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Karnal News: पांच विधानसभा सीटों पर 55 प्रत्याशी लड़ेंगे चुनावी जंग
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नीलोखेड़ी में सर्वाधिक 15 तो इंद्री सीट पर सबसे कम छह प्रत्याशी ठोकेंगे ताल, जजपा प्रत्याशी सहित कई उम्मीदवारों ने छोड़ा मैदान
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा विधानसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन सोमवार को नाम वापसी के बाद जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर 55 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमाएंगे। इसमें नीलोखेड़ी में सर्वाधिक 15, असंध में 14, करनाल में 12, घरौंडा में आठ और इंद्री में सबसे कम छह प्रत्याशी ताल ठोकेंगे। इसमें भाजपा को असंध में बागी एवं निर्दलीय जिलेराम शर्मा तो नीलोखेड़ी में कांग्रेस को पूर्व विधायक राज कुमार वाल्मीकि चुनौती देंगे। कई उम्मीदवारों ने समर्थन में भी मैदान छोड़ दिया है।
दो मुख्यमंत्री देने वाली करनाल विधानसभा सीट पर इस बार लड़ाई रोचक होने के आसार बन रहे हैं। इस बार यहां कोई सीएम का चेहरा सामने नहीं है लेकिन करनाल सीट से सीएम की कुर्सी तक पहुंचने वाले मनोहर लाल और नायब सिंह सैनी दोनों के लिए ही ये सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न बनकर उभरी है। पिछले कुछ दिनों से भाजपा के साथ रहे कुछ पूर्व पार्षदों के कांग्रेस व अन्य पार्टियों में जाने से भाजपा की चिंता बढ़ी है। वहीं इंद्री, असंध, नीलोखेड़ी आदि सीटों पर बागियों ने भाजपा-कांग्रेस के लिए मुसीबतें खड़ी की हैं। हालांकि दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियां बागियों से निपटने की रणनीति बनाने पर जुटी हैं।
करनाल में सभी 12 प्रत्याशी बरकरार, पूर्व पार्षदों ने बढ़ाई भाजपा की चिंता
करनाल विधानसभा क्षेत्र में कुल 12 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, सोमवार को यहां किसी उम्मीदवार ने नामांकन वापस नहीं लिया। इस सीट पर अब भाजपा प्रत्याशी जगमोहन आनंद, जजपा प्रत्याशी जितेंद्र रॉयल, आम आदमी पार्टी प्रत्याशी सुनील बिंदल, इंडियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी सुमिता विर्क, इंडियन नेशनल लोकदल प्रत्याशी सुरजीत सिंह, राष्ट्रीय गरीब दल प्रत्याशी प्रदीप सैनी, शिरोमणि अकाली दल प्रत्याशी हरदीप सिंह हैं।
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इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों में कमल, धर्मेंद्र, नीरू बाला सैनी, यश देव गोयल, वरिंद्र कुमार चावला शामिल हैं। यहां पर भाजपा ने नाराज चल रहीं पूर्व मेयर रेणुबाला गुप्ता को मना लिया है। पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक सुखीजा भी पार्टी में ही हैं लेकिन रेणु बाला के साथी रहे कई पूर्व पार्षद कांग्रेस मेंं चले गए, जो भाजपा के लिए चुनौती हैं। रविवार को एक और पूर्व पार्षद गिन्नी विर्क भी साथ छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।
भाजपा को बागियों से चुनौती, सैनी प्रत्याशी के समर्थन में हटे
