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पार्षदों ने उठाई हॉकी खिलाड़ियों के लिए एस्ट्रोटर्फ की मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हॉकी के मैदान के लिए तरस रहे खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। पार्षदों ने उनकी आवाज बुलंद करने की ठानी है। 20 में से आठ एमसी ने शिवाजी कॉलोनी में खाली पड़ी साढ़े छह एकड़ जगह में हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ की मांग उठाई।
मेयर रेणू बाला गुप्ता को इसका मांग पत्र सौंपा जा चुका है। 18 फरवरी को पार्षद मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे। यदि सीएम हामी भरते हैं तो जिले के खिलाड़ियों के लिए यह बड़ी सौगात होगी। कर्ण स्टेडियम में रोजाना 200 से 300 खिलाड़ी अभ्यास के लिए आते हैं। आठ लेन का सिंथेटिक ट्रैक बनने के बाद हॉकी का मैदान छोटा पड़ गया है। इन दिनों हॉकी के खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं।
नक्शे में सभी मैदान दिखाए थे
सिंथेटिक ट्रैक बनाने के लिए जो नक्शा बनाया गया था उसमें फुटबॉल, हॉकी, हैंडबॉल, कबड्डी, वॉलीबाल व स्केटिंग रिंग के मैदान दिखाए गए थे। इससे क्रिकेट का ग्राउंड जरूर खत्म हो गया था। क्रिकेट के लिए विभाग अन्य विकल्प पर काम कर रहा है। लेकिन जब सिंथेटिक ट्रैक बना तो हॉकी के लिए जगह कम पड़ गई। कोच सुरेंद्र प्रताप ने बताया हॉकी के लिए 91.40 वर्ग मीटर लंबा और 55 वर्ग मीटर चौड़ा मैदान चाहिए। स्टेडियम की सीढ़ियों को तोड़ दिया जाए तो मैदान बन सकता है। लेकिन इससे दर्शकों के लिए जगह नहीं रहेगी।
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शिवाजी कॉलोनी की इस जगह में यह पेंच
नगर निगम ने हांसी रोड की सात एकड़ 10 मरले (34130 वर्ग गज) जमीन 2014 में 20.88 करोड़ में हाउसिंग बोर्ड को दी थी। विभाग का दावा था कि यहां अफोर्डेबल हाउस बनाए जाएंगे। लेकिन चार वर्ष बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं किया गया। यह जगह कचरा प्वाइंट बन गई। पार्षद रामचंद्र काला ने बीते साल 27 अप्रैल की बैठक में मुद्दा उठाया। हाउस ने यह जगह वापस लेने का प्रस्ताव पास कर दिया। अधिकारियों की मानें तो सात करोड़ रुपये ही हाउसिंग बोर्ड ने अब तक दिए हैं। जिसे लौटाना होगा।
खेल विभाग ने भी डीसी को पत्र लिखा
खेल विभाग की कार्यकारी डीएसओ बबीता ने बताया कि स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनने के बाद हॉकी के मैदान के लिए जगह कम रह गई है। इसलिए डीसी को लेटर लिखा गया है। पार्षद यदि शिवाजी कॉलोनी की जगह दिलाते हैं तो विभाग यहां एस्ट्रोटर्फ बनाने पर विचार करेगा।
-बबीता, कार्यकारी डीएसओ, करनाल।
10 करोड़ में बनेगा एस्ट्रोटर्फ
हॉकी खिलाड़ी नितीन, अजय, राजकुमार वालिया, दिनेश, जसबीर और कुलदीप ने कहा कि एस्ट्रोटर्फ पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फिलहाल शाहबाद में यह सुविधा है। यह जगह मिल जाए तो खेल विभाग पैसे लगाने के लिए भी तैयार है। हॉकी के लिए तीन से साढ़े तीन एकड़ जगह पर्याप्त है। इसमें कमरे व वाशरूम भी बन जाएंगे। बता दें कि रामचंद्र काला करीब तीन साल से इस मुद्दे को उठा रहे हैं। डीसी डॉ. आदित्य दहिया भी इस जगह का निरीक्षण कर चुके हैं।
इन पार्षदों ने किए हस्ताक्षर
एस्ट्रोटर्फ के मांग पत्र में वार्ड-14 के पार्षद रामचंद्र काला, वार्ड-16 की पार्षद रजनी प्रोचा, वार्ड-11 की पार्षद रमनजीत कौर, वार्ड-13 के पार्षद ईश कुमार गुलाटी, वार्ड-18 के पार्षद हरीश कुमार, वार्ड-15 के पार्षद युद्धवीर सैनी, वार्ड-17 के पार्षद जोगिंद्र शर्मा व वार्ड-3 की पार्षद मंजीत कौर के हस्ताक्षर हैं।
