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विज्ञान प्रदर्शनी में अब थर्माकोल व प्लास्टिक से बने मॉडल नहीं होंगे शामिल
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। गुरुग्राम में 21 जनवरी से 23 जनवरी तक होने वाली राज्य स्तरीय जवाहर लाल नेहरू विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थी थर्माकोल और प्लास्टिक से बनाए गए साइंस मॉडल को नहीं ले जा सकते। शिक्षा विभाग ने थर्माकोल और प्लास्टिक से बनाए मॉडलों पर प्रतिबंध लगा दिया है, ताकि बढ़ते प्रदूषण को रोका जा सकते। यह निर्देश जारी करते हुए शिक्षा विभाग ने कहा कि है विद्यार्थी अब कागज, लकड़ी और लोहे सहित अन्य धातु के ही साइंस मॉडल तैयार करेंगे जो सुरक्षित भी रहेंगे।
बता दें बढ़ते प्रदूषण को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाए हुए हैं, जिनमें रैली, नुक्कड़ नाटक, गोष्ठी, सेमीनार आदि का आयोजन किया जा रहा है। इसी कारण यह बड़ा फैसला शिक्षा विभाग ने लिया है। इस क्रम में ही एक और बड़ा फैसला लिया गया हैै। इसकी शुरुआत विज्ञान प्रदर्शनी से की जा रही है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में 21 जनवरी को राज्यस्तरीय जवाहर लाल नेहरू विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में थर्माकोल और प्लास्टिक से बनाए गए मॉडल को शामिल नहीं किया जाएगा। अब बच्चों को विज्ञान के मॉडलों में लकड़ी और कागज का ही प्रयोग करना होगा। थर्माकोल और प्लास्टिक का नहीं किया जा सकता है। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को विज्ञान प्रदर्शनी के लिए मॉडल बनाने के लिए रुपये भी दिए जाते हैं।
राज्य स्तर की विज्ञान प्रदर्शनी में उन्हीं विद्यार्थियों के मॉडल राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में शामिल होंगे जिनका मॉडल जिला स्तर पर प्रथम रहा है लेकिन इस प्रदर्शनी में विद्यार्थी के मॉडल कागज, लकड़ी, लोहा आदि अन्य धातु के बने हों थर्माकोल और प्लास्टिक का मॉडल में प्रयोग ना किया गया हो।
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राज्य स्तरीय जवाहर नेहरू विज्ञान प्रदर्शनी गुुरुग्राम में 21 जनवरी से 23 जनवरी तक है। इस प्रदर्शनी में थर्माकोल व प्लास्टिक से बने मॉडल शामिल नहीं होगे। विद्यार्थी अब कागज, लकड़ी आदि के ही मॉडल प्रदर्शनी में पेश करेंगे। -सुशील कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, करनाल।
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करनाल। गुरुग्राम में 21 जनवरी से 23 जनवरी तक होने वाली राज्य स्तरीय जवाहर लाल नेहरू विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थी थर्माकोल और प्लास्टिक से बनाए गए साइंस मॉडल को नहीं ले जा सकते। शिक्षा विभाग ने थर्माकोल और प्लास्टिक से बनाए मॉडलों पर प्रतिबंध लगा दिया है, ताकि बढ़ते प्रदूषण को रोका जा सकते। यह निर्देश जारी करते हुए शिक्षा विभाग ने कहा कि है विद्यार्थी अब कागज, लकड़ी और लोहे सहित अन्य धातु के ही साइंस मॉडल तैयार करेंगे जो सुरक्षित भी रहेंगे।
बता दें बढ़ते प्रदूषण को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाए हुए हैं, जिनमें रैली, नुक्कड़ नाटक, गोष्ठी, सेमीनार आदि का आयोजन किया जा रहा है। इसी कारण यह बड़ा फैसला शिक्षा विभाग ने लिया है। इस क्रम में ही एक और बड़ा फैसला लिया गया हैै। इसकी शुरुआत विज्ञान प्रदर्शनी से की जा रही है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में 21 जनवरी को राज्यस्तरीय जवाहर लाल नेहरू विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में थर्माकोल और प्लास्टिक से बनाए गए मॉडल को शामिल नहीं किया जाएगा। अब बच्चों को विज्ञान के मॉडलों में लकड़ी और कागज का ही प्रयोग करना होगा। थर्माकोल और प्लास्टिक का नहीं किया जा सकता है। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को विज्ञान प्रदर्शनी के लिए मॉडल बनाने के लिए रुपये भी दिए जाते हैं।
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राज्य स्तर की विज्ञान प्रदर्शनी में उन्हीं विद्यार्थियों के मॉडल राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में शामिल होंगे जिनका मॉडल जिला स्तर पर प्रथम रहा है लेकिन इस प्रदर्शनी में विद्यार्थी के मॉडल कागज, लकड़ी, लोहा आदि अन्य धातु के बने हों थर्माकोल और प्लास्टिक का मॉडल में प्रयोग ना किया गया हो।
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राज्य स्तरीय जवाहर नेहरू विज्ञान प्रदर्शनी गुुरुग्राम में 21 जनवरी से 23 जनवरी तक है। इस प्रदर्शनी में थर्माकोल व प्लास्टिक से बने मॉडल शामिल नहीं होगे। विद्यार्थी अब कागज, लकड़ी आदि के ही मॉडल प्रदर्शनी में पेश करेंगे। -सुशील कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, करनाल।