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एक्ट के विरोध में प्रदेश के लैब टेक्निशियन की हुंकार
Updated Wed, 17 Jan 2018 12:19 AM IST
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क्लीनिकल स्टेबलिशमेंट एक्ट के विरोध में प्रदेश भर के तीन हजार लैब टेक्नीशियन ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
क्लीनिकल स्टेबलिशमेंट एक्ट के विरोध में प्रदेशभर से आए करीब तीन हजार निजी लैब टेक्नीशियन ने सीएम सिटी में सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। लैब टेक्नीशियन ने चेताया कि अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। इसके साथ ही वे बड़े आंदोलन से भी गुरेज नहीं करेंगे। बडे़ जुलूस की शक्ल में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सीएम कैंप आफिस का घेराव करने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें बैरिकेटस लगाकर पहले ही रोक लिया, इस पर प्रदर्शनकारियों ने वहीं सड़क पर डेरा जमा लिया।
प्रदर्शनकारी सीएम से लिखित में मिलने का समय मांगने की जिद पर अड़े रहे, बाद में 20 जनवरी को सीएम से मिलने का आश्वासन मिला तो उन्होंने धरना समाप्त किया। वहीं, प्रदेश में करीब 400 लैब बंद रहने हजारों मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले, मंगलवार सुबह लैब टेक्नीशियन कर्ण पार्क में एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर विमर्श किया। इसके बाद नारेबाजी करते हुए सीएम कैंप आफिस का घेराव के लिए कूच किया।
तहसीलदार बाल किशन ने पहले लैब टेक्नीशियन को 20 जनवरी को सीएम से मिलवाने का आश्वासन दिया, लेकिन वह नहीं माने। करीब साढ़े तीन घंटे तक प्रदेशभर के लैब टेक्नीशियन सीएम से मुलाकात कराने का लिखित में आश्वासन लेने की मांग पर अड़ रहे। इसके बाद तहसीलदार ने 11 लैब टेक्नीशियन के साथ कैंप में मीटिंग की और उन्हें समझाया। इसके बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे लैब टेक्नीशियन 20 जनवरी को सीएम से मुलाकात के आश्वासन को मान लिया। इस दिन लैब टेक्नीशियन की 11 सदस्यों की टीम ही सीएम से मिलेगी।
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ये है मांग
मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नोलॉजिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रमेश अहलावत ने बताया कि सरकार ने क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू किया है। इसमें प्रयोगशाला में टेक्नीशियन टेस्ट करेंगे पर रिपोर्ट देने से पहले एमबीबीएस डॉक्टर और पैथोलॉजिस्ट के काउंटर साइन होंगे, तभी यह रिपोर्ट मान्य होगी जो सरासर गलत है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इस नियम को संशोधित किया जाए। प्रयोगशाला टेक्नीशियन एसोसिएशन द्वारा दिए गए काउंसिल एक्ट को लागू किया जाए, उनकी काउंसिल बनाई जाए और एक्ट में प्रयोगशाला टेक्नीशियन को हस्ताक्षर करने एवं रिपोर्ट देने का अधिकार दिया जाए।
दस हजार के करीब है प्रदेश में प्राइवेट लैब
प्रधान रमेश अहलावत ने बताया कि हरियाणा में करीब 10 हजार प्राइवेट लैब चल रही हैं। इनसे करीब 50 हजार परिवारों का पालन पोषण होता है। यदि सरकार इस शर्त को नहीं हटाती तो इसका सीधा असर मरीजों की जेब पर भी पड़ेगा। क्योंकि लैब टेक्नीशियन की रिपोर्ट पर एमबीबीएस व पैथलॉजिस्ट साइन करेगा तो खर्चा बढ़ेगा और फिर ब्लड टेस्ट के रेट भी तीन गुणा बढ़ेंगे।
सड़क पर बैठकर लाइन में किया भोजन
मांगों को लेकर प्रदेशभर के लैब टेक्नीशियन ने दोपहर दो बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक ओएसडी कैंप के समीप धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर लाइन में बैठकर ही भोजन किया। कुछ टेक्नीशियन घर से ही भोजन पैक करवाकर लाए हुए थे। इस दौरान पूरी सड़क लैब टेक्नीशियन से भरी हुई थी।
बंद दुकान के गेट से बिके समोसे
धरने के दौरान लैब टेक्नीशियन को भूख लग गई। कैंप के समीप समोसा फैक्टरी के नाम से एक दुकान थी जो बंद थी। लेकिन फिर भी दुकान के गेट समोसे बिके। प्रदर्शनकारियों ने गेट पर लगे ताले के ऊपर से समोसे खरीदकर खाए। वहीं एक फ्रूट की दुकान से भी प्रदर्शनकारियों ने जमकर फ्रूट खरीदे।
प्राइवेट लैब रही बंद मरीज हुए परेशान
लैब टेक्नीशियन की हड़ताल से शहर में प्राइवेट लैब बंद रही। इस कारण मरीजों को ब्लड टेस्ट के लिए भारी परेशानियों को सामना करना पड़ा। जिले में प्राइवेट लैब में 20 हजार के करीब टेस्ट होते है। जो प्रभावित रहे। प्राइवेट लैब बंद होने के कारण अधिकतर मरीजों के टेस्ट ही नहीं हुए। वहीं दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज में लैब टेक्नीशियन ने काले बिल्ले लगाकर टेस्ट किए।
वाटर कैनन व आंसू गैस के साथ पुलिस बल रहा तैनात
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेट्स के साथ-साथ वाटर कैनन व टियर गैस गाड़ी भी मौके पर ही खड़ी की थी। इसके साथ ही डीएसपी राजीव कुमार के साथ भारी मात्रा में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। ताकि प्रदर्शनकारी कोई उपद्रव न मचा दे। वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों ने भी मोबाइल में हर बात को रिकॉर्ड किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