इंद्री विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम सिर्फ छह प्रत्याशी ही चुनावी रण में हैं। इनमें लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के उम्मीदवार राजकुमार सैनी ने अपना नाम वापस ले लिया है, वह भाजपा का साथ देंगे, क्योंकि उन्होंने नाम वापसी सैनी समाज के निर्णय के बाद लिया है। यहां भाजपा के रामकुमार कश्यप, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी राकेश कुमार कंबोज, इंडियन नेशनल लोकदल एवं बहुजन समाज पार्टी के संयुक्त प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार, जन नायक जनता पार्टी एवं आजाद समाज पार्टी के संयुक्त प्रत्याशी कुलदीप सिंह, आम आदमी पार्टी के हवा सिंह, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के प्रत्याशी संजय कुमार शामिल हैं। इस सीट पर पूर्व कर्णदेव कंबोज पहले ही भाजपा से बगावत कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं, दूसरी ओर सुरेंद्र उड़ाना भी इनेलो-बसपा उम्मीदवार के रूप में चुनौती दे रहे हैं।
दो निर्दलीयों ने मैदान छोड़ा, कांग्रेस-भाजपा भिड़ेंगे
घरौंडा विधानसभा क्षेत्र में अब आठ उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गए हैं। यहां दो निर्दलीय उम्मीदवार सूरजभान व श्रवण कुमार ने नामांकन वापस ले लिया है। अब चुनावी मैदान में बचे उम्मीदवारों में भाजपा प्रत्याशी हरविंद्र कल्याण, इंडियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह राठौर, इनेलो प्रत्याशी कृष्ण सिंह उर्फ मन्नु कश्यप, आम आदमी पार्टी प्रत्याशी जयपाल शर्मा, जजपा प्रत्याशी राजपाल, जन सेवक क्रांति पार्टी प्रत्याशी विक्की, निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप कश्यप उपली, निर्दलीय प्रत्याशी भूपिंद्र सिंह शामिल हैं।
जजपा प्रत्याशी मैदान से हटे, जिलेराम भाजपा को देंगे चुनौती
नाम वापसी के बाद असंध विधानसभा क्षेत्र में अब 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। यहां तीन निर्दलीय उम्मीदवारों सहित जजपा उम्मीदवार माया सिंह ने नाम वापस ले लिया है। मायाराम का कहना है कि उन्होंने अपनी बिरादरी की बैठक में गणमान्य लोगों के कहने पर नाम वापस लिया है। किसे समर्थन देना है, इसका निर्णय दो दिन बाद समाज की बैठक करके करेंगे। अब शेष उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी के योगेंद्र सिंह राणा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शमशेर सिंह गोगी, इंडियन नेशनल लोकदल एवं बहुजन समाज पार्टी के संयुक्त प्रत्याशी गोपाल राणा, आम आदमी पार्टी के अमनदीप सिंह, एनसीपी के वीरेंद्र वर्मा, बुलंद भारत पार्टी के प्रेमचंद, शिरोमणि अकाली दल के हरजीत सिंह, निर्दलीय प्रत्याशी जिलेराम शर्मा, रामफल, रेखा, बलजीत, सोनिया, प्रदीप, जयपाल शामिल हैं। यहां पंडित जिलेराम शर्मा ने भाजपा से बगावत करके निर्दलीय नामांकन कराकर भाजपा के लिए चुनौती खड़ी की है।
नीलोखेड़ी पर कांग्रेस के तीन बागी ठोक रहे ताल
- नीलोखेड़ी विधानसभा सीट पर कुल 18 उम्मीदवारों में से तीन निर्दलीय उम्मीदवारों राधा, मुकेश कुमार और राजिंद्र सिंह ने नामांकन वापस ले लिया है। यहां अब शेष बचे उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी भगवान दास कबीरपंथी, इंडियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी धर्मपाल गोंदर, आम आदमी पार्टी प्रत्याशी अमर सिंह, इंडियन नेशनल लोकदल प्रत्याशी बलवान सिंह, आजाद समाज पार्टी प्रत्याशी कर्म सिंह, राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी प्रत्याशी गौरव बख्शी, राष्ट्रीय गरीब दल प्रत्याशी दीपक कुमार और निर्दलीय प्रत्याशियों में दयाल सिंह, नवीन कुमार, राज कुमार, राजीव कुमार, वेद प्रकाश, सरिता, सुंदरी, सुभाष चंद्र शामिल हैं। इस सीट पर कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती मिल रही है, क्योंकि कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद बागी होकर नामांकन कराने वाले पूर्व मंत्री राज कुमार वाल्मीकि, दयाल सिंह और पूर्व विधायक मामूराम गोंदर के पुत्र राजीव गोंदर ने निर्दलीय ताल ठोक दी है।