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Karnal News: धान का 64.8 प्रतिशत उठान, मंडियों में नहीं बची जगह
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धान का 64.8 प्रतिशत उठान, मंडियों में नहीं बची जगह
- फोटो : धान का 64.8 प्रतिशत उठान, मंडियों में नहीं बची जगह
9 एक दिन में 34,817 एमटी धान पहुंचा धान, खरीद महज 6049 एमटी हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। धान का सीजन समाप्त होने के नजदीक है, लेकिन जिले की अनाज मंडियों में आवक की रफ्तार बनी हुई है। इसके मुकाबले खरीद और उठान की गति धीमी रहने से मंडियों में अव्यवस्था बढ़ती जा रही है। वीरवार को मंडियों में 34,817 मीट्रिक टन (एमटी) धान पहुंचा, जबकि इसमें से महज 6049 एमटी की ही खरीद हो पाई। वहीं, खरीदे गए धान का भी समय पर उठान नहीं हो रहा है। अब तक कुल खरीदे गए धान में से केवल 64.8 प्रतिशत का ही उठान हो पाया है। ऐसे में मंडियों में धान के कट्टों के अंबार लगे हैं और नई आवक के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है।
जिले की मंडियों में अब तक कुल 4.78 लाख एमटी धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 3.46 लाख एमटी धान की खरीद की गई है। इसके मुकाबले 2.24 लाख एमटी धान का ही उठान हो पाया है। यानी खरीदे गए धान में से करीब 1.22 लाख एमटी अभी भी मंडियों में पड़ा है। उठान में देरी के कारण मंडियों में जगह का संकट बना हुआ है। सीजन के अंतिम चरण में भी आवक जारी रहने से व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में खरीद और उठान की गति बढ़ाना जरूरी है, ताकि किसानों को अपनी फसल मंडियों में उतारने के लिए इंतजार न करना पड़े।
28,360 किसानों को 492.83 करोड़ का भुगतान
खरीदे गए धान के भुगतान के मामले में अब तक 28]795 किसानों को 500.10 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। वीरवार को 1,994 किसानों के खातों में 34.09 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। हालांकि, भुगतान के साथ-साथ मंडियों से धान का उठान भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। उठान की धीमी गति के कारण मंडियों में खरीदे गए धान के कट्टे जमा होते जा रहे हैं। इससे नई फसल की आवक और उसके भंडारण के लिए जगह उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है।
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पैदावार बढ़ने का दावा
इस बार धान की खरीद 29 सितंबर से शुरू हुई थी, जो पिछले साल के मुकाबले चार दिन बाद है। खरीद 15 नवंबर तक जारी रहनी है। इसके बावजूद मौजूदा रफ्तार को देखते हुए इस बार कुल खरीद करीब आठ लाख मीट्रिक टन तक रहने की संभावना जताई जा रही है। इससे लक्ष्य को लेकर अधिकारियों की चिंता बढ़ने लगी है। वहीं इस बार पैदावार भी अधिक होने का दावा किया जा रहा है।
जिले में धान का रकबा पिछले साल के बराबर है। इस बार अब तक करीब 80 फीसदी फसल की कटाई हो चुकी है और अधिकतर धान मंडियों में पहुंच चुका है। पैदावार पिछले साल से अधिक होने के कारण कुल खरीद भी ज्यादा होने की उम्मीद है।
-डॉ. जसविंद्र सिंह, उप निदेशक, कृषि विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। धान का सीजन समाप्त होने के नजदीक है, लेकिन जिले की अनाज मंडियों में आवक की रफ्तार बनी हुई है। इसके मुकाबले खरीद और उठान की गति धीमी रहने से मंडियों में अव्यवस्था बढ़ती जा रही है। वीरवार को मंडियों में 34,817 मीट्रिक टन (एमटी) धान पहुंचा, जबकि इसमें से महज 6049 एमटी की ही खरीद हो पाई। वहीं, खरीदे गए धान का भी समय पर उठान नहीं हो रहा है। अब तक कुल खरीदे गए धान में से केवल 64.8 प्रतिशत का ही उठान हो पाया है। ऐसे में मंडियों में धान के कट्टों के अंबार लगे हैं और नई आवक के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है।
जिले की मंडियों में अब तक कुल 4.78 लाख एमटी धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 3.46 लाख एमटी धान की खरीद की गई है। इसके मुकाबले 2.24 लाख एमटी धान का ही उठान हो पाया है। यानी खरीदे गए धान में से करीब 1.22 लाख एमटी अभी भी मंडियों में पड़ा है। उठान में देरी के कारण मंडियों में जगह का संकट बना हुआ है। सीजन के अंतिम चरण में भी आवक जारी रहने से व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में खरीद और उठान की गति बढ़ाना जरूरी है, ताकि किसानों को अपनी फसल मंडियों में उतारने के लिए इंतजार न करना पड़े।
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28,360 किसानों को 492.83 करोड़ का भुगतान
खरीदे गए धान के भुगतान के मामले में अब तक 28]795 किसानों को 500.10 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। वीरवार को 1,994 किसानों के खातों में 34.09 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। हालांकि, भुगतान के साथ-साथ मंडियों से धान का उठान भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। उठान की धीमी गति के कारण मंडियों में खरीदे गए धान के कट्टे जमा होते जा रहे हैं। इससे नई फसल की आवक और उसके भंडारण के लिए जगह उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है।
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पैदावार बढ़ने का दावा
इस बार धान की खरीद 29 सितंबर से शुरू हुई थी, जो पिछले साल के मुकाबले चार दिन बाद है। खरीद 15 नवंबर तक जारी रहनी है। इसके बावजूद मौजूदा रफ्तार को देखते हुए इस बार कुल खरीद करीब आठ लाख मीट्रिक टन तक रहने की संभावना जताई जा रही है। इससे लक्ष्य को लेकर अधिकारियों की चिंता बढ़ने लगी है। वहीं इस बार पैदावार भी अधिक होने का दावा किया जा रहा है।
जिले में धान का रकबा पिछले साल के बराबर है। इस बार अब तक करीब 80 फीसदी फसल की कटाई हो चुकी है और अधिकतर धान मंडियों में पहुंच चुका है। पैदावार पिछले साल से अधिक होने के कारण कुल खरीद भी ज्यादा होने की उम्मीद है।
-डॉ. जसविंद्र सिंह, उप निदेशक, कृषि विभाग