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250 बैंक शाखाओं पर लटका ताला, 500 करोड़ का लेन-देन प्रभावित

Thu, 27 Dec 2018 01:29 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 27 Dec 2018 01:29 AM IST
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250 बैंक शाखाओं पर लटका ताला, 500 करोड़ का लेन-देन प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। मांगों को मनवाने को लेकर बुधवार को नेशनल बैंकों में हड़ताल रही। जिलेभर में करीब 250 बैंक शाखाओं में दिनभर ताले लटके रहे और यहां कार्यरत चपरासी से लेकर जीएम तक हड़ताल में शामिल रहे। बैंक अधिकारियों के अनुसार हड़ताल से करीब 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। बैंक बंद होने के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। मजबूरी में लोगों को लेन देन के लिए डिजिटल का सहारा लेना पड़ा। इससे पहले, सेक्टर-12 स्थित पंजाब नेशनल बैंक के सामने सभी बैंक अधिकारी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले एकत्रित हुए। हड़ताल में जिले की सभी 9 बैंक यूनियनों और एसोसिएशनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। मांगों को लेकर सभी ने एक सुर में सुर मिलाया और चेताया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता उनका आंदोलन जारी रहेगा। बैंक अधिकारियों ने चेताया कि अगर मांगें जल्द पूरी नहीं गई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं।

बैंकों पर लटका मिला ताला, निराश लौटे उपभोक्ता
रोजाना की तरह लोग सुबह अपने कामों को लेकर बैंकों में पहुंचे, लेकिन मेन गेट पर ताला देखकर उन्हें लौटना पड़ा। लोगों को उम्मीद थी कि उनका लेन-देन बैंक में होगा, लेकिन हड़ताल के चलते उपभोक्ताओं के कार्य नहीं हो सके। बैंक बंद होने के कारण उपभोक्ताओं को निराश अपने घर लौटना पड़ा। हालांकि, ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा तो रही, लेकिन मैन्युअल कामकाज न होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई जगह एटीएम भी कैशलेस रहे। इसके अलावा, एटीएम में भी पैसे को लेकर लाइन लगी रही।
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इसलिए कर रहे हैं विरोध
बैंक अधिकारियों ने बताया कि विरोध फ्रैक्चरर्ड मैंडेट, बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक के प्रस्तावित विलय, मौजूदा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को विलय करने के लिए सरकार के प्रयास, अधिकारियों के चिकित्सा बीमा लाभों में एकतरफा कमी व सेवानिवृत्त चिकित्सा बीमा प्रीमियर में अत्यधिक वृद्धि के विरोध में है। सरकार उनकी मांगों को दरकिनार कर रही है और बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों को शोषण करने पर तुली है। इसे कतई भी बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
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ये हैं बैंक कर्मचारियों की मांगें
बैंक अधिकारियों को संबोधित करते हुए आल इंडिया बैंक ऑफिसर कान्फेडेरेशन के हरियाणा प्रांतीय सचिव ललित अरोड़ा ने कहा कि संगठन पिछले काफी समय से मांगों को लेकर आंदोलन करता आया है, लेकिन हर बार उन्हें कोरे आश्वासन मिले हैं। अब बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों का सब्र टूट रहा है। इसलिए मजबूरी में वे धरने पर बैठे हैं। उन्होंने मांग की कि ग्यारहवें द्विपक्षीय वेतन समझौते के निपटारे के लिए सभी अधिकारियों के लिए पूर्ण मैंडेट अनुमोदन हो, साथ ही चार्टर के अनुसार वेतन संशोधन होना चाहिए। अरोड़ा ने कहा कि बैंक अधिकारियों के कार्य जीवन शैली में उचित संतुलन और सप्ताह में पांच कार्य दिवस सुनिश्चित किए जाएं, परिवार पेंशन के अद्यतन सहित सेवानिवृत्त बैंक अधिकारियों के मुद्दों का निपटान, कौर बिजनेस और एनपीए रिकवरी पर फोकस करें, थर्ड पार्टी उत्पादों की गलत बिक्री रोकी जाए व एनपीएस को खत्म करके सभी को पूर्ण पेंशन दी जाए। इस अवसर पर बीके मेहता, निशु तोमर, अनिल अनेजा, विजय कुमार, दीपक गर्ग, जसवीर पन्नू, एसपी त्यागी, करतार दुग्गल, सुमेर सिंह, बजरंग दास व जगमाल सिंह मौजूद रहे।
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