134-ए : तारीख पर तारीख, दाखिला नहीं
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प्रदेश में गरीबों के बच्चों को शिक्षा नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों में शिक्षा दिलाने के सरकार के दावे फेल होते दिखाई दे रहे हैं। एक तरफ फीस देने वाले बच्चों के मंथली टेस्ट शुरू हो गए हैं, वहीं 134- ए के तहत परीक्षा पास करने वाले बच्चों के दाखिलों को लेकर किसी के पास भी जवाब नहीं है। इससे जिले के कुल 1982 विद्यार्थियों के अभिभावकों के सपनों पर पानी फिर रहा है। शुक्रवार को दाखिले की अंतिम तारीख भी चली गई, लेकिन किसी गरीब बच्चे को दाखिला नहीं मिला। स्थिति यही रही तो दाखिला मिलता भी नजर नहीं आ रहा है, हां तारीख पर तारीख जरूर मिल रही है।
उधर, निजी स्कूलों ने अब मेधावी बच्चों के चयन के लिए ली गई परीक्षा पर आपत्ति जाहिर करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसकी सुनवाई 16 मई को होनी है, अब इस सुनवाई से पहले 134-ए के बच्चों को दाखिला मिलना संभव नहीं है। दूसरी ओर विभाग द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद पहले ड्रा के दाखिलों के लिए 13 मई आखिरी तारीख निर्धारित की थी। विभाग द्वारा सभी स्कूलों को दाखिला देने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन स्कूलों ने विभाग के आदेशों को दरकिनार कर किसी भी विद्यार्थी को दाखिला नहीं दिया है। अब मामला कोर्ट में होने की वजह से 16 मई की सुनवाई के बाद ही विद्यार्थियों को दाखिला मिलने की आस है। पिछले दो माह से निजी स्कूलों में दाखिला होने की आस लगाए बैठे विद्यार्थियों व अभिभावकों के अरमानों पर पानी फिर गया है। शिक्षा विभाग व निजी स्कूलों की आपसी तनातनी से हजारों बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
मेधावी चयन पर ही उठाए सवाल
निजी स्कूल संचालकों ने अब शिक्षा विभाग की ओर से 134-ए में एडमिशन दिलाने के लिए मेधावी छात्रों के चयन को लेकर अपनाई गई नीति पर ही सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। स्कूल संचालकों का कहना है कि सरकार द्वारा पहले तो समाज को गरीब व अमीर की कैटेगरी में बांटा है। फिर आरक्षित व जनरल कैटेगरी में बांटा और अब सरकारी स्कूलों के गरीब व प्राइवेट स्कूलों के गरीबों में बांट दिया है। स्कूलों का कहना है कि जब विभाग द्वारा प्राइवेट स्कूलों के बच्चों के चयन के लिए परीक्षा ली गई है तो फिर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को इस परीक्षा शामिल क्यों नहीं किया गया है।
जिले के 1982 विद्यार्थियों को दाखिलों का इंतजार
जिले के 1982 विद्यार्थियों को अब शिक्षा विभाग के फैसले का इंतजार है। 134-ए के तहत निजी स्कूलों की 10 प्रतिशत सीटों पर दाखिले के लिए सभी शर्तों को पूरा करने के बाद भी उनके लिए प्राइवेट स्कूलों के द्वार नहीं खुले हैं। जिले में करीब 8800 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। जिले में 5800 सीटों के मुकाबले आवेदन अधिक मिलने पर विभाग द्वारा मेधावी बच्चों के चयन के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया था। इसमें 4773 बच्चों ने परीक्षा दी थी, जिसमें 1728 बच्चों ने परीक्षा को क्वालीफाई किया तथा 254 बच्चों का चयन राजकीय स्कूलों के मासिक टेस्ट मे लिए अंकों की मेरिट के आधार पर हुआ था। विभाग द्वारा पहले ड्रा के लिए 1982 बच्चों को चयनित कर संबधित स्कूलों को 13 मई तक दाखिला देने के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन निजी स्कूलों की हड़ताल की वजह से अभी तक उन्हें स्कूलों में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है।
55 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले मेधावी नहीं : शर्मा
वहीं तीसरे दिन सेक्टर 12 में निजी स्कूल संचालकों ने धरना दिया। इस मौके पर नेशनल इंडिपेंडेंस स्कूल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा मेधावी बच्चों के चयन के लिए जो विधि अपनाई गई है, वो गलत है। जब निजी स्कूलों में पढ़ने वालों की बच्चों की परीक्षा की ली गई तो सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी इसमें शामिल करना चाहिए। सरकार द्वारा गत दिनों 95 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मेधावी बताकर लैपटॉप वितरित किए हैं। सरकार द्वारा बच्चों के साथ भी दोहरी नीति अपनाई जा रही है। जब सरकार को कोई योजना लागू करनी होती है तो नियम बदल जाते हैं, अब जब प्राइवेट स्कू लों व आम पब्लिक पर बोझ डालने की बात सामने आई, तो सरकार द्वारा मेधावी बच्चों के चयन के मानक ही बदल दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूल सरकार के दबाव में आकर एडमिशन नहीं देंगे।
अब मंत्रियों का करेंगे घेराव
निजी स्कूल संचालकों ने कहा कि स्कूलों के तीन दिवसीय सांकेतिक धरना समाप्त हो गया है। शनिवार को सभी स्कूल संचालक स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज व भिवानी विधायक घनश्याम सर्राफ का घेराव करेंगे तथा 15 मई को शिक्षामंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा। 16 मई को कोर्ट की सुनवाई के बाद 25 मई को सीएम आवास का घेराव करनाल में होगा। जब तक सरकार 134-ए पर स्पष्ट नीति नहीं बनाएगी तब तक विरोध जारी रहेगा।
अभिभावकों ने कहा 16 मई से करेंगे आंदोलन शुरू
उधर, अभिभावक संघ के जिला प्रधान दिनेश नरूला ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से 134-ए के तहत एडमिशन की आखिरी तारीख 13 मई निर्धारित की गई थी। लेकिन किसी भी स्कूल ने बच्चों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी है। इस संबंध में अभिभावकों ने उपायुक्त को भी ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अभी तक कोई भी फैसला नहीं आया है। यदि 16 मई तक विभाग द्वारा बच्चों को दाखिला नहीं दिलवाया तो अभिभावक संघ आंदोलन शुरू करेगा।