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उदीयमान सूर्य को अघ्र्य देकर सम्पन्न हुआ महापर्व
Updated Thu, 15 Nov 2018 12:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पति और पुत्र की सलामती तथा दीर्घायु की कामना के साथ महिलाओं ने बुधवार की सुबह उदीयमान होते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारायण किया। भोर के धुंधलके में ही पश्चिमी यमुना नहर पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष पूजन सामग्री लेकर यहां जमा हो गए। जैसे ही पेड़ों के झुरमुटों से सूर्यदेव ने झांकना शुरू किया, महिलाओं ने नदी के अंदर घुटनों-घुटनों तक पानी में खड़े होकर उदयाचल सूर्य को अघ्र्य देकर भगवान सूर्यदेव की आराधना की। महिलाओं ने नदी में कई गन्नों को एक में जोड़ कर छत्र बनाया और दीपदान किया। सूर्य देव को मौसमी फलों, फूलों, नारियल तथा पकवानों का भोग लगाया। महिलाओं के साथ पुरुषों ने भी सूर्य देव को अघ्र्य दिया। कई परिवारों ने पूरी रात ही यहां बिताई और भजन कीर्तन करने के बाद सुबह सूर्य देव की आराधना की और व्रत का पारायण करने के बाद अपने घरों को वापस गए। पूजा समापन के बाद उपवासी महिलाओं ने अपने रिश्तेदारों और मिलने जुलने वाले लोगों में प्रसाद का वितरण किया। छठ पर्व पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देने और पूजा में हिस्सा लेने के लिए शहर के तमाम लोग भी यहां मौजूद रहे। बुधवार सुबह भी मेले जैसा माहौल दिखाई दिया। मंगलवार की शाम की तरह आज सुबह भी यहां बच्चों के खेल खिलौने और खाने पीने की चीजों की दुकानें लगी रहीं। सूर्य मंदिर के प्रधान सुरेश कुमार यादव ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर हजारों लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सूर्यदेव की कृपा अपरंपार है। सूर्य देव की आराधना करने वाले लोगों के शारीरिक कष्ट दूर हो जाते हैं। इस अवसर पर प्रधान सुरेश यादव, अमरेंद्र मेहता, राम सकल यादव, शत्रुघन राय, मुंशी राय, भोला राय, राम बहादुर मेहतो, दिवाकर प्रसाद, सुधीर यादव, भूषण यादव व नागेंद्र महतो आदि मौजूद रहे।
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करनाल। पति और पुत्र की सलामती तथा दीर्घायु की कामना के साथ महिलाओं ने बुधवार की सुबह उदीयमान होते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारायण किया। भोर के धुंधलके में ही पश्चिमी यमुना नहर पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष पूजन सामग्री लेकर यहां जमा हो गए। जैसे ही पेड़ों के झुरमुटों से सूर्यदेव ने झांकना शुरू किया, महिलाओं ने नदी के अंदर घुटनों-घुटनों तक पानी में खड़े होकर उदयाचल सूर्य को अघ्र्य देकर भगवान सूर्यदेव की आराधना की। महिलाओं ने नदी में कई गन्नों को एक में जोड़ कर छत्र बनाया और दीपदान किया। सूर्य देव को मौसमी फलों, फूलों, नारियल तथा पकवानों का भोग लगाया। महिलाओं के साथ पुरुषों ने भी सूर्य देव को अघ्र्य दिया। कई परिवारों ने पूरी रात ही यहां बिताई और भजन कीर्तन करने के बाद सुबह सूर्य देव की आराधना की और व्रत का पारायण करने के बाद अपने घरों को वापस गए। पूजा समापन के बाद उपवासी महिलाओं ने अपने रिश्तेदारों और मिलने जुलने वाले लोगों में प्रसाद का वितरण किया। छठ पर्व पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देने और पूजा में हिस्सा लेने के लिए शहर के तमाम लोग भी यहां मौजूद रहे। बुधवार सुबह भी मेले जैसा माहौल दिखाई दिया। मंगलवार की शाम की तरह आज सुबह भी यहां बच्चों के खेल खिलौने और खाने पीने की चीजों की दुकानें लगी रहीं। सूर्य मंदिर के प्रधान सुरेश कुमार यादव ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर हजारों लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सूर्यदेव की कृपा अपरंपार है। सूर्य देव की आराधना करने वाले लोगों के शारीरिक कष्ट दूर हो जाते हैं। इस अवसर पर प्रधान सुरेश यादव, अमरेंद्र मेहता, राम सकल यादव, शत्रुघन राय, मुंशी राय, भोला राय, राम बहादुर मेहतो, दिवाकर प्रसाद, सुधीर यादव, भूषण यादव व नागेंद्र महतो आदि मौजूद रहे।