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लाखों रुपये का राशन गबन करने के आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर
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करनाल। डीटीपी व तहसीलदार रिश्वतकांड मामले के बाद फर्जी राशन कार्ड व राशन गबन का सबसे बड़ा मामला है। इस मामले को लेकर डीएफएससी विभाग ने सेक्टर-32,33 थाना में पांच मामले दर्ज कराए हुए है लेकिन इस मामले में पुलिस अभी तक मुख्य आरोपी राजकरण को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है और न ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इन पांचों मामलों में पुलिस ने अभी तक डीएफएससी निरीक्षक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि वह आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके घर में दबिश दे रहे हैं लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। बता दें जिले में फर्जी बीपीएल कार्ड बनाकर राशन गबन का बड़ा गोलमाल चल रहा है हालांकि अभी तक पांच ही मामले सामने आए हैं लेकिन सूत्रों को कहना है कि यह खेल पूरे जिले में चल रहा है। हालांकि डीएफएससी विरेंद्र ने सभी डीपो होल्डरों को बीपीएल राशन कार्ड की वेरिफिकेशन के लिए निर्देश जारी किए थे लेकिन अभी तक डीपो होल्डरों द्वारा वेरिफिकेशन ही नहीं की गई।
ऐसे चलता था खेल
इस मामलों में शिकायत देने वाले विकास ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी अरुण डिपो का राशन राजकरण को भेजता था और राजकरण आगे महंगे दाम में उस राशन को बेचता था। उन्होंने डीएफएससी निरीक्षक के साथ मिलकर फर्जी बीपीएल राशन कार्ड बनाए हुए थे। जिनके राशन का वह गबन करते थे। वहीं राजकरण ने अपनी पत्नी को भी एक मशीन का नॉमिनी बनाया हुआ था और एक मशीन का नॉमिनी वह खुद बना हुआ था।
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दो से तीन साल की संपत्ति की जांच कराएं
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी राजकरण ने करोड़ों की संपत्ति बनाई हुई है। यह सब संपत्ति गरीबों का राशन बेचकर बनाई गई है।पुलिस इस आरोपी को गिरफ्तार करे और फिर इसकी दो से तीन साल की संपत्ति की जांच कराई जाए, जिससे ये खुलासा हो जाएगा कि आरोपी ने कितने रुपये का राशन का गबन किया हुआ है।
वर्जन
डीएफएससी विभाग की ओर से फर्जी राशन कार्ड और राशन गबन के पांच मामले दर्ज कराए हुए हैं इन मामलों में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए उनके घर दबिश दी जा रही है जल्द ही फरार आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
राजीव मिगलानी, सेक्टर-32 थाना प्रभारी।
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इन पांचों मामलों में पुलिस ने अभी तक डीएफएससी निरीक्षक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि वह आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके घर में दबिश दे रहे हैं लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। बता दें जिले में फर्जी बीपीएल कार्ड बनाकर राशन गबन का बड़ा गोलमाल चल रहा है हालांकि अभी तक पांच ही मामले सामने आए हैं लेकिन सूत्रों को कहना है कि यह खेल पूरे जिले में चल रहा है। हालांकि डीएफएससी विरेंद्र ने सभी डीपो होल्डरों को बीपीएल राशन कार्ड की वेरिफिकेशन के लिए निर्देश जारी किए थे लेकिन अभी तक डीपो होल्डरों द्वारा वेरिफिकेशन ही नहीं की गई।
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ऐसे चलता था खेल
इस मामलों में शिकायत देने वाले विकास ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी अरुण डिपो का राशन राजकरण को भेजता था और राजकरण आगे महंगे दाम में उस राशन को बेचता था। उन्होंने डीएफएससी निरीक्षक के साथ मिलकर फर्जी बीपीएल राशन कार्ड बनाए हुए थे। जिनके राशन का वह गबन करते थे। वहीं राजकरण ने अपनी पत्नी को भी एक मशीन का नॉमिनी बनाया हुआ था और एक मशीन का नॉमिनी वह खुद बना हुआ था।
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दो से तीन साल की संपत्ति की जांच कराएं
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी राजकरण ने करोड़ों की संपत्ति बनाई हुई है। यह सब संपत्ति गरीबों का राशन बेचकर बनाई गई है।पुलिस इस आरोपी को गिरफ्तार करे और फिर इसकी दो से तीन साल की संपत्ति की जांच कराई जाए, जिससे ये खुलासा हो जाएगा कि आरोपी ने कितने रुपये का राशन का गबन किया हुआ है।
वर्जन
डीएफएससी विभाग की ओर से फर्जी राशन कार्ड और राशन गबन के पांच मामले दर्ज कराए हुए हैं इन मामलों में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए उनके घर दबिश दी जा रही है जल्द ही फरार आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
राजीव मिगलानी, सेक्टर-32 थाना प्रभारी।