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सरकार के खिलाफ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने निकाला जुलूस, आज डीसी कार्यालय का करेंगी घेराव
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:41 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हैल्पर यूनियन की राज्य कार्यकारिणी के फैसले के अनुसार आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया गया। 27 फरवरी को डीसी कार्यालय का घेराव करके प्रदर्शन किया जाएगा। राज्यव्यापी हड़ताल के आठवें दिन जिला करनाल के तमाम आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहे और जिला प्रधान रूपा राणा की अध्यक्षता में करनाल में धरने पर बैठने के बाद शहर में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का संचालन जिला सह सचिव राकेश राणा ने किया। उषा, शकुंतला व मधु शर्मा ने वर्करों हैल्परों को संबोधित करते हुए सरकार को आगाह किया कि हरियाणा सरकार आंगनवाड़ी वर्करों की मांगों का तुरंत समाधान करे। बाद में महिलाओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जुलूस निकाला। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने चेताया कि अगर शीघ्र मांगें लागू नहीं की गई तो आंगनवाड़ी फैडरेशन आंदोलन अपने हाथों में लेकर सरकार की कब्र खोदने का काम करेगी। इस अवसर पर अमरजीत कौर, ममता, मंजू, अंग्रेजो, सुष्मा, मधु शर्मा, रूपा राणा, मंजू बवेजा, संगीता, ओपी माटा, सतपाल सैनी, सीटू के जिला सचिव जगपाल राणा, संगीता, सलोचना, नीलम, उषा राणा, राकेश राणा, सुशील गुर्जर, किरण, अनामिका, रोशन गुप्ता व अशोक पांचाल ने भी वर्करों को संबोधित किया। उन्होंने मांग की कि न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए किया जाए, वर्कर व हैल्पर को तृतीय श्रेणी व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित किया जाए, हैल्परों का मानदेय सरकार की घोषणा अनुसार 70 रुपए की बजाए 320 रुपए बढ़ाया जाए, आंगनवाड़ी केंद्रों में राशन पूरा तोल कर भिजवाया जाए, वर्कर की हैल्पर तथा हैल्पर की सुपरवाइजर पद पर प्रमोशन हो व रिटायरमेंट पर सभी वर्करों को पेंशन सहित सभी लाभ मिले।
पांचवे दिन जारी रहा अनुबंधित कर्मचारियों का अनशन
करनाल। अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ एवं अनुबन्धित कर्मचारी एसोसिएशन बिजली निगम के क्रमिक अनशन को सोमवार को पांच दिन हो गए, लेकिन कोई मंत्री, विधायक या अधिकारी उनसे बातचीत करने के लिए नहीं आया। बिजली कर्मचारियों ने सरकार पर संवेदनहीन होने के आरोप लगाए। गुस्साए कर्मचारियों का कहना है कि वह छह मार्च को विधानसभा का घेराव कर सरकार को मांगें मानने के लिए मजबूर कर देंगे। इस अवसर पर अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवीलाल गुराना ने कहा कि विद्युत विभाग से करोड़ों रुपये बेवजह लूट रहे बिचौलियों को हटाकर कर्मचारियों को सीधे निगम रोल पर रखा जाए। विद्युत विभाग के कच्चे कर्मचारियों के लिए एक एचआर पालिसी बनाई जाए और सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू करते हुए समान काम के लिए समान वेतन तुरंत प्रदान किया जाए। 27 फरवरी को जिला फतेहाबाद के कर्मचारी क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवीलाल, जिला हिसार के अध्यक्ष यशवीर लोहान के नेतृत्व में रामकेश, विकास बेनीवाल, बलवान चौकीदार, कुरुक्षेत्र के विक्रम, बहन सुदेश धीमान, खजान सिंह, पप्पू कुमार, विजेन्दर, गोहनां से सूनील, श्यामसुंदर, अशोक कुमार, जोगेंद्र पाल व अतुल गुप्ता मौजूद रहे।
एक साल बाद भी नहीं मानी गई अनुदेशकों की मांगें
