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Karnal News: ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई का सपना दिखा 10 लाख ठगे
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करनाल। ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई का सपना दिखा गोंदर गांव के एक युवक से लाखों रुपये ठग लिए। थाना निसिंग में विकास शर्मा और वान्या सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
प्रदीप कुमार ने बताया कि उसका बेटा प्रशांत बीए फाइनल का छात्र है। उसे पढ़ाई के लिए वह ऑस्ट्रेलिया भेजना चाहता था। उसने नवंबर 2022 में चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित इमिग्रेशन सॉल्यूशन दफ्तर में विकास शर्मा और वान्या सिंह से मुलाकात की। दोनों ने खुद को विदेशी शिक्षा के विशेषज्ञ बताते हुए वीजा न लगने की स्थिति में फीस वापसी का आश्वासन दिया। उसने अपने बेटे के दस्तावेज सौंप दिए और 15 हजार रुपये एंट्री फीस के तौर पर ट्रांसफर किए। कुछ दिन बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया के एक कॉलेज का फर्जी ऑफर लेटर दिखाया गया और सात लाख की मांग की।
उन्होंने दिसंबर 2022 में रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके अलावा मेडिकल, जीटीई क्लियरेंस और एंबेसी फीस के नाम पर और रकम ली गई मगर चार महीने तक कोई जवाब नहीं मिला। बाद में जानकारी दी गई कि वीजा रिजेक्ट हो गया है जबकि रिफ्यूजल पहले ही आ चुका था।
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शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपियों ने उसे दो चेक दिए, जो बाउंस हो गए। बाद में आरटीजीएस से 4.12 लाख लौटाए गए। जब प्रदीप बकाया राशि के लिए चंडीगढ़ गया तो आरोपी नहीं मिले। ब्यूरो
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प्रदीप कुमार ने बताया कि उसका बेटा प्रशांत बीए फाइनल का छात्र है। उसे पढ़ाई के लिए वह ऑस्ट्रेलिया भेजना चाहता था। उसने नवंबर 2022 में चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित इमिग्रेशन सॉल्यूशन दफ्तर में विकास शर्मा और वान्या सिंह से मुलाकात की। दोनों ने खुद को विदेशी शिक्षा के विशेषज्ञ बताते हुए वीजा न लगने की स्थिति में फीस वापसी का आश्वासन दिया। उसने अपने बेटे के दस्तावेज सौंप दिए और 15 हजार रुपये एंट्री फीस के तौर पर ट्रांसफर किए। कुछ दिन बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया के एक कॉलेज का फर्जी ऑफर लेटर दिखाया गया और सात लाख की मांग की।
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उन्होंने दिसंबर 2022 में रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके अलावा मेडिकल, जीटीई क्लियरेंस और एंबेसी फीस के नाम पर और रकम ली गई मगर चार महीने तक कोई जवाब नहीं मिला। बाद में जानकारी दी गई कि वीजा रिजेक्ट हो गया है जबकि रिफ्यूजल पहले ही आ चुका था।
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शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपियों ने उसे दो चेक दिए, जो बाउंस हो गए। बाद में आरटीजीएस से 4.12 लाख लौटाए गए। जब प्रदीप बकाया राशि के लिए चंडीगढ़ गया तो आरोपी नहीं मिले। ब्यूरो