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Karnal News: हिंद दी चादर मैराथन में शामिल हुए 61 हजार युवा
Mon, 10 Nov 2025 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 10 Nov 2025 01:23 AM IST
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करनाल।
गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में रविवार सुबह एनडीआरआई चौक से शुरू हुई हिंद दी चादर मैराथन में 61 हजार युवा शामिल हुए। मैराथन 5, 10 और 21 किलोमीटर के तीन चरणों में हुई। सुबह 6 बजे विधायक जगमोहन आनंद ने 10 और 21 किलोमीटर लंबी दौड़ को हरी झंडी देकर रवाना किया। सुबह 8 बजे पांच किलोमीटर की दौड़ को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने हरी झंडी दिखाई। मैराथन में शामिल लोगों पर फूलों की वर्षा की गई।
दौड़ को शुरू करने से पहले विद्यार्थियों ने गुरु की महिमा का गुणगान किया। गतके ने गुरु के इतिहास के बारे में बताया। मैराथन में शामिल लोगों के ‘बोले सो निहाल और भारत माता की जय’ के घोष से गुंजायमान रहा। गजब के उत्साह और जोश के साथ श्रद्धा का संगम चकित करने वाला था। मैराथन के लिए सुबह 5 बजे से एनडीआरआई चौक पर लोगों का जुटना शुरू हो गया था।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीद दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा हैं। इसमें करनाल जिले का मैराथन कार्यक्रम सफल व रिकॉर्डतोड़ रहा। इसी कड़ी में 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे।
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उन्होंने कहा कि गुरु साहब के शहीदी दिवस पर जिले के साथ-साथ देशभर में यात्राओं का आयोजन किया गया है। हजारों नौजवान गुरु तेग बहादुर की शहादत को नमन करने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल दौड़ नहीं बल्कि देश को आजाद कराने वालों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए उत्साह, जज्बा व भावना है।
साथियों की शहादत को भी किया याद
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर की ओर से देश व समाज के लिए दी गई शहादत की घटना 1675 ईस्वी की है। गुरुजी एक सत्संग में बैठे थे, तब कुछ कश्मीरी पंडित कृपा राम के नेतृत्व में उनके पास आए। बताया कि उन्हें मुगलों की ओर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा था। यातनाएं दी जा रही हैं। तब गुरु साहब ने कहा कि किसी महापुरुष को अपना बलिदान देने पर धर्म परिवर्तन बंद हो सकता है। ऐसा करने से लोगों में जागृति आएगी। साथ बैठे उनके नौ वर्षीय पुत्र (जो बाद में 10वें गुरु गोविंद सिंह जी हुए) ने कहा कि ऐसा महापुरुष आपके अलावा और कौन हो सकता है। गुरु साहब ने पंडित कृपा राम से कहा कि आप सुल्तान से कह दें कि पहले गुरु तेग बहादुर का धर्म परिवर्तन करें। संदेश पाने के बाद सुल्तान ने सेना भेजकर गुरु साहब को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें पहले सरहिंद और फिर दिल्ली लाया गया। गुरु साहब के साथी भाई मतिदास, भाई दयाला और भाई सती दास ने भी साथ ही बलिदान देने की बात कही। पहले भाई मतिदास को आरे से चीरा गया और भाई दयाला को उबलते तेल के कड़ाहे में तपाकर मारा गया और भाई सती दास को रुई में लपेटकर खंभे से बांधकर आग लगा दी गई।
बडख़ालसा के युवक का उल्लेख
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीश गंज के स्थान पर गुरु साहब का धड़ से सिर अलग कर दिया गया था। उन्होंने गुरु साहब के शीश को दिल्ली से आनंदपुर साहिब ले जाने की घटना के दौरान हरियाणा की धरती से जुड़े एक बलिदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सोनीपत जिले के बड़खालसा गांव के एक नौजवान ने शीश को मुगल सेना से बचाने के लिए अपना शीश अर्पित कर दिया। इस मौके पर विधायक जगमोहन आनंद, इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप, असंध के विधायक योगेंद्र राणा, नीलोखेड़ी के भगवानदास कबीरपंथी, उपायुक्त उत्तम सिंह, एसपी गंगा राम पूनिया, मेयर रेणु बाला गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रवीण लाठर, सरदार त्रिलोचन सिंह मौजूद रहे।
