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स्वच्छत सर्वेक्षण को लेकर निगम अंतिम तैयारियों में जुटा, निगम कर्मचारियों को पढ़ाया ई लर्निंग कोर्स
Updated Sat, 06 Jan 2018 12:49 AM IST
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स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर अंतिम तैयारियों में जुटा निगम, कर्मचारियों को पढ़ाया ई-लर्निंग कोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 को लेकर नगर निगम द्वारा जारी गतिविधियों का मूल्यांकन करने के लिए जनवरी माह के मध्य में केंद्रीय टीम द्वारा करनाल का दौरा किया जाना संभावित है। इसे देखते हुए नगर निगम तैयारियों का अंतिम खाका तैयार करने में जुटा है। निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने विकास सदन में निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा ई-लर्निंग कोर्स किए जाने की समीक्षा की। ई-लर्निंग कोर्स स्वच्छ भारत मिशन के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है, जो इससे जुड़े स्टेक होल्डर्स की क्षमताओं को सुदृढ़ करके स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में नई अवधारणाओं से परिचित कराता है और यह देश के सभी 4041 निकायों से जुड़े कर्मचारियों के लिए है।
केंद्र सरकार के निर्णय अनुसार इसे क्षमता निर्माण के रूप में स्वच्छ सर्वेक्षण में शामिल किया गया है। सर्वेक्षण में ऐसे कोर्स के अंक भी मिलते हैं। समीक्षा बैठक में कोर्स से जुड़े उन सभी घटकों को स्लाइड के माध्यम से दर्शाया गया और उपस्थित कर्मचारी व अधिकारियों से एक-एक के प्रशिक्षित होने की जानकारी ली गई।
ई-लर्निंग कोर्स के लिए भारत सरकार ने देश के अहमदाबाद, सूरत, कोच्ची और चेन्नई जैसे बड़े-बड़े शहरों में सफलतापूर्वक सैनीटेशन गतिविधियों की एक वीडियो बनाई है। कोर्स पूरा करने के लिए वीडियो में दर्शाई गई गतिविधियों से सीख लेकर अपने शहर में स्वच्छता मापदंडों को लागू करना होता है।
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45 स्कूल प्राचार्यों के साथ किया मंथन
इसके बाद विकास सदन में ही शहर के करीब 45 निजी और सरकारी विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ भी बैठक की गई। बैठक में आयुक्त की ओर से प्राचार्यों को निर्देश दिए गए कि वे उनके द्वारा गठित की गई स्वच्छता कमेटियों की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध करवाएं। गौर हो कि विद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों की स्वच्छता रैलियां निकाली गई थी। स्लोगन और पेंटिंग की प्रतियोगिताएं भी करवाई गई थी। विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर सभी विद्यार्थियों से स्वच्छता शपथ करवाई गई थी। बैठक में आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय के विद्यार्थी व अध्यापक को स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने प्राचार्यों से यह भी कहा कि वे अपने-अपने विद्यालय में स्वच्छता कमेटियों की गतिविधियों को भविष्य में भी जारी रखें।
डस्टबिन की नहीं कमी, जिसको नहीं मिले उन्हें दें
