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चेयरमैन विवाद : भाजपा जिलाध्यक्ष का दावास कल्याण ने दिया इस्तीफा, हटाने की केवल अफवाह
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करनाल। घरौंडा से विधायक एवं हैफेड के पूर्व चेयरमैन हरविंद्र कल्याण को हैफेड के चेयरमैन के पद से हटाने को लेकर अब भाजपा के जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद खुलकर सामने आ गए हैं। आनंद का दावा है कि कल्याण को हटाया नहीं गया है, बल्कि खुद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है।
इस्तीफे की कॉपी दिखाते हुए जिलाध्यक्ष ने दावा किया है कि ये इस्तीफा कल्याण ने 9 जनवरी को ही सीएम को दे दिया था। हालांकि, सवाल ये है कि जब दो माह पहले ही कल्याण इस्तीफा दे चुके हैं तो पहले क्यों नहीं ये जानकारी साझा की गई?
गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने मीडिया को जारी बयान में कहा था कि हैफेड के चेयरमैन हरविंद्र कल्याण और शुगरफेड के चेयरमैन रहे चंद्रप्रकाश कथूरिया को पदों से पटा दिया गया है और दोबारा से उनको पद नहीं देना भाकियू की जीत है।
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सोमवार को मीडिया से बात करते हुए जगमोहन आनंद ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया एवं सोशल मीडिया के साथ राजनीतिक गलियारों एवं विरोधियों द्वारा एक दुष्प्रचार किया जा रहा है कि हरविंद्र कल्याण को हैफेड के चेयरमैन पद से हटाया गया है, लेकिन यह पूर्णतया झूठ है। करनाल जिला भारतीय जनता पार्टी इसका पुरजोर खंडन करती है। आनंद ने कहा कि वास्तविक सच्चाई यह है कि विधायक ने हैफेड के चेयरमैन पद से बीती 9 जनवरी को ही प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपना त्याग-पत्र सौंप दिया था। त्याग पत्र में हैफेड चेयरमैन ने संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए चुनावी वर्ष में समर्पण भाव से काम करने के लिए बात कही है।
जगमोहन आनंद ने कहा कि हरविंद्र कल्याण संगठन के समर्पित कार्यकर्ता हैं और उनके विधायक रहते हुए घरौंडा में चहुंमुखी विकास हुआ है। घरौंडा में आज तक किसी भी विधायक ने इतने विकास कार्य नहीं करवाए, जितने विधायक हरविंद्र कल्याण ने करवाए हैं। घरौंडा विधायक हलके के प्रति सदैव समर्पित भाव से विकास कार्य करवाने के लिए तत्पर रहते हैं और ऐसे में विरोधियों को उनके द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्य अखर रहे हैं एवं विपक्ष की आज जमीन खिसक चुकी है और वह सोशल मीडिया पर इस प्रकार के भ्रमित प्रचार करने में जुटे हुए हैं। इस अवसर पर जिला महामंत्री योगिंद्र राणा एवं राजबीर शर्मा भी उपस्थित रहे।
दो माह पहले क्यों नहीं दी जानकारी : मान
इस बारे में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि शुगरफेड के पूर्व चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया और हैफेड के पूर्व चेयरमैन हरविंद्र कल्याण ने शुगर मिल के नवीनीकरण को लेकर भाकियू के आंदोलन के दौरान उसे फेल करने की कोशिश की थी, लेकिन सीएम मनोहर लाल ने किसानों का सम्मान करते हुए बात की थी और किसानों की मांग को पूरा किया था। मुझे इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि किसी को हटाया गया है या वे उन्होंने खुद पद छोड़ा है। सवाल ये है कि ये दोनों ही व्यक्ति चेयरमैन थे, लेकिन अब नहीं हैं। अगर इन्होंने किसानों के लिए अच्छा कार्य किया होता तो इनको पद नहीं छोड़ना पड़ता।
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इस्तीफे की कॉपी दिखाते हुए जिलाध्यक्ष ने दावा किया है कि ये इस्तीफा कल्याण ने 9 जनवरी को ही सीएम को दे दिया था। हालांकि, सवाल ये है कि जब दो माह पहले ही कल्याण इस्तीफा दे चुके हैं तो पहले क्यों नहीं ये जानकारी साझा की गई?
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गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने मीडिया को जारी बयान में कहा था कि हैफेड के चेयरमैन हरविंद्र कल्याण और शुगरफेड के चेयरमैन रहे चंद्रप्रकाश कथूरिया को पदों से पटा दिया गया है और दोबारा से उनको पद नहीं देना भाकियू की जीत है।
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सोमवार को मीडिया से बात करते हुए जगमोहन आनंद ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया एवं सोशल मीडिया के साथ राजनीतिक गलियारों एवं विरोधियों द्वारा एक दुष्प्रचार किया जा रहा है कि हरविंद्र कल्याण को हैफेड के चेयरमैन पद से हटाया गया है, लेकिन यह पूर्णतया झूठ है। करनाल जिला भारतीय जनता पार्टी इसका पुरजोर खंडन करती है। आनंद ने कहा कि वास्तविक सच्चाई यह है कि विधायक ने हैफेड के चेयरमैन पद से बीती 9 जनवरी को ही प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपना त्याग-पत्र सौंप दिया था। त्याग पत्र में हैफेड चेयरमैन ने संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए चुनावी वर्ष में समर्पण भाव से काम करने के लिए बात कही है।
जगमोहन आनंद ने कहा कि हरविंद्र कल्याण संगठन के समर्पित कार्यकर्ता हैं और उनके विधायक रहते हुए घरौंडा में चहुंमुखी विकास हुआ है। घरौंडा में आज तक किसी भी विधायक ने इतने विकास कार्य नहीं करवाए, जितने विधायक हरविंद्र कल्याण ने करवाए हैं। घरौंडा विधायक हलके के प्रति सदैव समर्पित भाव से विकास कार्य करवाने के लिए तत्पर रहते हैं और ऐसे में विरोधियों को उनके द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्य अखर रहे हैं एवं विपक्ष की आज जमीन खिसक चुकी है और वह सोशल मीडिया पर इस प्रकार के भ्रमित प्रचार करने में जुटे हुए हैं। इस अवसर पर जिला महामंत्री योगिंद्र राणा एवं राजबीर शर्मा भी उपस्थित रहे।
दो माह पहले क्यों नहीं दी जानकारी : मान
इस बारे में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि शुगरफेड के पूर्व चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया और हैफेड के पूर्व चेयरमैन हरविंद्र कल्याण ने शुगर मिल के नवीनीकरण को लेकर भाकियू के आंदोलन के दौरान उसे फेल करने की कोशिश की थी, लेकिन सीएम मनोहर लाल ने किसानों का सम्मान करते हुए बात की थी और किसानों की मांग को पूरा किया था। मुझे इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि किसी को हटाया गया है या वे उन्होंने खुद पद छोड़ा है। सवाल ये है कि ये दोनों ही व्यक्ति चेयरमैन थे, लेकिन अब नहीं हैं। अगर इन्होंने किसानों के लिए अच्छा कार्य किया होता तो इनको पद नहीं छोड़ना पड़ता।