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सीएम सिटी में पिछले साल मैराथन के लिए दिए 15 लाख रुपए की जांच शुरू
Updated Wed, 23 May 2018 01:04 AM IST
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सीएम सिटी में पिछले साल मैराथन के लिए दिए 15 लाख रुपये की जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पिछले वर्ष सीएम सिटी में एक निजी संस्था की ओर से आयोजित की गई मैराथन के लिए डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स काउंसिल द्वारा दिए गए 15 लाख रुपये की जांच शुरू कर दी गई है। इसके लिए एसीएस अशोक खेमका ने फाइल मांग ली है। बता दें पिछले साल हुई मैराथन की तरह ही इस बार भी 27 मई को फिर से सेक्टर-32 में मैराथन करवा रहा है। उसे पिछले साल की तरह इस बार भी सरकार से मदद मांगी है। सरकार ने इस पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के लेटर के बाद एसीएस अशोक खेमका ने निर्देश जारी कर दिए कि डीएसओ इस मैराथन से दूर रहेंगे। बता दें 2017 में मैराथन के आयोजक पियूष सचदेवा की ओर से मैराथन कराई थी। इसके लिए उसने खेल विभाग द्वारा 15 लाख रुपये निजी फर्म की मदद के लिए डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स काउंसिल के खाते से नगर निगम को ट्रांसफर किए गए थे। निगम अधिकारियों ने विजेता खिलाड़ियों को चेक काटकर दिए थे। एसीएस खेमका के आदेश के बाद से सभी कोच व खेल विभाग ने मैराथन से दूरी बना ली है।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पिछले वर्ष सीएम सिटी में एक निजी संस्था की ओर से आयोजित की गई मैराथन के लिए डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स काउंसिल द्वारा दिए गए 15 लाख रुपये की जांच शुरू कर दी गई है। इसके लिए एसीएस अशोक खेमका ने फाइल मांग ली है। बता दें पिछले साल हुई मैराथन की तरह ही इस बार भी 27 मई को फिर से सेक्टर-32 में मैराथन करवा रहा है। उसे पिछले साल की तरह इस बार भी सरकार से मदद मांगी है। सरकार ने इस पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के लेटर के बाद एसीएस अशोक खेमका ने निर्देश जारी कर दिए कि डीएसओ इस मैराथन से दूर रहेंगे। बता दें 2017 में मैराथन के आयोजक पियूष सचदेवा की ओर से मैराथन कराई थी। इसके लिए उसने खेल विभाग द्वारा 15 लाख रुपये निजी फर्म की मदद के लिए डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स काउंसिल के खाते से नगर निगम को ट्रांसफर किए गए थे। निगम अधिकारियों ने विजेता खिलाड़ियों को चेक काटकर दिए थे। एसीएस खेमका के आदेश के बाद से सभी कोच व खेल विभाग ने मैराथन से दूरी बना ली है।