-हारून किसान ओदरी जिला शामली (यूपी)
-दुकान नंबर 182 पर ढेरी लगी है, डीएफएससी की टीम गेहूं खरीदने आई थी, लेकिन आढ़तियों की हड़ताल है, यदि मैं बिना आढ़ती के मर्जी के गेहूं बेचता हूं तो आढ़ती से हमेशा के लिए संबंध खराब हो जाएंगे, इसलिए मना कर दिया।
राजेश कुमार किसान रांवर
-सक्षम इंटरप्राइजेज की दुकान 160 पर गेहूं की ढेरी लगी थी, डीएफएससी की टीम पहुंची तो मैने अपना गेहूं बेच दिया। हालांकि आढ़तियों की हड़ताल थी लेकिन अब कब तक यहां गेहूं लेकर पड़ा रहता।
सुरेश कुमार किसान टपराना।
करनाल मंडी में आढ़तियों में टकराव की आशंका, पुलिस बल तैनात
करनाल। हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के गेहूं खरीद के बहिष्कार के एलान के बीच करीब पांच सौ से अधिक आढ़तियों वाली करनाल नई अनाज मंडी में एक धड़े के अलग होकर खरीद शुरू कर देने के बाद यहां जिला प्रशासन को टकराव की आशंका है। एहतियात के तौर पर अनाज मंडी में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी करनाल अनाज मंडी पंचायत के भी प्रधान हैं। जिस बैठक में प्रदेशभर में गेहूं खरीद के बहिष्कार का निर्णय लिया गया, उस प्रदेशस्तरीय बैठक के संयोजक भी थे, लेकिन उन्हीं की अपनी अनाज मंडी में एसोसिएशन के दो फाड़ हो जाने और एक धड़े द्वारा एसोसिएशन के निर्णय से बाहर जाकर खरीद शुरू कर देने के बाद अनाज मंडी में आढ़तियों में टकराव के हालात उत्पन्न होने की आशंका है। पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया ने बताया कि किसी तरह का कोई तनाव नहीं है। गेहूं खरीद चल रही है, जिसे देखते हुए एहतियात के तौर पर अनाज मंडी में पुलिस बल तैनात किया गया है।