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बमौसमी सब्जियां उगाने का प्रशिक्षण लेने पहुंचे अफगानी
करनाल
Updated Mon, 28 Oct 2013 11:51 PM IST
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घरौंडा सब्जी उत्कृष्टता केंद्र में अफगानिस्तान से नौ अधिकारियों का एक दल प्रशिक्षण लेने के लिए सोमवार को पहुंचा। अधिकारियों को केंद्र की बेमौसमी सब्जियों और फूलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण देने के लिए दूसरे राज्यों से भी अधिकारी यहां आए हैं। सोमवार को सब्जी उत्कृ ष्टता केंद्र के सहायक अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार ने अधिकारियों को केंद्र की सभी तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया।
कृष्ण कुमार ने सब्जी केंद्र की बेमौसमी सब्जी शिमला मिर्च, चेरी टमाटोज, बिना बीज के खीरे, खरबूजे और सब्जियों की जानकारी देते हुए बताया कि बेमौसमी सब्जियों से किसानों को काफी लाभ हो रहा है और हरियाणा प्रांत में लगभग 300 किसानों ने पॉली हाऊस लगाएं हैं।
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उन्होंने बताया कि बेसमौसमी सब्जियों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के फूलों की तकनीक तैयार की जाती है। उन्होंने बताया कि जरबेरा, कारनेशन, गुलाब जैसे फूलों की तकनीक बाजारों में पूरी तरह महक रही है। अफगानिस्तान के अधिकारी मोहम्मद जाहिर ने बताया कि सब्जी केंद्र में नौ अधिकारियों एक दल प्रशिक्षण के लिए आया है।
उन्हाेंने बताया कि केंद्र की जो बेमौसमी सब्जियों की तकनीक है, वह बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने बताया कि यहां की तकनीक को अफगानिस्तान में भी शुरू करने के लिए वह अपने देश की सरकार से सिफारिश करेंगे।
सब्जी केंद्र के अधिकारी सतेंद्र यादव ने बाद में एक लघु फिल्म के माध्यम से केंद्र की सभी गतिविधियों के बारे में बताया। वहीं, डॉ. यादव ने बताया कि प्रशिक्षण दस दिन तक चलेगा और प्रशिक्षण देने के लिए पूने, दिल्ली, हिसार सहित अन्य कई जगहों से विशेषज्ञ बुलाए गए हैं।
प्रशिक्षण देने के लिए दूसरे राज्यों से भी अधिकारी यहां आए हैं। सोमवार को सब्जी उत्कृ ष्टता केंद्र के सहायक अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार ने अधिकारियों को केंद्र की सभी तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया।
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कृष्ण कुमार ने सब्जी केंद्र की बेमौसमी सब्जी शिमला मिर्च, चेरी टमाटोज, बिना बीज के खीरे, खरबूजे और सब्जियों की जानकारी देते हुए बताया कि बेमौसमी सब्जियों से किसानों को काफी लाभ हो रहा है और हरियाणा प्रांत में लगभग 300 किसानों ने पॉली हाऊस लगाएं हैं।
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उन्होंने बताया कि बेसमौसमी सब्जियों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के फूलों की तकनीक तैयार की जाती है। उन्होंने बताया कि जरबेरा, कारनेशन, गुलाब जैसे फूलों की तकनीक बाजारों में पूरी तरह महक रही है। अफगानिस्तान के अधिकारी मोहम्मद जाहिर ने बताया कि सब्जी केंद्र में नौ अधिकारियों एक दल प्रशिक्षण के लिए आया है।
उन्हाेंने बताया कि केंद्र की जो बेमौसमी सब्जियों की तकनीक है, वह बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने बताया कि यहां की तकनीक को अफगानिस्तान में भी शुरू करने के लिए वह अपने देश की सरकार से सिफारिश करेंगे।
सब्जी केंद्र के अधिकारी सतेंद्र यादव ने बाद में एक लघु फिल्म के माध्यम से केंद्र की सभी गतिविधियों के बारे में बताया। वहीं, डॉ. यादव ने बताया कि प्रशिक्षण दस दिन तक चलेगा और प्रशिक्षण देने के लिए पूने, दिल्ली, हिसार सहित अन्य कई जगहों से विशेषज्ञ बुलाए गए हैं।