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2765 विद्यार्थियों को मिले स्कूल, 624 हुए निराश
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए पात्र विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं। शुक्रवार को जारी हुए संशोधित ड्रा में 3389 पात्र विद्यार्थियों को शामिल किया गया। जिनमें से 2765 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित किए गए। जबकि 624 विद्यार्थियों को कोई स्कूल न मिलने से निराशा हाथ लगी। अब इन विद्यार्थियों को अगले ड्रा तक का इंतजार करना पड़ेगा। यदि सीटें बचीं तो इन्हें अलॉट कर दी जाएंगी। जिन विद्यार्थियों को स्कूल की सीटें अलॉट हुई हैं, उन्हें 24 दिसंबर तक स्कूलों में दाखिला लेना होगा। इसके लिए उन्हें सभी दस्तावेजों के साथ स्कूल में रिपोर्ट करना होगा।
शुक्रवार सुबह विभाग की ओर से पोर्टल पर सूची जारी कर दी गई थी। सूची को सभी खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों में लगाया गया। पूरे दिन अपने बच्चों के सूची में नाम देखने के लिए अभिभावकों की भीड़ जुटी रही। उन्होंने विभाग के कर्मचारियों से भी आगे की प्रक्रिया के बारे में जाना। वहीं कई अभिभावकों ने विद्यार्थियों को सीट न मिलने के कारणों के बारे में भी पूछा। स्कूल आवंटन की जानकारी बच्चों के अभिभावकों के आवेदन फार्म में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर मैसेज के माध्यम से भी दी गई।
विकल्प में कम या एक जैसे स्कूल भरे इसलिए नहीं मिली सीट
सीट आवंटित न होने के दो कारण रहे। पहला आवेदन फार्म में कम स्कूल विकल्प के रूप में भरे गए। दूसरा कारण ज्यादातर बच्चों ने नामी स्कूलों को अपने विकल्प में शामिल किया। ऐसे में कम सीटों ज्यादा विद्यार्थी कतार में होने से सभी को सीट नहीं मिल पाई। ज्यादातर विद्यार्थियों ने शहर के नामी स्कूलों का विकल्प भरा था। इन स्कूलों में दाखिले के लिए ज्यादा आवेदन आने से तय सीटों से अधिक विद्यार्थी स्कूल आवंटन से रह गए।
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361 स्कूलों में हैं 10259 सीटें
नियम 134ए के तहत सभी छह खंडों के 361 स्कूलों ने 10259 सीटें निशुल्क शिक्षा के लिए आरक्षित हैं। सबसे ज्यादा कक्षा तीसरी में 1515 और सबसे कम कक्षा 11वीं में 711 सीटे हैं। लेकिन इन पर दाखिले के लिए 5148 विद्यार्थियों ने ही आवेदन किया। 659 विद्यार्थी सरकारी स्कूलों के थे, इसलिए दाखिले के लिए पात्र माने गए। जबकि 4201 में से 2730 ने प्रवेश परीक्षा पास की। कुल 3389 विद्यार्थी ड्रा में शामिल हुए। जिनमें से 2765 को स्कूल अलॉट हुआ।
इस कक्षा में इतने विद्यार्थियों को आवंटित हुई सीट
कक्षा विद्यार्थी सीट मिली
दूसरी 715 638
तीसरी 814 716
चौथी 507 328
पांचवीं 416 292
छठी 333 254
सातवीं 207 169
आठवीं 221 199
नौवीं 113 112
11वीं 63 58
कुल 3389 2765
16 विद्यार्थी दूसरे जिलों के
जिन 2765 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट हुआ है। इनमें से 16 विद्यार्थी दूसरे जिलों के हैं, जो अपनी पढ़ाई अब दाखिला मिलने पर करनाल के स्कूलों में ही करेंगे। इनमें सबसे ज्यादा दूसरी कक्षा में पांच और 11वीं कक्षा में चार विद्यार्थी हैं। जबकि अन्य सभी कक्षाओं में एक-एक विद्यार्थी हैं। 24 दिसंबर तक दाखिला करा सकते हैं। आवेदन फार्म में जो दस्तावेज शामिल किए थे, उनकी मूल प्रति लेकर ही स्कूलों में रिपोर्ट करना है।
-राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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करनाल। नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए पात्र विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं। शुक्रवार को जारी हुए संशोधित ड्रा में 3389 पात्र विद्यार्थियों को शामिल किया गया। जिनमें से 2765 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित किए गए। जबकि 624 विद्यार्थियों को कोई स्कूल न मिलने से निराशा हाथ लगी। अब इन विद्यार्थियों को अगले ड्रा तक का इंतजार करना पड़ेगा। यदि सीटें बचीं तो इन्हें अलॉट कर दी जाएंगी। जिन विद्यार्थियों को स्कूल की सीटें अलॉट हुई हैं, उन्हें 24 दिसंबर तक स्कूलों में दाखिला लेना होगा। इसके लिए उन्हें सभी दस्तावेजों के साथ स्कूल में रिपोर्ट करना होगा।
शुक्रवार सुबह विभाग की ओर से पोर्टल पर सूची जारी कर दी गई थी। सूची को सभी खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों में लगाया गया। पूरे दिन अपने बच्चों के सूची में नाम देखने के लिए अभिभावकों की भीड़ जुटी रही। उन्होंने विभाग के कर्मचारियों से भी आगे की प्रक्रिया के बारे में जाना। वहीं कई अभिभावकों ने विद्यार्थियों को सीट न मिलने के कारणों के बारे में भी पूछा। स्कूल आवंटन की जानकारी बच्चों के अभिभावकों के आवेदन फार्म में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर मैसेज के माध्यम से भी दी गई।
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विकल्प में कम या एक जैसे स्कूल भरे इसलिए नहीं मिली सीट
सीट आवंटित न होने के दो कारण रहे। पहला आवेदन फार्म में कम स्कूल विकल्प के रूप में भरे गए। दूसरा कारण ज्यादातर बच्चों ने नामी स्कूलों को अपने विकल्प में शामिल किया। ऐसे में कम सीटों ज्यादा विद्यार्थी कतार में होने से सभी को सीट नहीं मिल पाई। ज्यादातर विद्यार्थियों ने शहर के नामी स्कूलों का विकल्प भरा था। इन स्कूलों में दाखिले के लिए ज्यादा आवेदन आने से तय सीटों से अधिक विद्यार्थी स्कूल आवंटन से रह गए।
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361 स्कूलों में हैं 10259 सीटें
नियम 134ए के तहत सभी छह खंडों के 361 स्कूलों ने 10259 सीटें निशुल्क शिक्षा के लिए आरक्षित हैं। सबसे ज्यादा कक्षा तीसरी में 1515 और सबसे कम कक्षा 11वीं में 711 सीटे हैं। लेकिन इन पर दाखिले के लिए 5148 विद्यार्थियों ने ही आवेदन किया। 659 विद्यार्थी सरकारी स्कूलों के थे, इसलिए दाखिले के लिए पात्र माने गए। जबकि 4201 में से 2730 ने प्रवेश परीक्षा पास की। कुल 3389 विद्यार्थी ड्रा में शामिल हुए। जिनमें से 2765 को स्कूल अलॉट हुआ।
इस कक्षा में इतने विद्यार्थियों को आवंटित हुई सीट
कक्षा विद्यार्थी सीट मिली
दूसरी 715 638
तीसरी 814 716
चौथी 507 328
पांचवीं 416 292
छठी 333 254
सातवीं 207 169
आठवीं 221 199
नौवीं 113 112
11वीं 63 58
कुल 3389 2765
16 विद्यार्थी दूसरे जिलों के
जिन 2765 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट हुआ है। इनमें से 16 विद्यार्थी दूसरे जिलों के हैं, जो अपनी पढ़ाई अब दाखिला मिलने पर करनाल के स्कूलों में ही करेंगे। इनमें सबसे ज्यादा दूसरी कक्षा में पांच और 11वीं कक्षा में चार विद्यार्थी हैं। जबकि अन्य सभी कक्षाओं में एक-एक विद्यार्थी हैं। 24 दिसंबर तक दाखिला करा सकते हैं। आवेदन फार्म में जो दस्तावेज शामिल किए थे, उनकी मूल प्रति लेकर ही स्कूलों में रिपोर्ट करना है।
-राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी