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भाकियू ने 5 जनवरी की महापंचायत को लेकर लगाई ड्यूटियां
Updated Tue, 02 Jan 2018 12:33 AM IST
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भाकियू ने पांच जनवरी की महापंचायत को लेकर लगाई ड्यूटी
अमर उजाला ब्यूरो
नीलोखेड़ी।
भारतीय किसान यूनियन की ब्लॉक इकाई की ओर से गोल मार्केट पार्क में बैठक का आयोजन किया गया। नवनियुक्त ब्लॉक प्रधान हरजिंद्र सिंह विर्क की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों की समस्याओं के बारे में विचार किया गया। वहीं भाकियू की पांच जनवरी को नारनौंद में होने वाली किसान महापंचायत को लेकर ड्यूटी भी लगाई गई। इस दौरान विर्क ने कहा कि किसानों की हितैषी होने का दावा करने वाली मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल में किसानों के खून पसीने की कमाई को लूटा जा रहा है। इन तीन वर्षों के कार्यकाल में शोषण का शिकार हो रहे किसानों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ा है। किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के नाम पर सरकार के पास कुछ भी कहने को है। अन्नदाता कहे जाने वाला किसान तबका आज बेबसी के आंसू बहाने पर मजबूर है। जिसके चलते ही पांच जनवरी को किसान महापंचायत का आयोजन नारनौंद में किया जाएगा। इसमें भावी रणनीति बनाई जाएगी। अपने हितों की रक्षा करने के लिए किसान किसी भी स्तर का संघर्ष करने से परहेज नहीं करेगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष बाबू राम डाबरथला सहित पाला राम, बलबीर सिंह, हरिकिशन, जसवंत सिंह, जिले सिंह, श्रीराम समाना बाहु, चरणजीत तथा सतीश सचदेवा आदि किसान नेताओं ने भी विचार व्यक्त किए।
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अमर उजाला ब्यूरो
नीलोखेड़ी।
भारतीय किसान यूनियन की ब्लॉक इकाई की ओर से गोल मार्केट पार्क में बैठक का आयोजन किया गया। नवनियुक्त ब्लॉक प्रधान हरजिंद्र सिंह विर्क की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों की समस्याओं के बारे में विचार किया गया। वहीं भाकियू की पांच जनवरी को नारनौंद में होने वाली किसान महापंचायत को लेकर ड्यूटी भी लगाई गई। इस दौरान विर्क ने कहा कि किसानों की हितैषी होने का दावा करने वाली मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल में किसानों के खून पसीने की कमाई को लूटा जा रहा है। इन तीन वर्षों के कार्यकाल में शोषण का शिकार हो रहे किसानों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ा है। किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के नाम पर सरकार के पास कुछ भी कहने को है। अन्नदाता कहे जाने वाला किसान तबका आज बेबसी के आंसू बहाने पर मजबूर है। जिसके चलते ही पांच जनवरी को किसान महापंचायत का आयोजन नारनौंद में किया जाएगा। इसमें भावी रणनीति बनाई जाएगी। अपने हितों की रक्षा करने के लिए किसान किसी भी स्तर का संघर्ष करने से परहेज नहीं करेगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष बाबू राम डाबरथला सहित पाला राम, बलबीर सिंह, हरिकिशन, जसवंत सिंह, जिले सिंह, श्रीराम समाना बाहु, चरणजीत तथा सतीश सचदेवा आदि किसान नेताओं ने भी विचार व्यक्त किए।