क्लीनिकल स्टेबलिशमेंट एक्ट के विरोध में प्रदेशभर से आए करीब तीन हजार निजी लैब टेक्नीशियन ने सीएम सिटी में सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। लैब टेक्नीशियन ने चेताया कि अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। इसके साथ ही वे बड़े आंदोलन से भी गुरेज नहीं करेंगे। बडे़ जुलूस की शक्ल में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सीएम कैंप आफिस का घेराव करने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें बैरिकेटस लगाकर पहले ही रोक लिया, इस पर प्रदर्शनकारियों ने वहीं सड़क पर डेरा जमा लिया।
प्रदर्शनकारी सीएम से लिखित में मिलने का समय मांगने की जिद पर अड़े रहे, बाद में 20 जनवरी को सीएम से मिलने का आश्वासन मिला तो उन्होंने धरना समाप्त किया। वहीं, प्रदेश में करीब 400 लैब बंद रहने हजारों मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले, मंगलवार सुबह लैब टेक्नीशियन कर्ण पार्क में एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर विमर्श किया। इसके बाद नारेबाजी करते हुए सीएम कैंप आफिस का घेराव के लिए कूच किया।
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तहसीलदार बाल किशन ने पहले लैब टेक्नीशियन को 20 जनवरी को सीएम से मिलवाने का आश्वासन दिया, लेकिन वह नहीं माने। करीब साढ़े तीन घंटे तक प्रदेशभर के लैब टेक्नीशियन सीएम से मुलाकात कराने का लिखित में आश्वासन लेने की मांग पर अड़ रहे। इसके बाद तहसीलदार ने 11 लैब टेक्नीशियन के साथ कैंप में मीटिंग की और उन्हें समझाया। इसके बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे लैब टेक्नीशियन 20 जनवरी को सीएम से मुलाकात के आश्वासन को मान लिया। इस दिन लैब टेक्नीशियन की 11 सदस्यों की टीम ही सीएम से मिलेगी।
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ये है मांग
मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नोलॉजिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रमेश अहलावत ने बताया कि सरकार ने क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू किया है। इसमें प्रयोगशाला में टेक्नीशियन टेस्ट करेंगे पर रिपोर्ट देने से पहले एमबीबीएस डॉक्टर और पैथोलॉजिस्ट के काउंटर साइन होंगे, तभी यह रिपोर्ट मान्य होगी जो सरासर गलत है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इस नियम को संशोधित किया जाए। प्रयोगशाला टेक्नीशियन एसोसिएशन द्वारा दिए गए काउंसिल एक्ट को लागू किया जाए, उनकी काउंसिल बनाई जाए और एक्ट में प्रयोगशाला टेक्नीशियन को हस्ताक्षर करने एवं रिपोर्ट देने का अधिकार दिया जाए।
दस हजार के करीब है प्रदेश में प्राइवेट लैब
प्रधान रमेश अहलावत ने बताया कि हरियाणा में करीब 10 हजार प्राइवेट लैब चल रही हैं। इनसे करीब 50 हजार परिवारों का पालन पोषण होता है। यदि सरकार इस शर्त को नहीं हटाती तो इसका सीधा असर मरीजों की जेब पर भी पड़ेगा। क्योंकि लैब टेक्नीशियन की रिपोर्ट पर एमबीबीएस व पैथलॉजिस्ट साइन करेगा तो खर्चा बढ़ेगा और फिर ब्लड टेस्ट के रेट भी तीन गुणा बढ़ेंगे।
सड़क पर बैठकर लाइन में किया भोजन
मांगों को लेकर प्रदेशभर के लैब टेक्नीशियन ने दोपहर दो बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक ओएसडी कैंप के समीप धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर लाइन में बैठकर ही भोजन किया। कुछ टेक्नीशियन घर से ही भोजन पैक करवाकर लाए हुए थे। इस दौरान पूरी सड़क लैब टेक्नीशियन से भरी हुई थी।
बंद दुकान के गेट से बिके समोसे
धरने के दौरान लैब टेक्नीशियन को भूख लग गई। कैंप के समीप समोसा फैक्टरी के नाम से एक दुकान थी जो बंद थी। लेकिन फिर भी दुकान के गेट समोसे बिके। प्रदर्शनकारियों ने गेट पर लगे ताले के ऊपर से समोसे खरीदकर खाए। वहीं एक फ्रूट की दुकान से भी प्रदर्शनकारियों ने जमकर फ्रूट खरीदे।
प्राइवेट लैब रही बंद मरीज हुए परेशान
लैब टेक्नीशियन की हड़ताल से शहर में प्राइवेट लैब बंद रही। इस कारण मरीजों को ब्लड टेस्ट के लिए भारी परेशानियों को सामना करना पड़ा। जिले में प्राइवेट लैब में 20 हजार के करीब टेस्ट होते है। जो प्रभावित रहे। प्राइवेट लैब बंद होने के कारण अधिकतर मरीजों के टेस्ट ही नहीं हुए। वहीं दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज में लैब टेक्नीशियन ने काले बिल्ले लगाकर टेस्ट किए।
वाटर कैनन व आंसू गैस के साथ पुलिस बल रहा तैनात
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेट्स के साथ-साथ वाटर कैनन व टियर गैस गाड़ी भी मौके पर ही खड़ी की थी। इसके साथ ही डीएसपी राजीव कुमार के साथ भारी मात्रा में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। ताकि प्रदर्शनकारी कोई उपद्रव न मचा दे। वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों ने भी मोबाइल में हर बात को रिकॉर्ड किया।