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इंजीनियर युवक की हत्या के बाद कुटेल में मचा बवाल
घरौंडा
Updated Tue, 17 Dec 2013 10:05 PM IST
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घरौंडा में गांव कुटेल में एक इंजीनियर युवक की हत्या के बाद गांव में बड़ा बवाल मच गया। कुछ लोगों ने आरोपी पक्ष के एक कमरे में आग लगा दी और जमकर तोड़फोड़ की।
तोड़फोड़ के दौरान एक वाहन को भी क्षति पहुंचाई गई। घटना के बाद गांव में पूरा तनाव बना हुआ है। गांव में शांति बनाए रखने के लिहाज से जिला पुलिस प्रशासन ने गांव के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। गांव में आगजनी और तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही उपायुक्त विकास यादव, एसपी शशांक आनंद, डीएसपी जोगेंद्र राठी, एसडीएम मुकुल कुमार, तहसीलदार हरीओम अत्री व डीआरओ दलेल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
युवक की हत्या का मामला सामने आने के बाद मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव के लोगों ने मंगलवार सुबह आठ बजे ही आरोपी पक्ष के लोगों के घरों में तोड़फोड़ कर डाली। इस दौरान एक मकान में आग लगा दी गई। मकान में पड़ा कुछ सामान जलकर राख हो गया।
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तोड़फोड़ के दौरान एक गाड़ी को भी क्षति पहुंचाई गई। चर्चा रही कि एक धार्मिक स्थल की दीवार को भी क्षति पहुंचाई गई लेकिन इसकी आधिकारिक तौर पर किसी ने पुष्टि नहीं की। गांव के पंचायत भवन में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। ग्रामीणों की ओर सरपंच कृष्ण कुमार ने गांव में शांति रखने का आश्वासन दिया।
जिला पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि इंजीनियर के शव को तलाशने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी लेकिन पूरे मामले में प्रशासन का सहयोग करें। पूरा प्रशासन गांव में आया हुआ है किसी भी ग्रामीण को कोई शिकायत है तो वह रख सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इंजीनियर के शव को जल्द से ढूंढा जाएं और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
पीड़ितों को दी सांत्वना
जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक मृतक इंजीनियर रविंद्र कुमार के घर पर सांत्वना देने पहुंचे। प्रशासन ने मृतक के पिता देशराज से पूरे मामले की जानकारी हासिल की। मौके पर मौजूद प्रशासन ने परिवारों के लोगों को आश्वासन दिया कि किसी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा लेकिन गांव में शांति का माहौल बनाए रखें।
प्रशासन की और से डीएसपी जोगिंद्र राठी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और जो भी उन्होंने लोकेशन बताई है, वहां पर पुलिस के साथ दूसरे अधिकारी कार्रवाई में जुटे हुए हैं। शव को ढूंढने के लिए गोताखोर नहर में जुटे हुए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी की बहकावे में न आकर प्रशासन का सहयोग करें।
रंजिशन की गई हत्या
मृतक रविंद्र के पिता देशराज ने बताया कि रविंद्र कुमार ने सोनीपत एक निजी कॉलेज से बीटेक पास कर ली थी और गुड़गांव में एक निजी कंपनी में सोमवार को ज्वाइनिंग के लिए जाना था। 13 दिसंबर की रात को किसी का फोन रविंद्र के मोबाइल पर आया और वह रात को ही घर से चला गया लेकिन नहीं लौटा। अगले दिन रविंद्र की तलाश की गई लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
बाद में परिवारजनों ने शक के आधार पर गांव के ही लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाकर मधुबन पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। बाद में आरोपियों ने रविंद्र कुमार की हत्या कर शव को नहर में फेंकने की बात कबूल ली। रविंद्र के शव को ढूंढने के लिए गोताखोर दो दिन से नहर में जुटे हुए हैं लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।
ग्रामीणों को जैसे ही इंजीनियर की हत्या कर शव को नहर में फेंकने की सूचना मिली तो गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आरोपियों के घरों पर जमकर तोड़फोड़ की। मृतक के पिता देशराज ने बताया कि आरोपी पक्ष उनके बाड़े के पास ही रहता है और डेढ़ साल पहले पानी के लिए कहासुनी हुई थी, जिसकी रंजिश में उन लोगों ने रविंद्र की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया। उनकी प्रशासन से कोई नाराजगी नहीं है और पूरा सहयोग देने की बात कहीं लेकिन उन्होंने शव को जल्द ढूंढने की बात कही।
आरोपी पक्ष पूरी तरह सहमा
एसडीएम मुकुल कुमार और डीएसपी जोगेंद्र राठी मामले पर नजर रखने के लिए गांव में ही पुलिस बल के साथ डटे हैं। एसडीएम मुकुल कुमार ने बताया कि गांव में कुछ शरारती तत्वों ने कई जगहों पर तोड़फोड़ कर दी थी लेकिन अब गांव में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया है। चप्पे चप्पे पर पैनी नजर है। गांव में आरोपियों के परिवारों के साथ-साथ पुलिस की जिप्सियां तैनात कर दी गई हैं। गांव में अभी भी पूरी तरह से तनाव की स्थिति बनीं हुई है। गांव को पूरी तरह से पुलिस छावनी बना दिया गया है। आरोपी पक्ष पूरी तरह से सहमा हुआ है और काफी लोग में नजर नहीं आए।
मामले की गहनता से हो जांच
हरियाणा मुस्लिम खिदमत सभा के स्टेट चीफ कोऑर्डिनेटर एडवोकेट मोहम्मद रफीक चौहान ने इस मामले की कडे़ शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में गांव कुटेल का एक परिवार प्रभावित हुआ है। इस परिवार के लोगों के अनुसार उन्हें बताया गया है कि युवक घटना की रात को आरोपियों के घर आया था। युवक ने ज्यादती करने का प्रयास किया।
शोर सुनकर आरोपी पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए। इन लोगोें ने युवक की पिटाई कर दी। पिटाई के दौरान युवक की मौत हो गई। इस मामले में कुछ शरारती तत्वों ने उन लोगों के घरों में तोड़फोड़ कर दी। एक मकान में आग लगा दी गई। लोग सहम गए हैं। डर के मारे इन परिवारों के काफी लोग गांव से फरार हो गए हैं और महिलाए वहां बची हैं। सभा का प्रशासन से आग्रह है कि इस मामले में पूरी तरह निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
दहेज हत्या के आरोप में तीन काबू
करनाल में विवाहिता की संदिग्ध मौत होने पर पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत पर पति व ससुर सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद तीन आरोपियाें को गिरफ्तार कर लिया है।
लाइन पार क्षेत्र के गांधी नगर के गली नंबर दस में रहने वाली 26 वर्षीय ममता की सोमवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि ममता के पिता पानीपत निवासी नेमचंद ने आरोप लगाया कि शादी के दौरान अधिक दहेज नहीं मिलने से हताश ससुराल पक्ष के लोगों ने उसकी बेटी की हत्या करने के बाद शव को फंदे पर लटकाया है।
नेमचंद ने बताया कि 12 मई को उन्होंने अपनी बेटी ममता की शादी गांधी नगर के मनोज कुमार से की थी। शादी के करीब डेढ़ माह बाद ममता के ससुराल पक्ष के लोग उसे अधिक दहेज के लिए प्रताड़ित करने लग गए थे, जिसके चलते ममता एक महीने तक अपने मायके में रही। एक महीने बाद ममता को समझा बुझाकर उसके ससुराल भेज दिया। ससुराल से 20 दिन बाद ममता ने फोन कर पिता नेमचंद को बताया कि उसे फिर से प्रताड़ित किया जा रहा है लेकिन पिता के दिलासे के बाद ममता ससुराल में रहने लगी।
नेमचंद ने बताया कि रविवार को ममता का भाई नई कार लेने के बाद अपनी बहन से टीका कराने के लिए करनाल आया था। टीके के दौरान ममता के पति मनोज व सास सावित्री ने उस पर ताने कसे, जिससे ममता के घर पर दोबारा कलह शुरू हो गई। नेमचंद ने आरोप लगाया कि रविवार रात को ममता से मारपीट करने के बाद सोमवार को भी दिनभर उससे मारपीट की गई।
सोमवार रात ममता का गला दबाकर उसकी हत्या की गई है। ममता के गले पर रगड़ का निशान है और ममता के पांव पर भी हत्या करने के बाद घसीटने के निशान मिले हैं। पुलिस ने पिता नेमचंद की शिकायत पर पति मनोज, सास सावित्री, ससुर रतिराम व ननद सुषमा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
