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ज्यूडीशियल की परीक्षा में 64वां रैंक हासिल कर ज्योति नैन ने चमकाया करनाल का नाम
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करनाल। अपने पहले प्रयास में ही करनाल की होनहार बेटी ज्योति नैन ने ज्यूडीशियल की परीक्षा पास की। दिल्ली ज्यूडीशियल सर्विसेज एग्जाम में 64वां रैंक प्राप्त कर बेटी ने जिले का नाम रोशन किया है। अब ज्योति नैन दिल्ली में सिविल जज के रूप में कार्यभार संभालेंगी। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए मेहनत जरूरी है। बिना मेहनत के हम कहीं भी कामयाब नहीं हो सकते। ज्योति नैन ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने अभिभावकों को दिया। उन्होंने कहा कि आज मैं जो भी हूं उनकी बदौलत हूं। किसी भी क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं। बेटियों ने भी कई क्षेत्रों में आज अपने देश का नाम रोशन किया है।
कृषि विभाग से सेवानिवृत उपमंडलाधिकारी पिता ने किया पढ़ाई के लिए प्रेरित
ज्योति नैन ने बताया कि उसने अपनी शिक्षा की शुरुआत एसबीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की है। छठी कक्षा से 12वीं तक की पढ़ाई दयाल सिंह पब्लिक स्कूल से की। इसके बाद दयाल सिंह कालेज से बीएससी (बॉयो टेक्नोलॉजी) एवं दिल्ली विश्वविद्यालय से एमएससी कैमेस्ट्री एवं एलएलबी की। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की क्विज प्रतियोगिता में भी प्रथम स्थान हासिल किया। ज्योति की माता सरला नैन गांव चिड़ाव के सरकारी स्कूल में हैड टीचर हैं और पिता डॉ. मोहिंद्र सिंह नैन कृषि विभाग में उप मंडलाधिकारी के पद से सेवानिवृत हैं। उसने बताया कि दोनों ने हमेशा से ही पढ़ाई में आगे रहने के लिए प्रेरित किया।
लोगों का न्यायपालिका में विश्वास, मैं इसे बनाए रखने का करूंगी प्रयास : ज्योति
ज्योति नैन ने सुझाव दिया कि हमें बेटों को ही नहीं अपितु बेटियों को भी बराबर का मौका दिया जाना चाहिए। आज लोगों का न्यायालय में पूर्ण विश्वास है। न्यायपालिका ही एक ऐसा माध्यम है जहां से हर व्यक्ति को इंसाफ मिलता है। न्याय की इस कुर्सी से हजारों-लाखों लोगों को इंसाफ मिला है और मेरा भी यह पूरा प्रयास रहेगा कि मैं भी अपनी इसी जिम्मेवारी का पूर्ण ईमानदारी, मेहनत एवं लगन से निर्वहन करुं।
कृषि विभाग से सेवानिवृत उपमंडलाधिकारी पिता ने किया पढ़ाई के लिए प्रेरित
ज्योति नैन ने बताया कि उसने अपनी शिक्षा की शुरुआत एसबीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की है। छठी कक्षा से 12वीं तक की पढ़ाई दयाल सिंह पब्लिक स्कूल से की। इसके बाद दयाल सिंह कालेज से बीएससी (बॉयो टेक्नोलॉजी) एवं दिल्ली विश्वविद्यालय से एमएससी कैमेस्ट्री एवं एलएलबी की। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की क्विज प्रतियोगिता में भी प्रथम स्थान हासिल किया। ज्योति की माता सरला नैन गांव चिड़ाव के सरकारी स्कूल में हैड टीचर हैं और पिता डॉ. मोहिंद्र सिंह नैन कृषि विभाग में उप मंडलाधिकारी के पद से सेवानिवृत हैं। उसने बताया कि दोनों ने हमेशा से ही पढ़ाई में आगे रहने के लिए प्रेरित किया।
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लोगों का न्यायपालिका में विश्वास, मैं इसे बनाए रखने का करूंगी प्रयास : ज्योति
ज्योति नैन ने सुझाव दिया कि हमें बेटों को ही नहीं अपितु बेटियों को भी बराबर का मौका दिया जाना चाहिए। आज लोगों का न्यायालय में पूर्ण विश्वास है। न्यायपालिका ही एक ऐसा माध्यम है जहां से हर व्यक्ति को इंसाफ मिलता है। न्याय की इस कुर्सी से हजारों-लाखों लोगों को इंसाफ मिला है और मेरा भी यह पूरा प्रयास रहेगा कि मैं भी अपनी इसी जिम्मेवारी का पूर्ण ईमानदारी, मेहनत एवं लगन से निर्वहन करुं।
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