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करनाल। हॉकी के मैदान के लिए तरस रहे खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। पार्षदों ने उनकी आवाज बुलंद करने की ठानी है। 20 में से आठ एमसी ने शिवाजी कॉलोनी में खाली पड़ी साढ़े छह एकड़ जगह में हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ की मांग उठाई।
मेयर रेणू बाला गुप्ता को इसका मांग पत्र सौंपा जा चुका है। 18 फरवरी को पार्षद मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे। यदि सीएम हामी भरते हैं तो जिले के खिलाड़ियों के लिए यह बड़ी सौगात होगी। कर्ण स्टेडियम में रोजाना 200 से 300 खिलाड़ी अभ्यास के लिए आते हैं। आठ लेन का सिंथेटिक ट्रैक बनने के बाद हॉकी का मैदान छोटा पड़ गया है। इन दिनों हॉकी के खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं।
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नक्शे में सभी मैदान दिखाए थे
सिंथेटिक ट्रैक बनाने के लिए जो नक्शा बनाया गया था उसमें फुटबॉल, हॉकी, हैंडबॉल, कबड्डी, वॉलीबाल व स्केटिंग रिंग के मैदान दिखाए गए थे। इससे क्रिकेट का ग्राउंड जरूर खत्म हो गया था। क्रिकेट के लिए विभाग अन्य विकल्प पर काम कर रहा है। लेकिन जब सिंथेटिक ट्रैक बना तो हॉकी के लिए जगह कम पड़ गई। कोच सुरेंद्र प्रताप ने बताया हॉकी के लिए 91.40 वर्ग मीटर लंबा और 55 वर्ग मीटर चौड़ा मैदान चाहिए। स्टेडियम की सीढ़ियों को तोड़ दिया जाए तो मैदान बन सकता है। लेकिन इससे दर्शकों के लिए जगह नहीं रहेगी।
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शिवाजी कॉलोनी की इस जगह में यह पेंच
नगर निगम ने हांसी रोड की सात एकड़ 10 मरले (34130 वर्ग गज) जमीन 2014 में 20.88 करोड़ में हाउसिंग बोर्ड को दी थी। विभाग का दावा था कि यहां अफोर्डेबल हाउस बनाए जाएंगे। लेकिन चार वर्ष बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं किया गया। यह जगह कचरा प्वाइंट बन गई। पार्षद रामचंद्र काला ने बीते साल 27 अप्रैल की बैठक में मुद्दा उठाया। हाउस ने यह जगह वापस लेने का प्रस्ताव पास कर दिया। अधिकारियों की मानें तो सात करोड़ रुपये ही हाउसिंग बोर्ड ने अब तक दिए हैं। जिसे लौटाना होगा।
खेल विभाग ने भी डीसी को पत्र लिखा
खेल विभाग की कार्यकारी डीएसओ बबीता ने बताया कि स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनने के बाद हॉकी के मैदान के लिए जगह कम रह गई है। इसलिए डीसी को लेटर लिखा गया है। पार्षद यदि शिवाजी कॉलोनी की जगह दिलाते हैं तो विभाग यहां एस्ट्रोटर्फ बनाने पर विचार करेगा।
-बबीता, कार्यकारी डीएसओ, करनाल।
10 करोड़ में बनेगा एस्ट्रोटर्फ
हॉकी खिलाड़ी नितीन, अजय, राजकुमार वालिया, दिनेश, जसबीर और कुलदीप ने कहा कि एस्ट्रोटर्फ पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फिलहाल शाहबाद में यह सुविधा है। यह जगह मिल जाए तो खेल विभाग पैसे लगाने के लिए भी तैयार है। हॉकी के लिए तीन से साढ़े तीन एकड़ जगह पर्याप्त है। इसमें कमरे व वाशरूम भी बन जाएंगे। बता दें कि रामचंद्र काला करीब तीन साल से इस मुद्दे को उठा रहे हैं। डीसी डॉ. आदित्य दहिया भी इस जगह का निरीक्षण कर चुके हैं।
इन पार्षदों ने किए हस्ताक्षर
एस्ट्रोटर्फ के मांग पत्र में वार्ड-14 के पार्षद रामचंद्र काला, वार्ड-16 की पार्षद रजनी प्रोचा, वार्ड-11 की पार्षद रमनजीत कौर, वार्ड-13 के पार्षद ईश कुमार गुलाटी, वार्ड-18 के पार्षद हरीश कुमार, वार्ड-15 के पार्षद युद्धवीर सैनी, वार्ड-17 के पार्षद जोगिंद्र शर्मा व वार्ड-3 की पार्षद मंजीत कौर के हस्ताक्षर हैं।