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एडेड स्कूल में नहीं दी जाती फीस रसीद

Thu, 30 Jan 2014 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल Updated Thu, 30 Jan 2014 01:22 AM IST
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 Aided schools are not in receipt of fees
शहर के एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बच्चों से वसूली जा रही फीस की रसीदें नहीं काटी जा रही हैं। इससे सरकार को तो चूना लगाया ही जा रहा है, साथ ही अभिभावकों को भी अंधेरे में रखकर फीस वसूली जा रही है।
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यह स्कूल सरकार से मान्यता प्राप्त है और फीस और खर्चे के हिसाब-किताब का ऑडिट सरकार कराती है। लगातार पांच साल से ऑडिट में यह गड़बड़ी पकड़ी भी जाती रही है, लेकिन स्कूल प्रशासन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। यह खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट राजेश शर्मा की ओर से मांगी गई जानकारी में हुआ।
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रेलवे रोड स्थित एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पिछले कई सालों से बच्चों से ली जाने वाली फीस की रसीदें नहीं काटी जा रही हैं। रसीदें नहीं काटना एक घोटाले की तरफ इशारा कर रहा है।
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आरटीआई के तहत मिली ऑडिट रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संचालक पिछले कई सालों से बच्चों की स्कूल की फीस की रसीद नहीं काट रहे हैं और ऑडिट विभाग यह ऑब्जेक्शन पिछले पांच सालों से लगातार लगा रहा है, लेकिन इसके बावजूद भी हर साल संबंधित स्कूल पर प्रशासन ने आज तक किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की।

यह मामला संबंधित विभाग के संज्ञान में भी है, लेकिन कोई ठोस कदम आज तक नहीं उठाए जा रहे। सरकारी स्कूलों में बच्चों की दसवीं, ग्यारहवीं, बारहवीं की फीस लगभग 100 रुपये प्रतिमाह है, लेकिन एसडी स्कूल द्वारा रसीदें न काटना इसकी तरफ इशारा कर रहा है कि कहीं न कहीं बच्चों से ज्यादा फीस वसूली जा रही है।

विजिलेंस जांच की मांग
एडवोकेट राजेश शर्मा का कहना है किएसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल एक संस्था की ओर से चलाया जा रहा है। इसमें शहर के जाने-माने लोग सदस्य हैं, लेकिन स्कूल की अव्यवस्थाओं की तरफ उनका कोई ध्यान नहीं है।


कहीं न कहीं, यदि स्कूल में अव्यवस्थाएं उजागर होती हैं तो सभी सदस्यों की इसके प्रति जवाबदेही होगी। इसकी विजिलेंस जांच होनी चाहिए और इस बारे में जल्द ही विजिलेंस कमिश्नर को पत्र लिखा जाएगा ताकि कहीं न कहीं बच्चों और अभिभावकों का शोषण हो रहा हो तो वो बात सामने आए।


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