विकास सदन में ही आयुक्त ने सक्षम युवा और सेनिटेशन मोटीवेर्ट्स के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने उपस्थित युवाओं को निर्देश दिए कि नगर निगम द्वारा शहर के सभी वार्डों में जाकर हाउसहोल्ड को गीला व सूखा कचरा अलग-अलग रखने के लिए हरे व नीले डस्टबिन वितरित किए गए हैं। सक्षम युवा व मोटीवेटर घर-घर जाकर स्वच्छ सर्वेक्षण की जानकारी दें और जिस हाउसहोल्ड को दोनों तरह के डस्टबिन नहीं मिले हैं, उसका नाम व पता नोट कर उसकी लिस्ट बनाएं, ताकि ऐसे लोगों को भी डस्टबिन दिए जा सकें। उन्होंने बताया कि नगर निगम के पास डस्टबिन की कोई कमी नहीं है, जरूरी है कि यह सभी के पास पहुंचने चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 को लेकर नगर निगम द्वारा जारी गतिविधियों का मूल्यांकन करने के लिए जनवरी माह के मध्य में केंद्रीय टीम द्वारा करनाल का दौरा किया जाना संभावित है। इसे देखते हुए नगर निगम तैयारियों का अंतिम खाका तैयार करने में जुटा है। निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने विकास सदन में निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा ई-लर्निंग कोर्स किए जाने की समीक्षा की। ई-लर्निंग कोर्स स्वच्छ भारत मिशन के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है, जो इससे जुड़े स्टेक होल्डर्स की क्षमताओं को सुदृढ़ करके स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में नई अवधारणाओं से परिचित कराता है और यह देश के सभी 4041 निकायों से जुड़े कर्मचारियों के लिए है।
केंद्र सरकार के निर्णय अनुसार इसे क्षमता निर्माण के रूप में स्वच्छ सर्वेक्षण में शामिल किया गया है। सर्वेक्षण में ऐसे कोर्स के अंक भी मिलते हैं। समीक्षा बैठक में कोर्स से जुड़े उन सभी घटकों को स्लाइड के माध्यम से दर्शाया गया और उपस्थित कर्मचारी व अधिकारियों से एक-एक के प्रशिक्षित होने की जानकारी ली गई।
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ई-लर्निंग कोर्स के लिए भारत सरकार ने देश के अहमदाबाद, सूरत, कोच्ची और चेन्नई जैसे बड़े-बड़े शहरों में सफलतापूर्वक सैनीटेशन गतिविधियों की एक वीडियो बनाई है। कोर्स पूरा करने के लिए वीडियो में दर्शाई गई गतिविधियों से सीख लेकर अपने शहर में स्वच्छता मापदंडों को लागू करना होता है।
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45 स्कूल प्राचार्यों के साथ किया मंथन
इसके बाद विकास सदन में ही शहर के करीब 45 निजी और सरकारी विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ भी बैठक की गई। बैठक में आयुक्त की ओर से प्राचार्यों को निर्देश दिए गए कि वे उनके द्वारा गठित की गई स्वच्छता कमेटियों की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध करवाएं। गौर हो कि विद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों की स्वच्छता रैलियां निकाली गई थी। स्लोगन और पेंटिंग की प्रतियोगिताएं भी करवाई गई थी। विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर सभी विद्यार्थियों से स्वच्छता शपथ करवाई गई थी। बैठक में आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय के विद्यार्थी व अध्यापक को स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने प्राचार्यों से यह भी कहा कि वे अपने-अपने विद्यालय में स्वच्छता कमेटियों की गतिविधियों को भविष्य में भी जारी रखें।
डस्टबिन की नहीं कमी, जिसको नहीं मिले उन्हें दें
विकास सदन में ही आयुक्त ने सक्षम युवा और सेनिटेशन मोटीवेर्ट्स के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने उपस्थित युवाओं को निर्देश दिए कि नगर निगम द्वारा शहर के सभी वार्डों में जाकर हाउसहोल्ड को गीला व सूखा कचरा अलग-अलग रखने के लिए हरे व नीले डस्टबिन वितरित किए गए हैं। सक्षम युवा व मोटीवेटर घर-घर जाकर स्वच्छ सर्वेक्षण की जानकारी दें और जिस हाउसहोल्ड को दोनों तरह के डस्टबिन नहीं मिले हैं, उसका नाम व पता नोट कर उसकी लिस्ट बनाएं, ताकि ऐसे लोगों को भी डस्टबिन दिए जा सकें। उन्होंने बताया कि नगर निगम के पास डस्टबिन की कोई कमी नहीं है, जरूरी है कि यह सभी के पास पहुंचने चाहिए।