राम नगर चौकी प्रभारी ने बताया कि पति मनोज, सास सावित्री व ससुर रतिराम को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले के चौथे आरोपी की तलाश में छापामारी जारी है।
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तोड़फोड़ के दौरान एक वाहन को भी क्षति पहुंचाई गई। घटना के बाद गांव में पूरा तनाव बना हुआ है। गांव में शांति बनाए रखने के लिहाज से जिला पुलिस प्रशासन ने गांव के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। गांव में आगजनी और तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही उपायुक्त विकास यादव, एसपी शशांक आनंद, डीएसपी जोगेंद्र राठी, एसडीएम मुकुल कुमार, तहसीलदार हरीओम अत्री व डीआरओ दलेल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
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युवक की हत्या का मामला सामने आने के बाद मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव के लोगों ने मंगलवार सुबह आठ बजे ही आरोपी पक्ष के लोगों के घरों में तोड़फोड़ कर डाली। इस दौरान एक मकान में आग लगा दी गई। मकान में पड़ा कुछ सामान जलकर राख हो गया।
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जिला पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि इंजीनियर के शव को तलाशने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी लेकिन पूरे मामले में प्रशासन का सहयोग करें। पूरा प्रशासन गांव में आया हुआ है किसी भी ग्रामीण को कोई शिकायत है तो वह रख सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इंजीनियर के शव को जल्द से ढूंढा जाएं और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
पीड़ितों को दी सांत्वना
जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक मृतक इंजीनियर रविंद्र कुमार के घर पर सांत्वना देने पहुंचे। प्रशासन ने मृतक के पिता देशराज से पूरे मामले की जानकारी हासिल की। मौके पर मौजूद प्रशासन ने परिवारों के लोगों को आश्वासन दिया कि किसी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा लेकिन गांव में शांति का माहौल बनाए रखें।
प्रशासन की और से डीएसपी जोगिंद्र राठी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और जो भी उन्होंने लोकेशन बताई है, वहां पर पुलिस के साथ दूसरे अधिकारी कार्रवाई में जुटे हुए हैं। शव को ढूंढने के लिए गोताखोर नहर में जुटे हुए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी की बहकावे में न आकर प्रशासन का सहयोग करें।
रंजिशन की गई हत्या
मृतक रविंद्र के पिता देशराज ने बताया कि रविंद्र कुमार ने सोनीपत एक निजी कॉलेज से बीटेक पास कर ली थी और गुड़गांव में एक निजी कंपनी में सोमवार को ज्वाइनिंग के लिए जाना था। 13 दिसंबर की रात को किसी का फोन रविंद्र के मोबाइल पर आया और वह रात को ही घर से चला गया लेकिन नहीं लौटा। अगले दिन रविंद्र की तलाश की गई लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
बाद में परिवारजनों ने शक के आधार पर गांव के ही लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाकर मधुबन पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। बाद में आरोपियों ने रविंद्र कुमार की हत्या कर शव को नहर में फेंकने की बात कबूल ली। रविंद्र के शव को ढूंढने के लिए गोताखोर दो दिन से नहर में जुटे हुए हैं लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।
ग्रामीणों को जैसे ही इंजीनियर की हत्या कर शव को नहर में फेंकने की सूचना मिली तो गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आरोपियों के घरों पर जमकर तोड़फोड़ की। मृतक के पिता देशराज ने बताया कि आरोपी पक्ष उनके बाड़े के पास ही रहता है और डेढ़ साल पहले पानी के लिए कहासुनी हुई थी, जिसकी रंजिश में उन लोगों ने रविंद्र की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया। उनकी प्रशासन से कोई नाराजगी नहीं है और पूरा सहयोग देने की बात कहीं लेकिन उन्होंने शव को जल्द ढूंढने की बात कही।
