फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   156 teachers on the job crisis

कोर्ट के फैसले से 156 टीचरों की नौकरी पर तलवार

Thu, 09 Jan 2014 12:08 AM IST
कैथल
कैथल Updated Thu, 09 Jan 2014 12:08 AM IST
विज्ञापन
 156 teachers on the job crisis
बुधवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 2000 की प्राथमिक अध्यापक भर्ती को रद्द किए जाने के फैसले से जिले में लगभग 156 अध्यापकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। दिल्ली की अदालत द्वारा शिक्षक भर्ती मामले में पिछले साल दिए गए फैसले के बाद से ही इन अध्यापकों को अपनी नौकरी को लेकर खतरा महसूस होने लगा था। हालांकि उस समय दिल्ली की अदालत ने भर्ती को रद्द नहीं किया था।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष दिल्ली की अदालत द्वारा इनेलो नेताओं को सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2000 में भर्ती हुए 3200 से अधिक अध्यापकों में भी अपनी नौकरी को लेकर दहशत फैल गई थी। लगभग 14 साल से नौकरी कर रहे अध्यापकों को डर था कि जिस भर्ती को लेकर पूर्व सीएम सहित आला नेता जेल में चले गए हैं। वह भर्ती कहीं रद्द न हो जाए। अब पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा भर्ती को रद्द किए जाने के कारण अध्यापकों का डर सही निकला। कैथल जिले में लगभग 156 अध्यापक नियुक्त बताए गए हैं।
विज्ञापन


फैसला दुर्भाग्यपूर्ण
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान कंवरजीत सिंह, जिला सचिव सतबीर गोयत और बलजीत गोपेरा ने वर्ष 2000 में लगे 3200 जेबीटी अध्यापकों पर आए हाईकोर्ट के फैसले को बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण बताते हुए कहा कि 14 साल से कार्यरत सभी अध्यापकों की नियुक्ति गलत नहीं हो सकती। इस निर्णय के बाद अध्यापक कहां जाऐंगे। अब सरकार को चाहिए कि सरकार इनके पक्ष में उच्चतम न्यायालय में जाए। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ इन अध्यापकों के साथ रहेगा। अकेले कैथल में ऐसे 156 अध्यापक कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जेबीटी अध्यापकों की लड़ाई लड़ेगा अतिथि अध्यापक संघ
सीवन। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्ष 2000 में हुई जेबीटी की भर्ती को रद्द करते हुए 3206 जेबीटी अध्यापकों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पिछले 14 साल से अपनी सेवाएं दे रहे जेबीटी अध्यापकों को अचानक ही नौकरी से निकाल कर सड़क पर खड़ा कर दिया गया है। अतिथि अध्यापक संघ ने इन अध्यापकों को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। राज्य संयोजक राजेंद्र शर्मा शास्त्री ने सीवन में पत्रकारों में कहा कि इन जेबीटी अध्यापकों ने लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। इनके साथ इनके परिवार भी जुडे़ हैं। सरकार को इनके बारे में सोचना चाहिए और इनके पक्ष में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चौटाला सरकार के कार्यकाल में इन अध्यापकों की भर्ती हुई थी और उसके बाद से ये अध्यापक विभिन्न स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब ये अध्यापक संघर्ष का जो भी रास्ता अपनाते हैं चाहे वह सड़कों पर उतरने का हो या किसी अन्य तरीके से विरोध प्रकट कर संघर्ष करते हैं ऐसे में अतिथि अध्यापक संघ इन अध्यापकों के साथ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed