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प्रेम विवाह के बाद युवती के परिजनों की पिटाई से युवक की गई जान
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प्रेम विवाह के बाद युवती के परिजनों ने युवक की जमकर धुनाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस जख्मी हालत में युवक को अस्पताल ले गई, जहां प्राथमिक उपचार के बाद से रविवार की रात पुलिस ने युवक को हवालात में डाल दिया। यहां अचानक युवक की तबियत बिगड़ने पर उसे दुबारा अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मामले में युवक के पिता की शिकायत पर सिविल लाइन थाने में युवती पक्ष के चार लोगों के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं गंभीर हालत में युवक को हवालात में रखने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कर्ण विहार निवासी मृतक विकास (32) के पिता कली राम ने बताया कि तीन अगस्त को उसके बेटे ने अपनी ही गली में रहने वाली एक सवर्ण जाति की लड़की को घर से भगाकर कोर्ट में शादी कर ली थी। इसके बाद उसी दिन युवती के परिजनों ने महिला थाने में युवक के खिलाफ शिकायत दी थी। विवाह के बाद संभावित खतरे को देखते हुए युवक ने पुलिस प्रोटेक्शन भी ली हुई थी। वहीं युवक और युवती पक्ष के लोगों की नाराजगी के कारण प्रेमी युगल घर से बाहर रह रहे थे। कली राम के अनुसार 30 सितंबर को उसके बेटे और बहू में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद वह बहू को महिला थाने करनाल में छोड़ आया था। उसके बाद उसे पता लगा कि एक अक्तूबर को उसकी बहू को उसके माता-पिता अपने साथ घर ले गए, जबकि उसका बेटा विकास उस दिन घर से बाहर था। नौ अक्तूबर को दोपहर दो बजे उसका बेटा घर आया, जिसके बाद देर शाम युवती के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद युवक की मां ने घटना की जानकारी 112 नंबर पर पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम युवक को जख्मी हालत में थाने ले गई। बताया जा रहा है कि हवालात में तबियत बिगड़ने के बाद युवक को अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान रविवार की रात ही उसने दम तोड़ दिया। मामले में युवक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने युवती के माता, पिता, भाई और मामा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है, लेकिन घटना के बाद लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब युवक को गंभीर चोटें लगी थी तो उसे अस्पताल में भर्ती कराने की जगह हवालात में लाकर क्यों रखा गया। इस संबंध में एसपी गंगाराम पूनिया ने बताया कि आरोपी युवक को हवालात में रखने से पहले उसका मेडिकल कराया गया था, जिसमें उसको काफी चोटें थीं, जिसकी मरहम पट्टी कर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। इसके बाद उसे हवालात में बंद किया गया था। देर रात को तबीयत बिगड़ने के बाद उसे पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुआ पोस्टमार्टम, कराई गई वीडियोग्राफी
आरोपी युवक की मौत हवालात में तबीयत बिगड़ने के बाद हुई है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम पैनल के डॉक्टरों से कराया गया है। साथ ही पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मृतक युवक के पिता की शिकायत पर लड़की के परिवार के चार सदस्यों माता-पिता, भाई और मामा पर हत्या और एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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-गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक, करनाल।
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कर्ण विहार निवासी मृतक विकास (32) के पिता कली राम ने बताया कि तीन अगस्त को उसके बेटे ने अपनी ही गली में रहने वाली एक सवर्ण जाति की लड़की को घर से भगाकर कोर्ट में शादी कर ली थी। इसके बाद उसी दिन युवती के परिजनों ने महिला थाने में युवक के खिलाफ शिकायत दी थी। विवाह के बाद संभावित खतरे को देखते हुए युवक ने पुलिस प्रोटेक्शन भी ली हुई थी। वहीं युवक और युवती पक्ष के लोगों की नाराजगी के कारण प्रेमी युगल घर से बाहर रह रहे थे। कली राम के अनुसार 30 सितंबर को उसके बेटे और बहू में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद वह बहू को महिला थाने करनाल में छोड़ आया था। उसके बाद उसे पता लगा कि एक अक्तूबर को उसकी बहू को उसके माता-पिता अपने साथ घर ले गए, जबकि उसका बेटा विकास उस दिन घर से बाहर था। नौ अक्तूबर को दोपहर दो बजे उसका बेटा घर आया, जिसके बाद देर शाम युवती के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद युवक की मां ने घटना की जानकारी 112 नंबर पर पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम युवक को जख्मी हालत में थाने ले गई। बताया जा रहा है कि हवालात में तबियत बिगड़ने के बाद युवक को अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान रविवार की रात ही उसने दम तोड़ दिया। मामले में युवक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने युवती के माता, पिता, भाई और मामा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है, लेकिन घटना के बाद लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब युवक को गंभीर चोटें लगी थी तो उसे अस्पताल में भर्ती कराने की जगह हवालात में लाकर क्यों रखा गया। इस संबंध में एसपी गंगाराम पूनिया ने बताया कि आरोपी युवक को हवालात में रखने से पहले उसका मेडिकल कराया गया था, जिसमें उसको काफी चोटें थीं, जिसकी मरहम पट्टी कर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। इसके बाद उसे हवालात में बंद किया गया था। देर रात को तबीयत बिगड़ने के बाद उसे पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुआ पोस्टमार्टम, कराई गई वीडियोग्राफी
आरोपी युवक की मौत हवालात में तबीयत बिगड़ने के बाद हुई है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम पैनल के डॉक्टरों से कराया गया है। साथ ही पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मृतक युवक के पिता की शिकायत पर लड़की के परिवार के चार सदस्यों माता-पिता, भाई और मामा पर हत्या और एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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-गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक, करनाल।