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सीएम सिटी में सरकारी दफ्तर व स्कूल फैला रहे डेंगू
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:15 PM IST
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सीएम सिटी में सरकारी दफ्तर व स्कूल फैला रहे डेंगू
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सीएम सिटी में घर तो घर अधिकारियों के नाक के नीचे ही डेंगू-मलेरिया के मच्छर पनप रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार को डेंग-मलेरिया के बचाव के दृष्टिगण शुरू किए गए तीन दिवसीय अभियान के पहले दिन ही सरकारी दफ्तरों की पोल खुल गई। पहले दिन विभाग की टीम ने शहर में मौजूद प्राइवेट स्कूलों व सरकारी दफ्तरों में रखे कूलरों की जांच की गई। जांच के दौरान सरकारी दफ्तरों में रखे आठ कूलरों व एक प्राइवेट स्कूल में लगू कूलर में डेंगू-मलेरिया के लार्वा मिले।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभियान के दौरान शहर के प्रेम नगर, गांधी नगर, जुडला गेट, सदर बाजार, न्यायपुरी, सेक्टर -12 व पाल नगरक्षेत्र में स्थित किड्स रेनबो स्कूल, हर गोबिंद पब्लिक स्कूल, दीप पब्लिक स्कूल, संत निक्का सिंह स्कूल, गायत्री पब्लिक स्कूल, शिवाजी पब्लिक स्कूल, खालसा मार्डन हाई स्कूल, ड्रीम पब्लिक स्कूल, आदर्श विघा मन्दिर, सिद्घार्थ पब्लिक स्कूल, आदर्श पब्लिक स्कूल, सीड्स प्ले स्कूल, डिवाइन पब्लिक स्कूल में रखे कूलरों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सीड्स प्ले स्कूल में लगे कूलर में मच्छर का लार्वा पाया गया। स्कूलों के जांच के बाद टीम पीडब्ल्यूडी कार्यालय तथा लघु सचिवालय के विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया गया। पीडब्ल्यूडी कार्यालय में 20 कूलर की जांच की गई। इनमें से 7 कूलरों में मच्छर का लार्वा पाया गया। वहीं लघु सचिवालय के 63 कूलरों की जांच की गई। जिसमें से टेलीफोन ऑप्रेटर रूम में रखे गए कूलर में डेंगू-मलेरिया का लार्वा पाया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने लोगों को मच्छर से पनपने वाली बीमारियों से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि बरसात के मौसम में छतों पर बेकार पड़े खाली बर्तनों, टायरों टयूबों, डिब्बों, गमलो व अन्य पानी के स्त्रोतों इत्यादि मे से पानी निकलवा दे व उल्टा करके रखे ताकि उनमे पानी जमा न हो पाएं व खाली पड़े टायरों में सुराख कर दें।
सरकारी कार्यालयों में सफाई पर उठे सवाल
स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता अभियान के पहले दिन ही जिस तरह से सरकारी कार्यालयों में डेंगू-मलेरिया के लार्वा पनपते पाए गए, उससे सरकारी कार्यालयों में साफ-सफाई अभियान पर ही सवाल उठ खड़े हुए हैं। आम लोगों को साफ-सफाई का पाठ पढ़ाने वाले अधिकारी खुद अपने दफ्तरों को साफ नहीं कर पा रहे। अधिकारियों व कर्मचारियों के ढुलमुल रवैये के कारण यहां रखे कूलरों की महीनों तक सफाई नहीं होती। जिसके कारण पानी में तेजी से मच्छर पनपते हैं और रोगों को फैलाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम का भी मानना है कि जिस तरह से सरकारी दफ्तरों में लारवा मिल रहे हैं वह चौंकाने वाला है, अगर जल्द ही इन पर ध्यान नहीं दिया गया तो मरीजों में सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या बढ़ सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सीएम सिटी में घर तो घर अधिकारियों के नाक के नीचे ही डेंगू-मलेरिया के मच्छर पनप रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार को डेंग-मलेरिया के बचाव के दृष्टिगण शुरू किए गए तीन दिवसीय अभियान के पहले दिन ही सरकारी दफ्तरों की पोल खुल गई। पहले दिन विभाग की टीम ने शहर में मौजूद प्राइवेट स्कूलों व सरकारी दफ्तरों में रखे कूलरों की जांच की गई। जांच के दौरान सरकारी दफ्तरों में रखे आठ कूलरों व एक प्राइवेट स्कूल में लगू कूलर में डेंगू-मलेरिया के लार्वा मिले।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभियान के दौरान शहर के प्रेम नगर, गांधी नगर, जुडला गेट, सदर बाजार, न्यायपुरी, सेक्टर -12 व पाल नगरक्षेत्र में स्थित किड्स रेनबो स्कूल, हर गोबिंद पब्लिक स्कूल, दीप पब्लिक स्कूल, संत निक्का सिंह स्कूल, गायत्री पब्लिक स्कूल, शिवाजी पब्लिक स्कूल, खालसा मार्डन हाई स्कूल, ड्रीम पब्लिक स्कूल, आदर्श विघा मन्दिर, सिद्घार्थ पब्लिक स्कूल, आदर्श पब्लिक स्कूल, सीड्स प्ले स्कूल, डिवाइन पब्लिक स्कूल में रखे कूलरों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सीड्स प्ले स्कूल में लगे कूलर में मच्छर का लार्वा पाया गया। स्कूलों के जांच के बाद टीम पीडब्ल्यूडी कार्यालय तथा लघु सचिवालय के विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया गया। पीडब्ल्यूडी कार्यालय में 20 कूलर की जांच की गई। इनमें से 7 कूलरों में मच्छर का लार्वा पाया गया। वहीं लघु सचिवालय के 63 कूलरों की जांच की गई। जिसमें से टेलीफोन ऑप्रेटर रूम में रखे गए कूलर में डेंगू-मलेरिया का लार्वा पाया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने लोगों को मच्छर से पनपने वाली बीमारियों से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि बरसात के मौसम में छतों पर बेकार पड़े खाली बर्तनों, टायरों टयूबों, डिब्बों, गमलो व अन्य पानी के स्त्रोतों इत्यादि मे से पानी निकलवा दे व उल्टा करके रखे ताकि उनमे पानी जमा न हो पाएं व खाली पड़े टायरों में सुराख कर दें।
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सरकारी कार्यालयों में सफाई पर उठे सवाल
स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता अभियान के पहले दिन ही जिस तरह से सरकारी कार्यालयों में डेंगू-मलेरिया के लार्वा पनपते पाए गए, उससे सरकारी कार्यालयों में साफ-सफाई अभियान पर ही सवाल उठ खड़े हुए हैं। आम लोगों को साफ-सफाई का पाठ पढ़ाने वाले अधिकारी खुद अपने दफ्तरों को साफ नहीं कर पा रहे। अधिकारियों व कर्मचारियों के ढुलमुल रवैये के कारण यहां रखे कूलरों की महीनों तक सफाई नहीं होती। जिसके कारण पानी में तेजी से मच्छर पनपते हैं और रोगों को फैलाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम का भी मानना है कि जिस तरह से सरकारी दफ्तरों में लारवा मिल रहे हैं वह चौंकाने वाला है, अगर जल्द ही इन पर ध्यान नहीं दिया गया तो मरीजों में सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या बढ़ सकती है।
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