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गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में रविवार सुबह एनडीआरआई चौक से शुरू हुई हिंद दी चादर मैराथन में 61 हजार युवा शामिल हुए। मैराथन 5, 10 और 21 किलोमीटर के तीन चरणों में हुई। सुबह 6 बजे विधायक जगमोहन आनंद ने 10 और 21 किलोमीटर लंबी दौड़ को हरी झंडी देकर रवाना किया। सुबह 8 बजे पांच किलोमीटर की दौड़ को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने हरी झंडी दिखाई। मैराथन में शामिल लोगों पर फूलों की वर्षा की गई।
दौड़ को शुरू करने से पहले विद्यार्थियों ने गुरु की महिमा का गुणगान किया। गतके ने गुरु के इतिहास के बारे में बताया। मैराथन में शामिल लोगों के ‘बोले सो निहाल और भारत माता की जय’ के घोष से गुंजायमान रहा। गजब के उत्साह और जोश के साथ श्रद्धा का संगम चकित करने वाला था। मैराथन के लिए सुबह 5 बजे से एनडीआरआई चौक पर लोगों का जुटना शुरू हो गया था।
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केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीद दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा हैं। इसमें करनाल जिले का मैराथन कार्यक्रम सफल व रिकॉर्डतोड़ रहा। इसी कड़ी में 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे।
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उन्होंने कहा कि गुरु साहब के शहीदी दिवस पर जिले के साथ-साथ देशभर में यात्राओं का आयोजन किया गया है। हजारों नौजवान गुरु तेग बहादुर की शहादत को नमन करने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल दौड़ नहीं बल्कि देश को आजाद कराने वालों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए उत्साह, जज्बा व भावना है।
साथियों की शहादत को भी किया याद
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर की ओर से देश व समाज के लिए दी गई शहादत की घटना 1675 ईस्वी की है। गुरुजी एक सत्संग में बैठे थे, तब कुछ कश्मीरी पंडित कृपा राम के नेतृत्व में उनके पास आए। बताया कि उन्हें मुगलों की ओर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा था। यातनाएं दी जा रही हैं। तब गुरु साहब ने कहा कि किसी महापुरुष को अपना बलिदान देने पर धर्म परिवर्तन बंद हो सकता है। ऐसा करने से लोगों में जागृति आएगी। साथ बैठे उनके नौ वर्षीय पुत्र (जो बाद में 10वें गुरु गोविंद सिंह जी हुए) ने कहा कि ऐसा महापुरुष आपके अलावा और कौन हो सकता है। गुरु साहब ने पंडित कृपा राम से कहा कि आप सुल्तान से कह दें कि पहले गुरु तेग बहादुर का धर्म परिवर्तन करें। संदेश पाने के बाद सुल्तान ने सेना भेजकर गुरु साहब को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें पहले सरहिंद और फिर दिल्ली लाया गया। गुरु साहब के साथी भाई मतिदास, भाई दयाला और भाई सती दास ने भी साथ ही बलिदान देने की बात कही। पहले भाई मतिदास को आरे से चीरा गया और भाई दयाला को उबलते तेल के कड़ाहे में तपाकर मारा गया और भाई सती दास को रुई में लपेटकर खंभे से बांधकर आग लगा दी गई।
बडख़ालसा के युवक का उल्लेख
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीश गंज के स्थान पर गुरु साहब का धड़ से सिर अलग कर दिया गया था। उन्होंने गुरु साहब के शीश को दिल्ली से आनंदपुर साहिब ले जाने की घटना के दौरान हरियाणा की धरती से जुड़े एक बलिदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सोनीपत जिले के बड़खालसा गांव के एक नौजवान ने शीश को मुगल सेना से बचाने के लिए अपना शीश अर्पित कर दिया। इस मौके पर विधायक जगमोहन आनंद, इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप, असंध के विधायक योगेंद्र राणा, नीलोखेड़ी के भगवानदास कबीरपंथी, उपायुक्त उत्तम सिंह, एसपी गंगा राम पूनिया, मेयर रेणु बाला गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रवीण लाठर, सरदार त्रिलोचन सिंह मौजूद रहे।