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Karnal News: सरपंच के आधार कार्ड व जमीन की फर्द पर जमानत करवाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2026 02:31 AM IST
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Bail was obtained on the basis of the Sarpanch's Aadhar card and land deed.
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। काछवा गांव के सरपंच अजय के नाम से फर्जी तरीके से अदालत में पेश होकर अज्ञात आरोपी ने एनडीपीएस मामले में आरोपी की जमानत करवा दी। सरपंच के दस्तावेज का इस्तेमाल कर 50 हजार रुपये की जमानत भरवाई। इसकी एंट्री राजस्व रिकॉर्ड में भी कर दी गई। हल्का पटवारी ने जब इस बारे में सरपंच को बताया तो फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। पुलिस ने अदालत के आदेश पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी सहित अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
गांव काछवा के अजय ने अदालत में दायर किए आवेदन में बताया कि उनके नाम पर गांव की वर्ष 2016-17 की जमानतबंदी के मुताबिक कृषि भूमि का एक तिहाई हिस्सा दर्ज है। 26 नवंबर, 2019 को गांव के हलका पटवारी ने उन्हें बताया था कि उन्होंने नशीले पदार्थ के मामले में आरोपी ब्रह्मदेव यादव की जमानत ली है। अदालत के आदेश में पर राजस्व रिकॉर्ड में यह एंट्री जा रही है। अजय ने बताया कि वह कभी भी अदालत में जमानत के लिए पेश ही नहीं हुए। इसके बाद अजय ने अदालत में अपनी शिकायत का आवेदन किया।
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अजय ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी जांच में सामने आया कि आरोपी कर्ण विहार निवासी ब्रह्मदेव ने किसी मेजर सिंह के नामक के व्यक्ति को अजय बनाकर अदालत में पेश किया। इसने अजय के नाम का आधार कार्ड और जमाबंदी की कॉपी लगाई और 50 हजार रुपये का जमानत बांड भर दिया। अजय ने स्पष्ट कहा कि उसने कभी किसी कोर्ट में पेश होकर जमानत बांड नहीं भरा और न ही ब्रह्मदेव या किसी अन्य व्यक्ति के पक्ष में जमानत दी।
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मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-प्रथम करनाल जसबीर सिंह कुंडू की अदालत में हुई। रिकॉर्ड देखने पर पाया कि 5 नवंबर, 2019 को पारित आदेश के अनुसार छह नवंबर 2019 को 50 हजार रुपये का जमानत बांड जमा हुआ था। अदालत ने माना कि अजय के नाम से कोई काल्पनिक या फर्जी व्यक्ति अदालत में पेश हुआ और जमानत दी गई है। 17 सितंबर 2025 को अदालत ने आदेश दिया कि पूरे मामले की गहन जांच की जाए। आवेदन की कॉपी थाना सिविल लाइन प्रभारी को भेजी जाए और इसे शिकायत मानकर कार्रवाई की जाए। अदालत के आपराधिक अहलमद को निर्देश दिए गए कि जमानत बांड, शपथ पत्र और आधार कार्ड की कॉपियां भी पुलिस को भेजी जाए। अदालत के आदेश के बाद थाना सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, झूठा सबूत देने और आपराधिक साजिश सहित बीएनएस की अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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एक किलो 155 ग्राम गांजा के साथ पकड़ा था आरोपी
एक अक्तूबर, 2019 को थाना सेक्टर-32/33 में एनडीपीएस अधिनियम की धारा में एक प्राथमिकी दर्ज हुई थी। मामले में कर्ण विहार इलाके से बिहार राज्य के जुमेरिया गांव निवासी ब्रह्मदेव यादव को पकड़ा था। वह कर्ण विहार में किराये पर रह रहा था। तलाशी में आरोपी से 1.155 किलोग्राम गांजा पत्ती बरामद हुई थी। आरोप है कि आरोपी ब्रह्मदेव ने मेजर सिंह नामक व्यक्ति को अजय बनाकर अदालत में पेश किया।
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