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ऊंचा समाना की सरपंच पर केस
Karnal
Updated Tue, 29 Jan 2013 05:30 AM IST
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करनाल। ऊंचा समाना की महिला सरपंच के खिलाफ स्टेट विजिलेंस ने पंचायती फंड में गबन करने और शक्तियों का दुरुपयोग करने का केस दर्ज किया है। विजिलेंस ने इस मामले की करीब डेढ़ साल तक जांच की। इसके बाद उसे दोषी ठहराते हुए केस दर्ज कर लिया गया। अब शिकायतकर्ता सरपंच को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।
स्टेट विजिलेंस के अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान पूर्ण रुप से पारदर्शिता बरती गई है और आरोप सिद्ध होने पर रोहतक थाने में केस दर्ज कर लिया गया। गांव ऊंचा समाना के ओमबीर सिंह ने बताया कि महिला सरपंच ने शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए पंचायती फंड में गबन किया और मनमानी करते हुए मोटी राशि हजम कर ली गई। इस मामले की शिकायत जिले के अधिकारियों से भी की गई है।
इन सब में की हेराफेरी
उन्होंने बताया कि स्टेट विजिलेंस को वर्ष 2011 में बीरबल, चमन समेत पांच लोगों ने शिकायत दी थी। करीब डेढ़ साल तक जांच चलने के बाद दोनों पक्षों को बुलाया गया और रिकॉर्ड जांचा गया। आरोप है कि सरपंच ने अपने पति के साथ मिलकर पक्का पुल पर टेंट लगाने के खर्च में हेराफेरी, स्वागत गेट के निर्माण में हेराफेरी, वाटर टैंकर की बोली न कर हेराफेरी और बॉडी बदलवाने में हेराफेरी, खेल के नाम पर जाली बिल तैयार कर हेराफेरी, निर्माण सामग्री में हेराफेरी, विकास के लिए आई रेत में हेराफेरी, कोरसेंट में हेराफेरी सहित पक्का पुल पर टूंटियों की रिपेयर के फर्जी बिल बनाकर गबन कर लिया। आरोप है कि उन्होंने मनमानी करते हुए दर्जनभर से भी ज्यादा बिल तैयार किए, जिसे विजिलेंस ने भी सही मानने से इंकार कर दिया। आरोप है कि सरपंच ने लाखों रुपये का गबन किया है।
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जांच में सरपंच को पाया दोषी
स्टेट विजिलेंस के अधिकारियों का कहना है कि जिस समय शिकायतकर्ता उनके पास आए थे तो सरकार से मंजूरी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई थी। चूंकि आरोप ज्यादा थे, इसलिए जांच में करीब डेढ़ साल का समय लग गया। दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड जांच के बाद सरपंच को गबन का दोषी पाया गया। इसके बाद सरपंच पर मामला दर्ज कर लिया गया। अब ग्रामीण सरपंच को इस मामले में गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस पर दबाव बना रहे हैं। ताकि इससे एक संदेश जाए कि कोई भी गड़बड़ी करते समय सोचे।
जांच के बाद मामला दर्ज
रोहतक थाने में ऊंचा समाना की सरपंच के खिलाफ पंचायती फंड में दुरुपयोग सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। करनाल विजिलेंस ने जांच की, उसके बाद दोषी पाए जाने पर केस दर्ज किया गया है।
सज्जन कुमार, डीएसपी, स्टेट विजिलेंस, रोहतक मंडल
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स्टेट विजिलेंस के अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान पूर्ण रुप से पारदर्शिता बरती गई है और आरोप सिद्ध होने पर रोहतक थाने में केस दर्ज कर लिया गया। गांव ऊंचा समाना के ओमबीर सिंह ने बताया कि महिला सरपंच ने शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए पंचायती फंड में गबन किया और मनमानी करते हुए मोटी राशि हजम कर ली गई। इस मामले की शिकायत जिले के अधिकारियों से भी की गई है।
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इन सब में की हेराफेरी
उन्होंने बताया कि स्टेट विजिलेंस को वर्ष 2011 में बीरबल, चमन समेत पांच लोगों ने शिकायत दी थी। करीब डेढ़ साल तक जांच चलने के बाद दोनों पक्षों को बुलाया गया और रिकॉर्ड जांचा गया। आरोप है कि सरपंच ने अपने पति के साथ मिलकर पक्का पुल पर टेंट लगाने के खर्च में हेराफेरी, स्वागत गेट के निर्माण में हेराफेरी, वाटर टैंकर की बोली न कर हेराफेरी और बॉडी बदलवाने में हेराफेरी, खेल के नाम पर जाली बिल तैयार कर हेराफेरी, निर्माण सामग्री में हेराफेरी, विकास के लिए आई रेत में हेराफेरी, कोरसेंट में हेराफेरी सहित पक्का पुल पर टूंटियों की रिपेयर के फर्जी बिल बनाकर गबन कर लिया। आरोप है कि उन्होंने मनमानी करते हुए दर्जनभर से भी ज्यादा बिल तैयार किए, जिसे विजिलेंस ने भी सही मानने से इंकार कर दिया। आरोप है कि सरपंच ने लाखों रुपये का गबन किया है।
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जांच में सरपंच को पाया दोषी
स्टेट विजिलेंस के अधिकारियों का कहना है कि जिस समय शिकायतकर्ता उनके पास आए थे तो सरकार से मंजूरी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई थी। चूंकि आरोप ज्यादा थे, इसलिए जांच में करीब डेढ़ साल का समय लग गया। दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड जांच के बाद सरपंच को गबन का दोषी पाया गया। इसके बाद सरपंच पर मामला दर्ज कर लिया गया। अब ग्रामीण सरपंच को इस मामले में गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस पर दबाव बना रहे हैं। ताकि इससे एक संदेश जाए कि कोई भी गड़बड़ी करते समय सोचे।
जांच के बाद मामला दर्ज
रोहतक थाने में ऊंचा समाना की सरपंच के खिलाफ पंचायती फंड में दुरुपयोग सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। करनाल विजिलेंस ने जांच की, उसके बाद दोषी पाए जाने पर केस दर्ज किया गया है।
सज्जन कुमार, डीएसपी, स्टेट विजिलेंस, रोहतक मंडल