आरोपी पक्ष पूरी तरह सहमा
एसडीएम मुकुल कुमार और डीएसपी जोगेंद्र राठी मामले पर नजर रखने के लिए गांव में ही पुलिस बल के साथ डटे हैं। एसडीएम मुकुल कुमार ने बताया कि गांव में कुछ शरारती तत्वों ने कई जगहों पर तोड़फोड़ कर दी थी लेकिन अब गांव में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया है। चप्पे चप्पे पर पैनी नजर है। गांव में आरोपियों के परिवारों के साथ-साथ पुलिस की जिप्सियां तैनात कर दी गई हैं। गांव में अभी भी पूरी तरह से तनाव की स्थिति बनीं हुई है। गांव को पूरी तरह से पुलिस छावनी बना दिया गया है। आरोपी पक्ष पूरी तरह से सहमा हुआ है और काफी लोग में नजर नहीं आए।
मामले की गहनता से हो जांच
हरियाणा मुस्लिम खिदमत सभा के स्टेट चीफ कोऑर्डिनेटर एडवोकेट मोहम्मद रफीक चौहान ने इस मामले की कडे़ शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में गांव कुटेल का एक परिवार प्रभावित हुआ है। इस परिवार के लोगों के अनुसार उन्हें बताया गया है कि युवक घटना की रात को आरोपियों के घर आया था। युवक ने ज्यादती करने का प्रयास किया।
शोर सुनकर आरोपी पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए। इन लोगोें ने युवक की पिटाई कर दी। पिटाई के दौरान युवक की मौत हो गई। इस मामले में कुछ शरारती तत्वों ने उन लोगों के घरों में तोड़फोड़ कर दी। एक मकान में आग लगा दी गई। लोग सहम गए हैं। डर के मारे इन परिवारों के काफी लोग गांव से फरार हो गए हैं और महिलाए वहां बची हैं। सभा का प्रशासन से आग्रह है कि इस मामले में पूरी तरह निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
दहेज हत्या के आरोप में तीन काबू
करनाल में विवाहिता की संदिग्ध मौत होने पर पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत पर पति व ससुर सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद तीन आरोपियाें को गिरफ्तार कर लिया है।
लाइन पार क्षेत्र के गांधी नगर के गली नंबर दस में रहने वाली 26 वर्षीय ममता की सोमवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि ममता के पिता पानीपत निवासी नेमचंद ने आरोप लगाया कि शादी के दौरान अधिक दहेज नहीं मिलने से हताश ससुराल पक्ष के लोगों ने उसकी बेटी की हत्या करने के बाद शव को फंदे पर लटकाया है।
नेमचंद ने बताया कि 12 मई को उन्होंने अपनी बेटी ममता की शादी गांधी नगर के मनोज कुमार से की थी। शादी के करीब डेढ़ माह बाद ममता के ससुराल पक्ष के लोग उसे अधिक दहेज के लिए प्रताड़ित करने लग गए थे, जिसके चलते ममता एक महीने तक अपने मायके में रही। एक महीने बाद ममता को समझा बुझाकर उसके ससुराल भेज दिया। ससुराल से 20 दिन बाद ममता ने फोन कर पिता नेमचंद को बताया कि उसे फिर से प्रताड़ित किया जा रहा है लेकिन पिता के दिलासे के बाद ममता ससुराल में रहने लगी।
नेमचंद ने बताया कि रविवार को ममता का भाई नई कार लेने के बाद अपनी बहन से टीका कराने के लिए करनाल आया था। टीके के दौरान ममता के पति मनोज व सास सावित्री ने उस पर ताने कसे, जिससे ममता के घर पर दोबारा कलह शुरू हो गई। नेमचंद ने आरोप लगाया कि रविवार रात को ममता से मारपीट करने के बाद सोमवार को भी दिनभर उससे मारपीट की गई।
सोमवार रात ममता का गला दबाकर उसकी हत्या की गई है। ममता के गले पर रगड़ का निशान है और ममता के पांव पर भी हत्या करने के बाद घसीटने के निशान मिले हैं। पुलिस ने पिता नेमचंद की शिकायत पर पति मनोज, सास सावित्री, ससुर रतिराम व ननद सुषमा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
राम नगर चौकी प्रभारी ने बताया कि पति मनोज, सास सावित्री व ससुर रतिराम को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले के चौथे आरोपी की तलाश में छापामारी जारी है।