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा विधानसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन सोमवार को नाम वापसी के बाद जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर 55 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमाएंगे। इसमें नीलोखेड़ी में सर्वाधिक 15, असंध में 14, करनाल में 12, घरौंडा में आठ और इंद्री में सबसे कम छह प्रत्याशी ताल ठोकेंगे। इसमें भाजपा को असंध में बागी एवं निर्दलीय जिलेराम शर्मा तो नीलोखेड़ी में कांग्रेस को पूर्व विधायक राज कुमार वाल्मीकि चुनौती देंगे। कई उम्मीदवारों ने समर्थन में भी मैदान छोड़ दिया है।
दो मुख्यमंत्री देने वाली करनाल विधानसभा सीट पर इस बार लड़ाई रोचक होने के आसार बन रहे हैं। इस बार यहां कोई सीएम का चेहरा सामने नहीं है लेकिन करनाल सीट से सीएम की कुर्सी तक पहुंचने वाले मनोहर लाल और नायब सिंह सैनी दोनों के लिए ही ये सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न बनकर उभरी है। पिछले कुछ दिनों से भाजपा के साथ रहे कुछ पूर्व पार्षदों के कांग्रेस व अन्य पार्टियों में जाने से भाजपा की चिंता बढ़ी है। वहीं इंद्री, असंध, नीलोखेड़ी आदि सीटों पर बागियों ने भाजपा-कांग्रेस के लिए मुसीबतें खड़ी की हैं। हालांकि दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियां बागियों से निपटने की रणनीति बनाने पर जुटी हैं।
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करनाल में सभी 12 प्रत्याशी बरकरार, पूर्व पार्षदों ने बढ़ाई भाजपा की चिंता
करनाल विधानसभा क्षेत्र में कुल 12 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, सोमवार को यहां किसी उम्मीदवार ने नामांकन वापस नहीं लिया। इस सीट पर अब भाजपा प्रत्याशी जगमोहन आनंद, जजपा प्रत्याशी जितेंद्र रॉयल, आम आदमी पार्टी प्रत्याशी सुनील बिंदल, इंडियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी सुमिता विर्क, इंडियन नेशनल लोकदल प्रत्याशी सुरजीत सिंह, राष्ट्रीय गरीब दल प्रत्याशी प्रदीप सैनी, शिरोमणि अकाली दल प्रत्याशी हरदीप सिंह हैं।
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इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों में कमल, धर्मेंद्र, नीरू बाला सैनी, यश देव गोयल, वरिंद्र कुमार चावला शामिल हैं। यहां पर भाजपा ने नाराज चल रहीं पूर्व मेयर रेणुबाला गुप्ता को मना लिया है। पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक सुखीजा भी पार्टी में ही हैं लेकिन रेणु बाला के साथी रहे कई पूर्व पार्षद कांग्रेस मेंं चले गए, जो भाजपा के लिए चुनौती हैं। रविवार को एक और पूर्व पार्षद गिन्नी विर्क भी साथ छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।
भाजपा को बागियों से चुनौती, सैनी प्रत्याशी के समर्थन में हटे
इंद्री विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम सिर्फ छह प्रत्याशी ही चुनावी रण में हैं। इनमें लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के उम्मीदवार राजकुमार सैनी ने अपना नाम वापस ले लिया है, वह भाजपा का साथ देंगे, क्योंकि उन्होंने नाम वापसी सैनी समाज के निर्णय के बाद लिया है। यहां भाजपा के रामकुमार कश्यप, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी राकेश कुमार कंबोज, इंडियन नेशनल लोकदल एवं बहुजन समाज पार्टी के संयुक्त प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार, जन नायक जनता पार्टी एवं आजाद समाज पार्टी के संयुक्त प्रत्याशी कुलदीप सिंह, आम आदमी पार्टी के हवा सिंह, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के प्रत्याशी संजय कुमार शामिल हैं। इस सीट पर पूर्व कर्णदेव कंबोज पहले ही भाजपा से बगावत कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं, दूसरी ओर सुरेंद्र उड़ाना भी इनेलो-बसपा उम्मीदवार के रूप में चुनौती दे रहे हैं।
