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कुरुक्षेत्र के एनएचएम कर्मचारी हुए धरने में शामिल मिलकर की सरकार के खिलाफ नारेबाजी
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पीएम का कार्यक्रम होने के कारण कुरुक्षेत्र के एनएचएम कर्मचारी करनाल के एनएचएम कर्मचारियों के धरने में शामिल हुए। दोनों जिलों के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रोष प्रकट किया। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाएं भी ठप रही, जिस कारण ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं एंबुलेंस के ना चलने से महिलाओं की डिलिवरी भी बस में हो रही है। बता दें रविवार शाम को जरीफाबाद निवासी विभा जो प्रसव पीड़ा होने पर उसका पति एंबुलेंस के लिए फोन करता रहा, किसी ने फोन नहीं उठाया तो मजबूरन वह उसे रोडवेज बस में बैठाकर करनाल अस्पताल में लाने लगा तो विभा ने बस में ही बच्चे को जन्म दे दिया, लेकिन एनएचएम अपनी हड़ताल पर डटे हुए हैं।
हड़ताल के आठवें दिन अध्यक्षता संजीव कुमार ने की। इसके अलावा मंच संचालन सुरेश नरवाल ने किया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग सेवा सुरक्षा, सातवें वेतन आयोग का लाभ, सेवा नियम में संशोधन, एकमुश्त सैलरी दी जाए, कांट्रेक्ट प्रथा बंद की जाए, आउट सोर्सिंग बंद की जाए, आठ माह से रुका हुआ वेतन नहीं देते तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
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करनाल। पीएम का कार्यक्रम होने के कारण कुरुक्षेत्र के एनएचएम कर्मचारी करनाल के एनएचएम कर्मचारियों के धरने में शामिल हुए। दोनों जिलों के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रोष प्रकट किया। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाएं भी ठप रही, जिस कारण ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं एंबुलेंस के ना चलने से महिलाओं की डिलिवरी भी बस में हो रही है। बता दें रविवार शाम को जरीफाबाद निवासी विभा जो प्रसव पीड़ा होने पर उसका पति एंबुलेंस के लिए फोन करता रहा, किसी ने फोन नहीं उठाया तो मजबूरन वह उसे रोडवेज बस में बैठाकर करनाल अस्पताल में लाने लगा तो विभा ने बस में ही बच्चे को जन्म दे दिया, लेकिन एनएचएम अपनी हड़ताल पर डटे हुए हैं।
हड़ताल के आठवें दिन अध्यक्षता संजीव कुमार ने की। इसके अलावा मंच संचालन सुरेश नरवाल ने किया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग सेवा सुरक्षा, सातवें वेतन आयोग का लाभ, सेवा नियम में संशोधन, एकमुश्त सैलरी दी जाए, कांट्रेक्ट प्रथा बंद की जाए, आउट सोर्सिंग बंद की जाए, आठ माह से रुका हुआ वेतन नहीं देते तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
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