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थर-थर कांपे वैरी सारे, ऐसा रण करो घमासान

Mon, 22 Jan 2018 12:41 AM IST
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:41 AM IST
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थर-थर कांपे वैरी सारे, ऐसा रण करो घमासान
‘थर-थर कांपे वैरी सारे, ऐसा रण करो घमासान’
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
निर्मल धाम में रविवार को कारवाने अदब नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करनाल तथा आसपास से पधारे कवियों, शायरों तथा साहित्यकारों ने शिरकत करते हुए सामाजिक बुराइयों पर कटाक्ष किया। वहीं करनाल से कवि मित्र सूफी गायक गुरमुख सिंह वड़ैच को हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी पंचकूला द्वारा उनकी गजलों की सीडी बुलेशाह के संग साथ गाये गए उनके सूफी कलाम के उपलक्ष्य में 2015 के लोक गायक अवार्ड के लिए चयन किया गया, जिसमें उन्हें 51 हजार की राशि पुरस्कार में दी जाएगी। कारवाने अदब करनाल जो शायरों की एक अदबी संस्था है उसके लिए फक्र की बात है, क्योंकि यह सीडी कारवाने अदब ने प्रस्तुत की और कवियत्री अंजू शर्मा इसकी प्रोड्यूसर रहीं। महफिल की अध्यक्षता अशोक वशिष्ठ ने की जबकि मुख्य अतिथि गुरमुख सिंह वड़ैच रहे। मंच संचालन भारत भूषण वर्मा ने किया। महफिल में डॉ. एसके शर्मा ने रचना पेश करते हुए कहा कि मेरे देश के राज्यों में एक राज्य हरियाणा, जहां बलात्कारियों और यौन शोषण करने वाला का बोलबाला। वहीं अंजू शर्मा ने प्रस्तुति दी कि जिंदगी तो है बस सांसों का एक सिलसिला...। तो भारत भूषण वर्मा ने कहा, थर-थर कांपे वैरी सारे, ऐसा रण करो घमासान, सन पैंसठ एकहत्तर वाले युद्ध कारगिल विजय समान। इसी तरह सुरेंद्र मरवाहा ने कहा कि हम तो लिख देते हैं, जो भी दिल में आता है हमारे, आप के दिल को छू जाए तो इत्तेफाक समझिए। अशोक वशिष्ट ने कहा- जमकर बात मुझे करने दे, कल प्रिय अपनी बात ना होगी, तो गुरमुख सिंह वडै़च ने प्रस्तुति दी- ख्वाब सब पूरे हमारे जिंदगी के हो गए, तुम किसी के हो न हों, हम तो तुम्हारे हो गए। कार्यक्रम में ओम प्रकाश उल्फत ने रचना प्रस्तुत करते हुए कहा, कब से मैं तन्हाई की तारीकियों में गुम, मुद्दत के बाद आस का जुगनू मिला तो है। वहीं डॉ. रूद्रमाणी शर्मा ने प्रस्तुति दी -गरके दुनियां है रूद्र भूल के भी हम तो यादें खुदा नही करते, गिरधारी लाल शर्मा ने रचना प्रस्तुत की- खूबसूरत हैं तेरी आंखें ये बताऊं कैसे..., एसआर पाहवा ने कहा दोष क्या मेरा था माली तुने क्यों तोड़ा मुझे, हरबंस पथिक ने कहा-पहले अपना तो गिरेबां देख ले, आइना मुझ को दिखाना बाद में, मुनी राज शर्मा ने कहा दिखता हूं आज मैं धुधला सितारा पर न भूलों कल अंधेरी रात में नव ज्योतसना बन कर आऊंगा।
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