करनाल। आईटीआई अनुदेशकों ने गेट मीटिंग कर सरकार को चेताया कि अगर मुख्यमंत्री द्वारा एक साल पहले 18 जनवरी को स्वीकार की गई मांगों को 16 मार्च तक लागू नहीं किया गया तो 17 मार्च को करनाल आईटीआई के अनुदेशक फरीदाबाद में महापड़ाव डालेंगे। अनुदेशकों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि सरकार और अधिकारी अपने किए वादों से मुकर जाते हैं। सोमवार को आईटीआई परिसर में आईटीआई अनुदेशक संयुक्त कार्य समिति के बैनर तले अनुदेशक इक्टठा हुए। भोजन अवकाश के द्वौरान मीटिंग कर जमकर नारे लगाए गए। इस मौके पर कर्मचारी नेता मलखान सिंह ने कहा कि उचित चयन प्रक्रिया से चयनित विभाग में वर्षों से कार्यरत अनुबंध अनुदेशकों को सरकार नियमित भर्ती करने से पूर्व पालिसी बनाकर नियमित करे। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जारी विज्ञापन वापस लिए जाएं। सरकार जल्द से जल्द मांगों को लागू करने अन्यथा अनुदेशक महापड़ाव में शामिलकर विरोध करेंगे। इस अवसर पर जसविंद्र संधु, सुरेश ढांडा, दिनेश शर्मा, मलखान, कुलदीप, रामबिलास शर्मा, सुखविंद्र, देवीलाल, अरविंद, सुमित, हरेंद्र, कमल कालड़ा, महेंद्र, सोहन व नरेश जैन मौजूद रहे।
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नौकरी बहाल कराने को डटे ट्यूबवेल आपरेटर
करनाल। पार्टटाइम ट्यूबवैल आपरेटरों ने सरकार से मांग की है कि नई भर्ती के चलते जिन पुराने आपरेटरों को नौकरी से हटा दिया गया है उनकी नौकरी बहाल की जाए। मुख्यमंत्री ने बैंकों के माध्यम से वेतन देने की मांग को स्वीकार किया था उसे लागू किया जाए। समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। सोमवार को भी पब्लिक हैल्थ ग्रामीण ट्यूबवैल ऑपरेटर आर्गेनाइजेशन के बैनर तले ट्यूबवैल आपरेटर 13 दिन से धरने पर डटे रहे। इनकी अगुवाई जिला अध्यक्ष सतविंद्र सिंह ने की। सतविंद्र ने कहा कि 22 अक्तूबर, 2017 को सीएम ने आपरेटरों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान आश्वासन दिया गया था कि आठ घंटे ही काम लिया जाएगा और न्यूनतम वेतन बैंक खातों के माध्यम से मिलेगा। तीन महीने बीत जाने के बाद भी आपरेटरों के हित में कोई कदम नहीं उठाया गया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सतविंद्र सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष मदनलाल, महिंद्र सिंह, दवेंद्र, राजेश, जयदीप वालिया, विजयपाल, यशपाल, सतपाल, प्रवेश, धर्म सिंह व ताज मोहम्मद आदि मौजूद रहे।
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करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हैल्पर यूनियन की राज्य कार्यकारिणी के फैसले के अनुसार आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया गया। 27 फरवरी को डीसी कार्यालय का घेराव करके प्रदर्शन किया जाएगा। राज्यव्यापी हड़ताल के आठवें दिन जिला करनाल के तमाम आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहे और जिला प्रधान रूपा राणा की अध्यक्षता में करनाल में धरने पर बैठने के बाद शहर में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का संचालन जिला सह सचिव राकेश राणा ने किया। उषा, शकुंतला व मधु शर्मा ने वर्करों हैल्परों को संबोधित करते हुए सरकार को आगाह किया कि हरियाणा सरकार आंगनवाड़ी वर्करों की मांगों का तुरंत समाधान करे। बाद में महिलाओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जुलूस निकाला। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने चेताया कि अगर शीघ्र मांगें लागू नहीं की गई तो आंगनवाड़ी फैडरेशन आंदोलन अपने हाथों में लेकर सरकार की कब्र खोदने का काम करेगी। इस अवसर पर अमरजीत कौर, ममता, मंजू, अंग्रेजो, सुष्मा, मधु शर्मा, रूपा राणा, मंजू बवेजा, संगीता, ओपी माटा, सतपाल सैनी, सीटू के जिला सचिव जगपाल राणा, संगीता, सलोचना, नीलम, उषा राणा, राकेश राणा, सुशील गुर्जर, किरण, अनामिका, रोशन गुप्ता व अशोक पांचाल ने भी वर्करों को संबोधित किया। उन्होंने मांग की कि न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए किया जाए, वर्कर व हैल्पर को तृतीय श्रेणी व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित किया जाए, हैल्परों का मानदेय सरकार की घोषणा अनुसार 70 रुपए की बजाए 320 रुपए बढ़ाया जाए, आंगनवाड़ी केंद्रों में राशन पूरा तोल कर भिजवाया जाए, वर्कर की हैल्पर तथा हैल्पर की सुपरवाइजर पद पर प्रमोशन हो व रिटायरमेंट पर सभी वर्करों को पेंशन सहित सभी लाभ मिले।
