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Kaithal News: गांव हेमू माजरा में बारिश से खेतों में डूबी धान की फसल, किसानों को लाखों के नुकसान की आशंका
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मंडी में जगह नहीं होने के कारण खेत में भीगा किसान का धान। सोशल मीडिया
गुहला-चीका। गुहला क्षेत्र के गांव हेमू माजरा में बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया जिससे किसान गुरध्यान सिंह सहित अन्य किसानों की कटाई के बाद खेतों में पड़ी धान की फसल डूबकर खराब हो गई। किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।
किसानों ने बताया कि उनकी धान की फसल पिछले चार दिनों से कटाई के बाद खेतों में पड़ी थी। वे इसे मंडी में ले जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन आढ़ती ने मंडी में जगह नहीं होने का हवाला देकर फसल लाने से मना कर दिया। इसके बाद प्रशासन, मंडी एसोसिएशन और राइस मिलों की ओर से दो दिन की हड़ताल के कारण भी धान मंडी तक नहीं पहुंच पाई। इस दौरान हुई बारिश ने उनकी छह महीने की मेहनत पर पानी फेर दिया।
मुआवजा देने की मांग
किसानों ने सवाल उठाया कि जब पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने के लिए सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, तो बारिश से जलमग्न होकर खराब हो रही फसल पर ध्यान क्यों नहीं दिया जाता। उन्होंने सरकार और प्रशासन से प्रभावित खेतों की विशेष गिरदावरी करवाकर खराब हुई धान की फसल का उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते फसल मंडी पहुंच जाती तो इस नुकसान से बचा जा सकता था।
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किसानों ने बताया कि उनकी धान की फसल पिछले चार दिनों से कटाई के बाद खेतों में पड़ी थी। वे इसे मंडी में ले जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन आढ़ती ने मंडी में जगह नहीं होने का हवाला देकर फसल लाने से मना कर दिया। इसके बाद प्रशासन, मंडी एसोसिएशन और राइस मिलों की ओर से दो दिन की हड़ताल के कारण भी धान मंडी तक नहीं पहुंच पाई। इस दौरान हुई बारिश ने उनकी छह महीने की मेहनत पर पानी फेर दिया।
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मुआवजा देने की मांग
किसानों ने सवाल उठाया कि जब पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने के लिए सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, तो बारिश से जलमग्न होकर खराब हो रही फसल पर ध्यान क्यों नहीं दिया जाता। उन्होंने सरकार और प्रशासन से प्रभावित खेतों की विशेष गिरदावरी करवाकर खराब हुई धान की फसल का उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते फसल मंडी पहुंच जाती तो इस नुकसान से बचा जा सकता था।

मंडी में जगह नहीं होने के कारण खेत में भीगा किसान का धान। सोशल मीडिया
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