दो निर्दलीयों ने मैदान छोड़ा, कांग्रेस-भाजपा भिड़ेंगे
घरौंडा विधानसभा क्षेत्र में अब आठ उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गए हैं। यहां दो निर्दलीय उम्मीदवार सूरजभान व श्रवण कुमार ने नामांकन वापस ले लिया है। अब चुनावी मैदान में बचे उम्मीदवारों में भाजपा प्रत्याशी हरविंद्र कल्याण, इंडियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह राठौर, इनेलो प्रत्याशी कृष्ण सिंह उर्फ मन्नु कश्यप, आम आदमी पार्टी प्रत्याशी जयपाल शर्मा, जजपा प्रत्याशी राजपाल, जन सेवक क्रांति पार्टी प्रत्याशी विक्की, निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप कश्यप उपली, निर्दलीय प्रत्याशी भूपिंद्र सिंह शामिल हैं।
जजपा प्रत्याशी मैदान से हटे, जिलेराम भाजपा को देंगे चुनौती
नाम वापसी के बाद असंध विधानसभा क्षेत्र में अब 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। यहां तीन निर्दलीय उम्मीदवारों सहित जजपा उम्मीदवार माया सिंह ने नाम वापस ले लिया है। मायाराम का कहना है कि उन्होंने अपनी बिरादरी की बैठक में गणमान्य लोगों के कहने पर नाम वापस लिया है। किसे समर्थन देना है, इसका निर्णय दो दिन बाद समाज की बैठक करके करेंगे। अब शेष उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी के योगेंद्र सिंह राणा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शमशेर सिंह गोगी, इंडियन नेशनल लोकदल एवं बहुजन समाज पार्टी के संयुक्त प्रत्याशी गोपाल राणा, आम आदमी पार्टी के अमनदीप सिंह, एनसीपी के वीरेंद्र वर्मा, बुलंद भारत पार्टी के प्रेमचंद, शिरोमणि अकाली दल के हरजीत सिंह, निर्दलीय प्रत्याशी जिलेराम शर्मा, रामफल, रेखा, बलजीत, सोनिया, प्रदीप, जयपाल शामिल हैं। यहां पंडित जिलेराम शर्मा ने भाजपा से बगावत करके निर्दलीय नामांकन कराकर भाजपा के लिए चुनौती खड़ी की है।
नीलोखेड़ी पर कांग्रेस के तीन बागी ठोक रहे ताल
- नीलोखेड़ी विधानसभा सीट पर कुल 18 उम्मीदवारों में से तीन निर्दलीय उम्मीदवारों राधा, मुकेश कुमार और राजिंद्र सिंह ने नामांकन वापस ले लिया है। यहां अब शेष बचे उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी भगवान दास कबीरपंथी, इंडियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी धर्मपाल गोंदर, आम आदमी पार्टी प्रत्याशी अमर सिंह, इंडियन नेशनल लोकदल प्रत्याशी बलवान सिंह, आजाद समाज पार्टी प्रत्याशी कर्म सिंह, राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी प्रत्याशी गौरव बख्शी, राष्ट्रीय गरीब दल प्रत्याशी दीपक कुमार और निर्दलीय प्रत्याशियों में दयाल सिंह, नवीन कुमार, राज कुमार, राजीव कुमार, वेद प्रकाश, सरिता, सुंदरी, सुभाष चंद्र शामिल हैं। इस सीट पर कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती मिल रही है, क्योंकि कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद बागी होकर नामांकन कराने वाले पूर्व मंत्री राज कुमार वाल्मीकि, दयाल सिंह और पूर्व विधायक मामूराम गोंदर के पुत्र राजीव गोंदर ने निर्दलीय ताल ठोक दी है।