पांचवे दिन जारी रहा अनुबंधित कर्मचारियों का अनशन
करनाल। अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ एवं अनुबन्धित कर्मचारी एसोसिएशन बिजली निगम के क्रमिक अनशन को सोमवार को पांच दिन हो गए, लेकिन कोई मंत्री, विधायक या अधिकारी उनसे बातचीत करने के लिए नहीं आया। बिजली कर्मचारियों ने सरकार पर संवेदनहीन होने के आरोप लगाए। गुस्साए कर्मचारियों का कहना है कि वह छह मार्च को विधानसभा का घेराव कर सरकार को मांगें मानने के लिए मजबूर कर देंगे। इस अवसर पर अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवीलाल गुराना ने कहा कि विद्युत विभाग से करोड़ों रुपये बेवजह लूट रहे बिचौलियों को हटाकर कर्मचारियों को सीधे निगम रोल पर रखा जाए। विद्युत विभाग के कच्चे कर्मचारियों के लिए एक एचआर पालिसी बनाई जाए और सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू करते हुए समान काम के लिए समान वेतन तुरंत प्रदान किया जाए। 27 फरवरी को जिला फतेहाबाद के कर्मचारी क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवीलाल, जिला हिसार के अध्यक्ष यशवीर लोहान के नेतृत्व में रामकेश, विकास बेनीवाल, बलवान चौकीदार, कुरुक्षेत्र के विक्रम, बहन सुदेश धीमान, खजान सिंह, पप्पू कुमार, विजेन्दर, गोहनां से सूनील, श्यामसुंदर, अशोक कुमार, जोगेंद्र पाल व अतुल गुप्ता मौजूद रहे।
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एक साल बाद भी नहीं मानी गई अनुदेशकों की मांगें
करनाल। आईटीआई अनुदेशकों ने गेट मीटिंग कर सरकार को चेताया कि अगर मुख्यमंत्री द्वारा एक साल पहले 18 जनवरी को स्वीकार की गई मांगों को 16 मार्च तक लागू नहीं किया गया तो 17 मार्च को करनाल आईटीआई के अनुदेशक फरीदाबाद में महापड़ाव डालेंगे। अनुदेशकों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि सरकार और अधिकारी अपने किए वादों से मुकर जाते हैं। सोमवार को आईटीआई परिसर में आईटीआई अनुदेशक संयुक्त कार्य समिति के बैनर तले अनुदेशक इक्टठा हुए। भोजन अवकाश के द्वौरान मीटिंग कर जमकर नारे लगाए गए। इस मौके पर कर्मचारी नेता मलखान सिंह ने कहा कि उचित चयन प्रक्रिया से चयनित विभाग में वर्षों से कार्यरत अनुबंध अनुदेशकों को सरकार नियमित भर्ती करने से पूर्व पालिसी बनाकर नियमित करे। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जारी विज्ञापन वापस लिए जाएं। सरकार जल्द से जल्द मांगों को लागू करने अन्यथा अनुदेशक महापड़ाव में शामिलकर विरोध करेंगे। इस अवसर पर जसविंद्र संधु, सुरेश ढांडा, दिनेश शर्मा, मलखान, कुलदीप, रामबिलास शर्मा, सुखविंद्र, देवीलाल, अरविंद, सुमित, हरेंद्र, कमल कालड़ा, महेंद्र, सोहन व नरेश जैन मौजूद रहे।
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नौकरी बहाल कराने को डटे ट्यूबवेल आपरेटर
करनाल। पार्टटाइम ट्यूबवैल आपरेटरों ने सरकार से मांग की है कि नई भर्ती के चलते जिन पुराने आपरेटरों को नौकरी से हटा दिया गया है उनकी नौकरी बहाल की जाए। मुख्यमंत्री ने बैंकों के माध्यम से वेतन देने की मांग को स्वीकार किया था उसे लागू किया जाए। समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। सोमवार को भी पब्लिक हैल्थ ग्रामीण ट्यूबवैल ऑपरेटर आर्गेनाइजेशन के बैनर तले ट्यूबवैल आपरेटर 13 दिन से धरने पर डटे रहे। इनकी अगुवाई जिला अध्यक्ष सतविंद्र सिंह ने की। सतविंद्र ने कहा कि 22 अक्तूबर, 2017 को सीएम ने आपरेटरों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान आश्वासन दिया गया था कि आठ घंटे ही काम लिया जाएगा और न्यूनतम वेतन बैंक खातों के माध्यम से मिलेगा। तीन महीने बीत जाने के बाद भी आपरेटरों के हित में कोई कदम नहीं उठाया गया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सतविंद्र सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष मदनलाल, महिंद्र सिंह, दवेंद्र, राजेश, जयदीप वालिया, विजयपाल, यशपाल, सतपाल, प्रवेश, धर्म सिंह व ताज मोहम्मद आदि मौजूद रहे।