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सात जिलों को 13 खेल नर्सरियों की सौगात, करनाल की झोली खाली

Fri, 01 Mar 2019 12:23 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 01 Mar 2019 12:23 AM IST
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सात जिलों को 13 खेल नर्सरियों की सौगात, करनाल की झोली खाली
अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। खेल निदेशालय ने सात जिलों को 3 आवासीय और 10 डे-बोर्डिंग खेल नर्सरी की सौगात दी है। इन्हें एक अप्रैल से शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। 10 मार्च तक खिलाड़ियों का चयन कर रिपोर्ट निदेशालय भेजने के लिए कहा गया है, ताकि खेल नर्सरी समय से शुरू हो सकें।
भिवानी के साथ ही रोहतक के हिस्से में तीन-तीन नर्सरियां आईं हैं। बड़ी बात यह है कि 13 में से सीएम सिटी करनाल की झोली खाली रह गई। जिले के हिस्से में एक भी नर्सरी नहीं आने से खिलाड़ियों में निराशा है। प्लेयर्स इसका जिम्मेदार खेल विभाग को मान रहे हैं। दरअसल इन खेल नर्सरियों के लिए निदेशालय ने हर जिले से डिमांड मांगी थी। खिलाड़ियों की मानें तो करनाल से डिमांड ही समय पर नहीं भेजी गई। जब तक यहां से रिपोर्ट गई तब तक लिस्ट फाइनल हो चुकी थी। यही वजह रही कि करनाल इस बड़ी उपलब्धि से चूक गया। समय से डिमांड भेजी गई होती तो इस लिस्ट में करनाल का नाम भी जरूरत होता।
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हॉकी व बॉक्सिंग नर्सरी की डिमांड थी
खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, करनाल से हॉकी व बॉक्सिंग की आवासीय खेल नर्सरी की डिमांड भेजी गई थी। एक महीना पहले यानी जनवरी के अंत में इसे निदेशालय भेज दिया गया था। इसके करीब 15 दिन बाद यह सूची जारी कर दी गई। यह दोनों नर्सरियां जिले को मिलती तो हॉकी व बॉक्सिंग के खिलाड़ियों के लिए यह बड़ी सौगात होती, लेकिन प्लेयर्स का यह ख्वाब पूरा नहीं हो सका।
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क्या है आवासीय और डे-बोर्डिंग नर्सरी
आवासीय खेल नर्सरी में खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था भी विभाग की होती है। सुबह व शाम को खिलाड़ी नर्सरियों में अभ्यास करने के बाद रात को विभाग के ही हॉस्टल में आराम फरमाते हैं। करनाल में फिलहाल खेल विभाग के पास ऐसी कोई बिल्डिंग नहीं है जहां रात को खिलाड़ियों को ठहराया जा सके। हां विभाग ने कर्ण स्टेडियम के आस-पास हॉस्टल बनाने की योजना बनाई है। बताया जा रहा है कि इसमें 150 से 200 बेड की व्यवस्था होगी। हेड ऑफिस ने एससी कंपोनेंट के बजट में से 63 लाख रुपये इसके लिए जारी भी कर दिए गए हैं। बाकी की राशि एस्टीमेट व टेंडर अलॉट होने के बाद जारी होनी है, लेकिन फिलहाल योजना ठंडे बस्ते में है। जबकि डे-बोर्डिंग नर्सरी में केवल खिलाड़ियों के लिए अभ्यास की व्यवस्था होगी।
निदेशालय की लिस्ट में भिवानी और रोहतक को तीन-तीन खेल नर्सरियों की सौगात मिली है। भिवानी एथलेटिक्स और हॉकी की दो आवासीय नर्सरी लेने में कामयाब रहा, जबकि तीन में से एक आवासीय खेल नर्सरी पंचकूला में खुलेगी। इसके अलावा हिसार को दो डे-बोर्डिंग नर्सरी की सौगात सरकार ने दी है। खेल मंत्री का जिला अंबाला भी जिम्नास्टिक व फुटबॉल की नर्सरी लेने में कामयाब रहा।

जानिए किसे कौन सी खेल नर्सरी की सौगात
जिला खेन नर्सरी खेल
पंचकूला आवासीय एथलेटिक्स
भिवानी आवासीय एथलेटिक्स व हॉकी
भिवानी डे-बोर्डिंग हॉकी
हिसार डे-बोर्डिंग एथलेटिक्स व हॉकी
रोहतक डे-बोर्डिंग एथलेटिक्स व दो हॉकी
कुरुक्षेत्र डे-बोर्डृगिं एथलेटिक्स
अंबाला डे-बोर्डिंग जिम्नास्टिक व फुटबॉल
फतेहाबाद डे-बोर्डिंग फुटबॉल

खिलाड़ी बोले-इस नुकसान की भरपाई नहीं होगी
हॉकी खिलाड़ी राजकुमार आहलुलिया उर्फ शिकारी, नितिन मलिक, अजय, जसबीर सिंह, गौरव चौधरी, विनय व संजय राज ने कहा कि भिवानी व रोहतक को तीन-तीन खेल नर्सरियां मिली हैं। दुख की बात है कि करनाल के हिस्से में एक भी नर्सरी नहीं आई। खिलाड़ियों को हुए इस नुकसान की भरपाई नहीं हो सकेगी। खेल विभाग को समय पर डिमांड भेजनी चाहिए थी। सीएम सिटी के बाद भी नर्सरी नहीं मिलना बड़ी बात है।



आवासीय व डे-बोर्डिंग खेल नर्सरियों के लिए करनाल से डिमांड भेजी गई थी, लेकिन तब तक यह लिस्ट लगभग फाइनल हो चुकी थी। जल्द ही प्रदेश में 1000 खेल नर्सरियां खोली जाएंगी। सभी जिलों को यह सौगात जल्द मिलेगी।-बबीता, कार्यकारी डीएसओ करनाल।
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