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Kaithal News: रोजगार देने वाले बनें युवा, उपायुक्त ने किया आह्वान

Tue, 25 Mar 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 25 Mar 2025 01:10 AM IST
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Youth should become job providers, Deputy Commissioner appealed
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। ग्योंग गांव में संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान का सोमवार को डीसी प्रीति ने दौरा कर प्रशिक्षणार्थियों को जागरूक किया। डीसी प्रीति ने कहा कि युवा रोजगार मांगने की बजाय रोजगार देने वाले बनें। इसके लिए उन्हें जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए स्वयं में कौशल का विकास करना होगा। कौशल, मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।

ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान ग्योंग युवाओं को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। बेरोजगार युवा यहां से प्रशिक्षण हासिल कर न केवल स्वयं का बल्कि दूसरों के रोजगार का भी मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि यह कोर्स पूरा करने के बाद नौकरी की तलाश में भटकने की बजाय स्वरोजगार स्थापित करके ओर लोगों को भी रोजगार प्रदान करें।
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उन्होंने कहा कि अपने में इतना कौशल पैदा करें कि आपके काम की मांग हो। जैसे आप ब्यूटी पार्लर या टेलरिंग आदि का काम सीख कर जाते हैं तो अपने काम की बदौलत आपका गांव या शहर में नाम हो। संख्या की बजाए गुणवत्ता पर जोर देना। एक बार कोई आपसे काम करवा लें तो दोबारा आपके पास ही आए। किसी भी कार्य में अपना शत प्रतिशत देंगे तो उसका परिणाम बहुत अच्छा मिलेगा।
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डीसी प्रीति ने संस्थान के कोर्स एवं विद्यार्थियों की संख्या आदि के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही युवतियों से भी बातचीत और संस्थान के बारे में फीडबैक लिया। डीसी ने यहां दिए जा रहे आर्टीफिशियल ज्वैलरी, मशरूम उत्पादन, सॉफ्ट टॉय उत्पादन जैसे प्रशिक्षण की सराहना की। उन्होंने एलडीएम को निर्देश दिए कि वे आईटीआई तथा कॉलेजों में कैंप लगाकर इस प्रशिक्षण संस्थान के बारे में जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक युवक व युवतियों इसका फायदा उठाकर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण के बाद संबंधित युवाओं को ऋण दिलवाकर उनके उत्पाद की बिक्री के लिए भी संस्थान प्रयास करे। जरूरत महसूस हो तो दूसरे सरकारी विभागों से भी मदद लें। इसके लिए आपसी तालमेल से काम करना होगा।
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