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Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Youth falling victim to fraud in the quest to earn dollars; 16.12 crore lost and 92 cases registered over 21 months.

Kaithal News: डॉलर कमाने की चाह में ठगी का शिकार हो रहे युवा, 21 माह में 16.12 करोड़ गंवाए, 92 मामले दर्ज हुए

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2026 11:20 PM IST
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Youth falling victim to fraud in the quest to earn dollars; 16.12 crore lost and 92 cases registered over 21 months.
कैथल। डॉलर कमाने और विदेश में बेहतर जिंदगी बसाने की चाह युवाओं को ठगों के जाल में फंसा रही है। कोई लाखों रुपये खर्च कर विदेश में नौकरी पाने का सपना देख रहा है तो कोई परिवार की जमा-पूंजी एजेंटों को सौंप रहा है। इसके बाद भी नौकरी और मोटे वेतन का झांसा देकर किसी को फर्जी वीजा थमाया जा रहा है तो किसी को मनचाहे देश के बजाय दूसरे देश भेजा जा रहा है। कैथल में जनवरी 2025 से सितंबर 2026 तक 21 महीनों में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के 92 मामले दर्ज हुए। पुलिस के माहवार आंकड़ों के अनुसार इन मामलों में करीब 16.12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। वर्ष 2025 में 62 मामलों में 11.83 करोड़ रुपये और 2026 में सितंबर तक 30 मामलों में 4.29 करोड़ रुपये की ठगी हुई। दोनों वर्षों में कुल 64 आरोपियों की पुलिस में गिरफ्तारी दर्ज हुई है। 2026 में 56 गिरफ्तारी पुलिस की ओर से दर्ज की गई थी जबकि इस वर्ष महज आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
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बॉक्स : वर्ष 2025 में आए मामले-
महीना-
मामले-
ठगी की रकम-
गिरफ्तार आरोपी
जनवरी-
7-
78.98 लाख-
8
फरवरी-
4-
1.03 करोड़ - 2
मार्च-
13-
2.66 करोड़- 12
अप्रैल-
2-
25.50 लाख-
4
मई-
5-
1.11 -करोड़- 3
जून-
4-
1.02 करोड़- 3
जुलाई-
5-
1.12 करोड़- 8
अगस्त-
4-
38.27 लाख-
2
सितंबर-
9-
1.27 करोड़- 7
अक्तूबर - 2-
43.67 लाख-
2
नवंबर-
3-
1.44 करोड़ -2
दिसंबर-
4-
29.80 लाख-
3
कुल-
62-
11.82 करोड़- 56
वर्ष 2026 में कबूतरबाजी के मामले
महीना-
मामले-
ठगी की रकम-
गिरफ्तार आरोपी
जनवरी-
5-
68.19 लाख-
4
फरवरी-
1-
10 लाख-
0
मार्च-
2
-49.50 लाख-
0
अप्रैल
-4
-42.10 लाख-
1
मई-
3
-1.08 करोड़ -1
जून
-2
9.36 लाख
-1
जुलाई-
2
-7.85 लाख-
0
अगस्त-
4
-1.02 करोड़- 1
सितंबर- 7-
32 लाख-
0

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ये मामले 2026 में ठगी के सामने आए

7 अक्तूबर सीवन निवासी अश्वनी कुमार से इंस्टाग्राम पर इंग्लैंड भेजने का विज्ञापन देकर 1.01 लाख रुपये ठगे, तीन आरोपी गिरफ्तार।
- 16 सितंबर को कांगथली निवासी गुरमीत सिंह के बेटे शिव कुमार को पुर्तगाल के बजाय केन्या भेजा, 11.50 लाख रुपये ठगे।
- 13 सितंबर गुहणा निवासी हिमांशु को ऑस्ट्रेलिया के बजाय थाईलैंड भेजा, 25.53 लाख में से 4.03 लाख रुपये अब तक नहीं लौटाए।
- 23 मई सेर निवासी गुरुदेव सिंह से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 14 लाख रुपये ठगे, लुधियाना निवासी जगजीत सिंह गिरफ्तार।
- 11 मई को डोगरा गेट निवासी शरणदीप सिंह और निर्मल सिंह को लक्जमबर्ग में नौकरी का झांसा देकर करीब छह लाख रुपये लिए, न विदेश भेजा और न रकम लौटाई।
- 26 अप्रैल गढ़ी पाडला निवासी पवन से ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर फर्जी वीजा दिखाकर पांच लाख रुपये ठगे।
- 22 जनवरी 2026: सीवन निवासी गुरशरण कौर और उनके पति से कनाडा भेजने के नाम पर 14.50 लाख रुपये लिए, दिल्ली पहुंचने पर वीजा फर्जी निकला।
- जनवरी ढांड निवासी सोहन लाल को सिंगापुर से ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर इंडोनेशिया पहुंचाया, दस दिन बाद भारत वापस भेज दिया।
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ऐसे हो रही ठगी-
1. पुलिस की जांच के अनुसार डंकी रूट बंद हो जाने के बाद अब युवाओं को कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के देशों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये वसूले जाते हैं। बाद में न तो वीजा मिलता है और न ही रुपये लौटाए जाते हैं।
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2. एजेंट युवाओं को नकली वीजा, हवाई टिकट और अन्य दस्तावेज देकर रकम ऐंठ लेते हैं। एयरपोर्ट पहुंचने पर दस्तावेज फर्जी होने का पता चलता है।
3 होटल, फैक्टरी, ट्रांसपोर्ट और अन्य कंपनियों में नौकरी दिलाने का वादा किया जाता है। विदेश पहुंचने पर नौकरी नहीं मिलती या बताई गई नौकरी और वेतन नहीं मिलता।
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4 युवाओं को पर्यटक वीजा पर विदेश भेजा जाता है और वहां पहुंचकर वर्क परमिट दिलाने का भरोसा दिया जाता है। बाद में एजेंट संपर्क तोड़ लेते हैं।
5. कुछ मामलों में युवाओं को दूसरे देशों में बंधक बनाकर परिजनों से अतिरिक्त रुपये मांगे जाते हैं। मारपीट और धमकी देकर भी पैसे वसूले जाते हैं।
6. एजेंट कार्यालय खोलकर युवाओं से पासपोर्ट और लाखों रुपये लेते हैं। कुछ समय बाद कार्यालय बंद करके भाग जाते हैं।
7. विदेशी कॉलेजों में दाखिला और वीजा दिलाने का भरोसा देकर फीस व अन्य खर्चों के नाम पर रुपये लिए जाते हैं। बाद में दाखिले के कागजात फर्जी निकलते हैं या वीजा नहीं मिलता।

8. पहले फाइल चार्ज, फिर मेडिकल, वीजा, टिकट और एंबेसी फीस के नाम पर बार-बार रुपये मांगे जाते हैं। पूरी रकम लेने के बाद एजेंट संपर्क बंद कर देते हैं।
9. गांव या परिचित लोगों के माध्यम से विदेश भेजने का भरोसा दिया जाता है। विश्वास में आकर युवा बिना लिखित समझौते के लाखों रुपये दे देते हैं।

एजेंट के झांसे में आने से पहले उसकी विश्वसनीयता और पंजीकरण की जांच करें। रकम देने से पहले लिखित समझौता करें और भुगतान की रसीद जरूर लें। कम समय में विदेश भेजने और मोटी तनख्वाह दिलाने के लालच में न आएं। ठगी होने पर तुरंत पुलिस को शिकायत दें और भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
सुशील प्रकाश, डीएसपी क्राइम
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