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Kaithal News: चीका मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ा किसानों और एजेंसियों का धान भीगा
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तिरपाल से ढकी धान की ढेरियां व भरा पानी। संवाद
गुहला-चीका। एशिया की प्रमुख अनाज मंडी चीका में बेमौसम बारिश ने धान की खरीद और उठान व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ा लाखों क्विंटल धान बारिश में भीग गया। इसमें किसानों की ओर से बिक्री के लिए लाई गई फसल के साथ सरकारी खरीद एजेंसियों का खरीदा हुआ धान भी शामिल है। बारिश के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती भीगे हुए धान को सुखाने की है। मंडी में पहले से ही फसल की आवक अधिक होने के कारण जगह की कमी है। ऐसे में किसानों और आढ़तियों की परेशानी बढ़ गई है।
किसानों अवतार सीड़ा, बलजीत सिंह, संदीप संधू, रमेश और कर्मबीर ने बताया कि किसान छह महीने खेतों में मेहनत करने के बाद फसल लेकर मंडी पहुंचता है लेकिन यहां उसे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नमी अधिक होने पर खरीद एजेंसियां धान खरीदने से मना कर देती हैं। दूसरी ओर बारिश से फसल बचाने के लिए मार्केट कमेटी की ओर से पर्याप्त संसाधन भी उपलब्ध नहीं करवाए गए। किसानों ने अपने स्तर पर धान को सुखाने के लिए फैलाया था लेकिन बारिश आने से फसल भीग गई। आढ़तियों ने भी अपने स्तर पर कुछ सहयोग किया लेकिन इंतजाम पर्याप्त नहीं रहे।
भीगे धान को सुखाने की चुनौती
मंडी में चारों तरफ धान के ढेर लगे हैं। बारिश के कारण फसल में नमी बढ़ गई है। धान को दोबारा सुखाने के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत है लेकिन मंडी पहले से ही भरी हुई हैं। ऐसे में आढ़तियों के सामने फसल को फैलाकर सुखाने की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं एजेंसियों की ओर से खरीदे गए धान का उठान नहीं होने से वह भी बारिश की चपेट में आ गया। नमी के कारण खरीद और उठान प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।
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किसानों अवतार सीड़ा, बलजीत सिंह, संदीप संधू, रमेश और कर्मबीर ने बताया कि किसान छह महीने खेतों में मेहनत करने के बाद फसल लेकर मंडी पहुंचता है लेकिन यहां उसे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नमी अधिक होने पर खरीद एजेंसियां धान खरीदने से मना कर देती हैं। दूसरी ओर बारिश से फसल बचाने के लिए मार्केट कमेटी की ओर से पर्याप्त संसाधन भी उपलब्ध नहीं करवाए गए। किसानों ने अपने स्तर पर धान को सुखाने के लिए फैलाया था लेकिन बारिश आने से फसल भीग गई। आढ़तियों ने भी अपने स्तर पर कुछ सहयोग किया लेकिन इंतजाम पर्याप्त नहीं रहे।
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भीगे धान को सुखाने की चुनौती
मंडी में चारों तरफ धान के ढेर लगे हैं। बारिश के कारण फसल में नमी बढ़ गई है। धान को दोबारा सुखाने के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत है लेकिन मंडी पहले से ही भरी हुई हैं। ऐसे में आढ़तियों के सामने फसल को फैलाकर सुखाने की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं एजेंसियों की ओर से खरीदे गए धान का उठान नहीं होने से वह भी बारिश की चपेट में आ गया। नमी के कारण खरीद और उठान प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।

तिरपाल से ढकी धान की ढेरियां व भरा पानी। संवाद
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