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करनाल: 21 दिन का पीपीई किट का बिल बना 44 हजार, परिजनों का हंगामा, जांच कमेटी गठित

Thu, 27 May 2021 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 27 May 2021 02:21 AM IST
सार

बलविंद्र के परिजनों का आरोप है कि उनके मरीज का 21 दिन इलाज चला। पार्क अस्पताल प्रशासन ने रोज दो हजार रुपये के हिसाब से पीपीई किट के पैसे मांगे जो बहुत ज्यादा हैं। 

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Park Hospital of Karnal Charged 44 thousand rupees for PPE Kit, Inquiry committee constituted
करनाल में अपना पक्ष रखते अस्पताल के अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कोरोना काल में प्राइवेट अस्पतालों की लूट जारी है। हरियाणा के करनाल में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया। जीटी रोड स्थित पार्क हॉस्पिटल में कोविड-19 मरीज के परिजनों को जो बिल दिया उसमें पीपीई किट का दाम देखकर परिजन हैरान रह गए। इसके बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। अब इस मामले में उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने जांच कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी ने भी जीटी रोड स्थित पार्क अस्पताल में पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और पीड़ित के बयान भी दर्ज कर लिए हैं।

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असंध निवासी रोहित ने आरोप लगाया था कि उसके पिता बलविंद्र (53) के कोरोना पॉजिटिव आने पर पार्क अस्पताल ले गए और वहां 4 मई को पिता को दाखिल करा दिया था। वहां पिता को आईसीयू में भर्ती किया गया था। दो दिन बाद अस्पताल की ओर से फोन आया और उसे 50 हजार रुपये जमा कराने को कहा गया। जो कि उसने जमा करा दिए। ऐसे ही हर दो दिन बाद फोन आने लगा और वह रुपये जमा कराता रहा। 

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जब उसने अस्पताल से अपने पिता की रिपोर्ट मांगी तो अस्पताल के कोआर्डिनेटर सुशील ने कहा कि वह अपने मरीज को ले जाएं। रोहित ने आरोप लगाया कि जब पिता को अस्पताल ने छुट्टी दी तो उसका बिल 4.62 लाख रुपये बना दिया। जब उसने बिल की डिटेल मांगी तो कहा गया कि पहले रुपये जमा कराएं तभी बिल मिलेगा और मरीज को डिस्चार्ज किया जाएगा। इस पर उसने रुपये जमा करा दिए। इसके बाद जब उसे बिल मिला तो उसमें 44 हजार रुपये पीपीई किट के जोड़े गए थे।

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80 हजार रुपये करीब इंजेक्शन के लगाए गए थे। जब उसने बिल में मनमानी फीस का विरोध किया तो रात को उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसे अस्पताल से निकाल दिया गया। इस दौरान वहां हंगामा भी हुआ। शिकायत प्रशासन के पास पहुंचने के बाद डीसी ने इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। सीएमओ डॉ. योगेश शर्मा का कहना है कि मामले की जांच चल रही है।

मरीज बलविंद्र का जो बिल बनाया गया है व सरकारी रेट के अनुसार ही है। पीपीई किट को लेकर सरकार से एक पत्र जारी हुआ है जिसमें दो हजार रुपये तक पीपीई किट के लिए जा सकते हैं, क्योंकि यह एक दिन के एक पीपीई किट के रुपये नहीं हैं। दिन में मरीज के पास सफाई कर्मचारी, खाना देने वाला, डॉक्टर सहित कई लोग पीपीई किट पहनकर आते-जाते हैं। इस लिहाज से एक दिन में कई पीपीई किट लगते हैं। यह उसी का बिल है। पीपीई किट के बिल को लेकर मरीज के परिजन को कहा गया था कि वह उन्हें डिस्काउंट दे देंगे। मरीज द्वारा धक्के मारने के आरोप निराधार हैं ।  -डॉ. रजना शर्मा, एमएस, पार्क अस्पताल


पार्क अस्पताल द्वारा एक मरीज के बिल में पीपीई किट के ज्यादा रुपये जोड़े गए हैं। इसकी शिकायत मिली है। डीसी के निर्देश पर टीम का गठन किया गया है। अस्पताल जाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता से भी मामले की जानकारी ली गई। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन से सभी कोविड मरीजों के बिल मांगे हैं। जांच पूरी निष्पक्षता से होगी। -अदिति, अध्यक्ष जांच कमेटी/एमडी, शुगर मिल करनाल
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