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अंबाला रोड पर शीघ्र मिलेगी हादसों से मुक्ति
अमर उजाला, कैथ्ाल
Updated Sat, 14 Dec 2013 11:37 PM IST
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कैथल में लंबे समय से कैथल सहित कई जिलों के लोगों के लिए परेशानी का सबब बने राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 65 के कैथल से अंबाला तक के मुख्य मार्ग के फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य करीब पूरा हो गया है। कैथल और अंबाला जिलों में इस मार्ग के चौड़ा करने और डिवाइडर के साथ फोरलेन बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण की अधिसूूचना जारी हो चुकी है। कुछ दिनों में कुरुक्षेत्र जिले में आने वाले रोड के लिए भी जमीन की भी अधिसूचना जारी हो सकती है। इसके साथ ही इसका निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सकता है।
खतरनाक मानी जाती है सड़क
जीटी रोड के बाद हरियाणा में सबसे लंबे हिसार-चंडीगढ़ मार्ग में कैथल से अंबाला रोड को सबसे खतरनाक सड़क माना जाता है। इस सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां हर साल सैकड़ों लोग सड़क हादसों में जान गंवाते हैं। हिसार, जींद, भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद, राजस्थान के अलवर, सीकर, सरदारपुर शहर, गंगानगर सहित दूर-दराज से यातायात के साधन इस मार्ग से होकर गुजरते हैं। जिस कारण यह किसी ने किसी रूप से करीब पूरे प्रदेश में जीटी रोड के बाद चंडीगढ़ तक पहुंचने का यही रास्ता है। इसकी कम चौड़ाई और यातायात अधिक होने के कारण इसके पुनर्निर्माण की मांग लगभग एक दशक से भी ज्यादा समय से चली आ रही है।
सात सौ चौबीस करोड़ का खर्च
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से 724 करोड़ की लागत से कैथल के गांव तितरम मोड़ से अंबाला तक 94 किलोमीटर की इस सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा। जिसमें कैथल में तितरम मोड से क्योड़क तक बाईपास के साथ-साथ पिहोवा, ईस्माइलाबाद, अंबाला बाईपास सहित दो बड़े गांवों में भी बाईपास बनाया जाएगा।
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जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी
लोकनिर्माण एवं उद्योग मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि इस मार्ग के लिए कैथल एवं अंबाला जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब किसानों को इसका भुगतान किया जाएगा। कुछ दिनों में कुरुक्षेत्र जिले के लिए भी अधिसूचना जारी हो जाएगी। इसके बाद करीब एक माह में इसका निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसके बन जाने से सड़क हादसों में कमी के साथ-साथ यातायात सुगम होगा तथा विकास एवं रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
अठारह किलोमीटर लंबा होगा बाईपास
एनएचएआई से मिली जानकारी के अनुसार कहा कि कैथल में 18 किलोमीटर का बाईपास बनाया जाएगा। जो गांव तितरम, प्यौदा, हरसौला, नरड़, ग्योंग, उझाना, क्योड़क सहित ढांड तहसील के एक गांव की जमीन से होकर गुजरेगा।
कोठपुतनी अंबाला कॉरिडोर के लिए भी कार्रवाई
मंत्री ने कहा कि कोठपुतली से अंबाला कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। यह कॉरिडोर 1300 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर के बनने से व्यापार के लिए कैथल भी प्रमुख केंद्रों में शामिल होगा। भारत सरकार की ओर से कोलकाता से अमृतसर अलग तक राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जाएगा। कोलकाता से अमृतसर तक इस बड़ी परियोजना से भारत के प्रमुख नगरों से यातायात के लिए एक और मार्ग मिलने से व्यापार को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त होगा।
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खतरनाक मानी जाती है सड़क
जीटी रोड के बाद हरियाणा में सबसे लंबे हिसार-चंडीगढ़ मार्ग में कैथल से अंबाला रोड को सबसे खतरनाक सड़क माना जाता है। इस सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां हर साल सैकड़ों लोग सड़क हादसों में जान गंवाते हैं। हिसार, जींद, भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद, राजस्थान के अलवर, सीकर, सरदारपुर शहर, गंगानगर सहित दूर-दराज से यातायात के साधन इस मार्ग से होकर गुजरते हैं। जिस कारण यह किसी ने किसी रूप से करीब पूरे प्रदेश में जीटी रोड के बाद चंडीगढ़ तक पहुंचने का यही रास्ता है। इसकी कम चौड़ाई और यातायात अधिक होने के कारण इसके पुनर्निर्माण की मांग लगभग एक दशक से भी ज्यादा समय से चली आ रही है।
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सात सौ चौबीस करोड़ का खर्च
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से 724 करोड़ की लागत से कैथल के गांव तितरम मोड़ से अंबाला तक 94 किलोमीटर की इस सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा। जिसमें कैथल में तितरम मोड से क्योड़क तक बाईपास के साथ-साथ पिहोवा, ईस्माइलाबाद, अंबाला बाईपास सहित दो बड़े गांवों में भी बाईपास बनाया जाएगा।
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जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी
लोकनिर्माण एवं उद्योग मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि इस मार्ग के लिए कैथल एवं अंबाला जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब किसानों को इसका भुगतान किया जाएगा। कुछ दिनों में कुरुक्षेत्र जिले के लिए भी अधिसूचना जारी हो जाएगी। इसके बाद करीब एक माह में इसका निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसके बन जाने से सड़क हादसों में कमी के साथ-साथ यातायात सुगम होगा तथा विकास एवं रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
अठारह किलोमीटर लंबा होगा बाईपास
एनएचएआई से मिली जानकारी के अनुसार कहा कि कैथल में 18 किलोमीटर का बाईपास बनाया जाएगा। जो गांव तितरम, प्यौदा, हरसौला, नरड़, ग्योंग, उझाना, क्योड़क सहित ढांड तहसील के एक गांव की जमीन से होकर गुजरेगा।
कोठपुतनी अंबाला कॉरिडोर के लिए भी कार्रवाई
मंत्री ने कहा कि कोठपुतली से अंबाला कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। यह कॉरिडोर 1300 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर के बनने से व्यापार के लिए कैथल भी प्रमुख केंद्रों में शामिल होगा। भारत सरकार की ओर से कोलकाता से अमृतसर अलग तक राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जाएगा। कोलकाता से अमृतसर तक इस बड़ी परियोजना से भारत के प्रमुख नगरों से यातायात के लिए एक और मार्ग मिलने से व्यापार को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त होगा।