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134ए : मनमानी पर उतारू स्कूल संचालक, भटक रहे अभिभावक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 02:18 AM IST
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134A : School operators who are arbitrarily, wandering parents
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। नियम 134ए के तहत विद्यार्थियों को निशुल्क न पढ़ाना पड़े इसको लेकर निजी स्कूल संचालकों ने मनमानी शुरू कर दी है। कुछ स्कूल अभिभावकों से अनावश्यक दस्तावेज मांग रहे हैं, इससे अभिभावक स्कूलों और शिक्षा अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कई स्कूलों ने तो नियम 134ए की प्रक्रिया पर स्टे लगने और दाखिला प्रक्रिया बंद होने की बात तक कह दी। ऐसे में परेशान अभिभावक भटक रहे हैं और अधिकारियों से बच्चों का दाखिला कराने की गुहार लगा रहे हैं।
मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में कई अभिभावक स्कूल संचालकों की मनमानी की शिकायतें लेेकर पहुंचे। स्कूलों के रवैये पर नाराजगी और स्टे लगने के झूठे दावों का शिक्षा अधिकारियों ने खंडन किया है। शाम को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि 24 दिसंबर तक वे दाखिला प्रक्रिया को पूरा करें। पत्र में उन्होंने कहा कि नियम 134ए पर कोई स्टे नहीं लगा है। इसलिए सभी स्कूल उन बच्चों को निर्धारित समय में दाखिला दें, जिन्हें स्कूल आवंटित हुए हैं। सभी छह खंडों के 361 स्कूलों में 2765 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित हुए हैं।
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पैन कार्ड, बैंक स्टेटमेंट और कई तरह के शपथ पत्र मांगे
खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में आए अभिभावकों ने बताया कि स्कूल आवेदन फार्म में जमा हुए दस्तावेजों से अलग कई तरह के दस्तावेज मांग रहे हैं। बच्चों का पैन कार्ड, बैंक खाते की स्टेटमेंट और कई तरह के शपथ पत्र मांगे जा रहे हैं। इनमें बीपीएल कार्ड होने के बाद भी आय प्रमाण पत्र, फोटो युक्त नया रिहायशी प्रमाण पत्र और मां की आय न होने का भी शपथ पत्र मांग रहे हैं।
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बात तक नहीं सुन रहे स्कूल संचालक
ज्योति नगर निवासी राजन ने बताया कि उनके दोनों बच्चों ने 134ए की पात्रता परीक्षा पास की है। दोनों को स्कूल आवंटित हो गए। एक स्कूल ने 24 के बाद आने को कहा है तो दूसरे स्कूल ने अभी तक बात ही नहीं सुनी, कई चक्कर लगा चुके हैं।
कहां जाएं, कोई सुनवाई नहीं हो रही
रामनगर की सर्वजीत ने बताया कि वे तीन दिन से स्कूल और खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में चक्कर लगा रही हैं। लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। अब बच्चों का दाखिला कराने के लिए वे कहां जाएं, कुछ समझ नहीं आ रहा।
स्कूल हामी भरें तो एसएलसी कटवाएं
रामनगर की संगीता ने बताया कि उनके बेटे को स्कूल आवंटित हो गया है। सेक्टर-7 का स्कूल दाखिला देने में आनाकानी कर रहा है। यदि स्कूल दाखिले के लिए हामी भरे तभी वे अपने बेटे की पुराने स्कूल से एसएलसी कटवाएंगी।
स्टे का नोटिस दिखाकर वापस भेजा
बुटा सिंह कॉलोनी निवासी राजकुमार ने बताया कि वे स्कूल में दाखिले की जानकारी लेने गए तो उन्होंने यह कहते हुए वापस भेज दिया कि 134ए की प्रक्रिया पर कोर्ट का स्टे लग गया है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।
एसएलसी लेकर नाम भी कटवा दिया, अब कहां जाएं
महावीर कॉलोनी निवासी रोहताश ने बताया कि 134ए के तहत स्कूल आवंटित होने पर उन्होंने अपने बच्चों का पुराने स्कूल से एसएलसी भी ले लिया है। अब वहां भी नाम कट गया है और नया स्कूल भी दाखिला नहीं दे रहा। कई चक्कर काट चुके हैं।
स्टे नहीं लगा, सरकार की हिदायत पर शुरू हुई प्रक्रिया
134ए की प्रक्रिया पर कोई स्टे नहीं लगा है, बल्कि सरकार की हिदायत के बाद ही यह प्रक्रिया शुरू हुई है। सिर्फ निर्धारित दस्तावेज ही लिए जा सकते हैं, सभी स्कूल 24 दिसंबर तक विद्यार्थियों को दाखिला दें। अन्यथा उनकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।

- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
सात साल से फीस नहीं मिली
सात साल से बच्चों को फ्री पढ़ा रहे हैं। सरकार पहले पिछली बकाया फीस का भुगतान करे, संगठन ने यही निर्णय लिया है। विद्यार्थी इस बात की चिंता न करें कि उन्हें एसएलसी कटने के बाद पुराने स्कूल में दाखिला नहीं मिलेगा। सभी स्कूल बच्चों को वापस दाखिला देंगे।
- डॉ. राजन लांबा, अध्यक्ष, सहोदय स्कूल कांप्लेक्स
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