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ऑनलाइन दवा बेचने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांगा को लेकर दवा विक्रेताओं ने सौंपा ज्ञापन

Wed, 09 Jan 2019 01:40 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jan 2019 01:40 AM IST
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ऑनलाइन दवा बेचने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांगा को लेकर दवा विक्रेताओं ने सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। जिला करनाल केमिस्ट एसोसिएशन ने दवा की ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ हल्ला बोल कार्यक्रम के तहत डीसी मार्फत एसडीएम करनाल नरेंद्र पाल मलिक व वरिष्ठ औषधि नियंत्रक ऑफिसर करनाल परविंद्र मलिक को एक ज्ञापन दिया। इस ज्ञापन में ऑनलाइन दवा व्यापार में लिप्त कंपनियों, व्यक्तियों, फर्मों और कोरियर सर्विस वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए प्रार्थना की गई है।
एसोसिएशन के जिला प्रधान दिनेश अग्रवाल व स्थानीय प्रधान राम प्रसाद गोयल ने बताया कि मद्रास उच्च न्यायालय के अनुसार ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट के अनुसार ऑनलाइन दवा व्यापारी (ऑनलाइन दवाओं की फार्मेसी) द्वारा ऑनलाइन ड्रग बिक्री दवाओं को प्रतिबंधित किया गया है। तमिलनाडु केमिस्टस एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन जो कि आल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट की एक संबद्ध इकाई ने मद्रास के उच्च न्यायालय में इसके लिए रिट दायर की थी।
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मद्रास उच्च न्यायालय की न्यायाधीश पुष्पा सत्यनारायण के आदेश के बाद दोनों पक्षों के साथ-साथ भारत के तमिलनाडु राज्य और सीडीएससीओ के अनेक तर्कों के बाद आदेश पारित किया। एक निर्णय में उच्च न्यायालय दिल्ली जेएसवी कामेश्वर राव ने एक दिल्ली के विख्यात त्वचा विशेषज्ञ डॉ. जहीर अहमद द्वारा दायर जनहित याचिका के संबंध में भी आदेश दिया है, जिसमें संबंधित राज्यों के डीसीजीआई और ड्रग कंट्रोलरों को ऑनलाइन फार्मेसियों द्वारा दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया इसके लिए 12 दिसंबर 2018 को आदेश पारित किया गया। याचिका पृष्ठभूमि अपनी याचिका में डॉ. अहमद ने उदाहरण दिया कि केवल पर्चे पर उपलब्ध दवाएं ऑनलाइन कैसे बेची जा रही हैं। नारकोटिक एवं साइकोट्रोपिक पदार्थों वाली कुछ दवाएं भी ऑनलाइन फार्मेसियों द्वारा बिक्री के लिए उपलब्ध हैं और चूंकि ऑनलाइन फार्मेसी के पास रिटेल ड्रग लाइसेंस नहीं है, इसलिए वे ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत निर्धारित ड्रग इंस्पेक्शन शासन की सीमा से बाहर हैं। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र की एक पीठ मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव ने दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया। अग्रवाल ने बताया कि अगर इस संबंध में सुनवाई नहीं होती है तो ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के तत्वावधान में एक अवमानना याचिका ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया और राज्य ड्रग कंट्रोलर्स के खिलाफ शीर्ष अदालत में दायर करेगी। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से जिला प्रधान दिनेश अग्रवाल व स्थानीय प्रधान राम प्रसाद गोयल, बलवान चौधरी, कंवरपाल सिंह, सुखदेव सोनी, बलदेवराज अग्रवाल, बलदेव खुराना, जोगिन्द्र खेतरपाल, मनमोहन शर्मा, अभिषेक गर्ग, रजनीश गुप्ता, राजीव गुप्ता व अंकुश गोयल उपस्थित रहे।
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