फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   बढ़ते अपराध से थर्राई कर्ण नगरी, लूट और स्नेचिंग की बढ़ रही वारदातें

बढ़ते अपराध से थर्राई कर्ण नगरी, लूट और स्नेचिंग की बढ़ रही वारदातें

Sat, 21 Jul 2018 01:01 AM IST
Updated Sat, 21 Jul 2018 01:01 AM IST
विज्ञापन
बढ़ते अपराध से थर्राई कर्ण नगरी, लूट और स्नेचिंग की बढ़ रही वारदातें
बढ़ते अपराध से थर्राई कर्ण नगरी, लूट और स्नैचिंग की बढ़ रही वारदातें
विज्ञापन

- दिनदहाड़े सेक्टर-7 में हुई लूट की वारदात के बाद पुलिस के सुरक्षा चक्र को तोड़कर फरार हुए बदमाश
- सेक्टरों में लगातार बढ़ रही हैं वारदातें, शहर के लोगों में भय का बना माहौल
फोटो संख्या -8 से 14 तक
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सीएम सिटी अब क्राइम सिटी बनती जा रही है। बदमाश अब दिनदहाड़े ही बिना किसी डर के लूट, स्नैचिंग, मर्डर जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। बदमाशों के दुस्साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे घरों के बाहर सैर कर रही महिलाओं से चेन स्नैच करते हैं तो सरेआम दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम देने से भी पीछे नहीं हटते। सबसे बड़ी बात ये है कि न तो उन्हें पुलिस का खौफ है और न ही अपनी पहचान छुपाने की जरूरत। सीसीटीवी कैमरों में वारदातें कैद होती हैं और पुलिस केवल बदमाशों के पीछे लकीर पिटती रह जाती है। इसी कारण हर साल कर्ण नगरी का क्राइम ग्राफ बढ़ता जा रहा है।
शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे सेक्टर-7 की मेन मार्केट में आईसीआईसीआई बैंक के ऊपर पहली मंजिल पर स्थित जय यमुना जी डेवलपर्स माइनिंग कंपनी के ऑफिस हुई 24.68 लाख रुपये की लूट के बाद सेक्टरवासियों दहशत का माहौल बना हुआ है। वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं, हालांकि इतनी मोटी रकम होने के बावजूद कंपनी द्वारा सुरक्षा कर्मचारी तैनात नहीं करना भी कई सवाल खड़े कर रहा है। लेकिन बड़ी बात ये है कि अब बदमाश अब सरेआम वारदातों को अंजाम देने लगे हैं। ऐसे में पुलिस पर सवाल तो उठेंगे ही। कागजों में पुलिस शहर में चौक चौराहों पर नाकेबंदी भी करती है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि आज तक लूट व डकैती के बाद भागे आरोपी इन नाकेबंदी में काबू नहीं आ पाते। पुलिस के घेरे को बदमाश आसानी से तोड़कर फरार हो जाते हैं। शुक्रवार को इस लूट के बाद भी कुछ इसी तरह हुआ। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से पूरे शहर में करीब 9 करोड़ रुपये सीसीटीवी लगाए गए हैं, लेकिन बदमाश बिना नकाब पहने ही वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, उनके फोटो भी कैमरों में कैद हो रहे हैं, लेकिन पुलिस उनको काबू नहीं कर पा रही है।
विज्ञापन


सात सालों में इतने हुए मामले दर्ज
वर्ष - हत्या - अपहरण- डकैती - लूट
2012 - 58 - 97 - - 9 - 42
2013 - 59 - 340 - 7 - 38
2014 - 54 - 371 - 6 - 25
2015 - 62 - 420 - 4 - 53
2016 - 68 - 489 - 17 - 57
2017 - 66 - 310 - 8 - 59
2018 - 18 - 93 - 1 - 21
नोट - वर्ष 2018 के आंकड़े अप्रैल तक के हैं।


सेक्टर-7 में पहले भी हो चुकी हैं कई वारदातें
बदमाश अब सबसे ज्यादा सेक्टरों में वारदातों को अंजाम देते हैं। सेक्टर-7 में इससे पहले भी लूट, स्नेचिंग, चोरी जैसी कई बड़ी वारदात हो चुकी है। लेकिन इन वारदातों को अंजाम देने वाले आरोपियों का कोई सुराग ही नहीं लगा है। 27 जनवरी को सेक्टर-7 में बाइक सवार महिला से स्नैचर पर्स झपटकर फरार हो गया था, इसी प्रकार एक फरवरी सेक्टर-7 में आईजी कार्यालय के पीछे 2184 नंबर कोठी में सास-बहू को बंधक बना व आठ माह की बच्ची को गन प्वाइंट पर लेकर नकाबपोश तीन बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था, इन मामले में भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा। 21 मई को सेक्टर-7 निवासी महिला सरोज गोयल गुरूद्वारे के समीप पार्क में सैर कर घर वापस आ रही थी। घर से कुछ दुरी पर ही पल्सर बाइक सवार दो बदमाश आए और महिला के गले पर झपटा मारकर सोन की चेन लेकर फरार हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये कैसी नाकेबंदी, नहीं पकड़े जाते आरोपी
करनाल जिले की पुलिस वारदात होने के बाद जिले के चारों तरफ नाकाबंदी करने का दावा करती है लेकिन अभी तक एक भी मामला ऐसा नहीं आया है कि पुलिस ने तुरंत की नाकाबंदी कर उस आरोपी को पकड़ लिया हो। ऐसे में पुलिस को और ज्यादा एक्टिव होने की आवश्यकता है। पुलिस की इस सुस्त कार्रवाई के कारण ही बदमाश आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं।


हर चौक-चौराहे पर लगे हैं सीसीटीवी कैमरे, फिर भी बढ़ रही हैं वारदातें
शहर के हर चौक चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, इन कैमरों के लगने से लोगों को उम्मीद थी कि अब क्राइम घटेगा और बदमाशों को वारदात को अंजाम देने के लिए डर लगेगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। बल्कि क्राइम पहले से ज्यादा बढ़ता ही जा रहा है। पुलिस कंट्रोल रूम में पूरे शहर में 129 स्थानों पर लगे ये कैमरे तीसरी नजर रखे हुए हैं, लेकिन इसका लाभ भी पुलिस नहीं ले पा रही है।


लूट की वारदात को सुलझाने के लिए चार अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। बदमाशों की वीडियो फुटेज मिली है, उसकी जांच की जा रही है। कुछ सुराग मिले हैं, जल्द ही बदमाशों को काबू किया जाएगा। जहां तक अन्य वारदातों की बात है तो पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है और लगातार मामलों को सुलझा रही है और बदमाशों को सलाखों के अंदर डाल रही है। पुलिस गश्त बढ़ाई गई और सुरक्षा तंत्र को भी और मजबूत किया जाएगा। - सुरेंद्र भौरिया, एसपी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed