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Kaithal News: जन्मे राम तो रोशन हुई अयोध्या
Sat, 05 Oct 2024 03:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 05 Oct 2024 03:45 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। प्रथम नवरात्र के उपलक्ष्य पर नगर की सबसे प्राचीन रामलीला का शुभारंभ किया। पहले दिन राम जन्म का मंचन किया गया। इस मौके पर अयोध्या रोशनी से नहा गई।
बाबा नारायण दास रंग मंच क्लब की ओर से खेली जाने वाली यह रामलीला क्षेत्र की सबसे प्राचीन रामलीला है। रामलीला के शुभारंभ पर हवन किया। इस मौके पर पंडित विजय शर्मा ने मंत्र उच्चारण एवं हवन में आहुति डालकर रामलीला की शुरुआत करवाई। पहले दिन सबसे पहले श्री राम जन्म का मंचन किया और उसके बाद राजा दशरथ के दरबार में विश्वामित्र मुनि का आगमन हुआ।
मुनि ने राजा दशरथ से यज्ञ की रक्षा के लिए श्री राम व लक्ष्मण को मांगा। इस पर राजा ने कुमारों की जगह स्वयं यज्ञ की रक्षा के उनके साथ चलने को कहा लेकिन विश्वामित्र के आग्रह पर राजा दशरथ ने श्री राम व लक्ष्मण को मुनि के साथ भेज दिया। मुनि आश्रम को जाते समय वन के रास्ते में राक्षसी ताड़का मिली, जिसका वध श्री राम व लक्ष्मण ने किया।
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इसके बाद यज्ञ की रक्षा उन्होंने अनेकों राक्षसों का वध करके की। प्रथम दिन में रामलीला का शुभारंभ रोहित सैनी ने किया। उन्होंने कहा कि श्री बाबा नारायण दास रंगमंच क्लब की ओर से पिछले सात दशक से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। यह बहुत ही सराहनीय कार्य है। रामलीला केवल नाटक नहीं संस्कृति है, हमारा धर्म है, हमारी आस्था है। इस अवसर पर क्लब के सदस्य मौजूद रहे।
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सीवन। प्रथम नवरात्र के उपलक्ष्य पर नगर की सबसे प्राचीन रामलीला का शुभारंभ किया। पहले दिन राम जन्म का मंचन किया गया। इस मौके पर अयोध्या रोशनी से नहा गई।
बाबा नारायण दास रंग मंच क्लब की ओर से खेली जाने वाली यह रामलीला क्षेत्र की सबसे प्राचीन रामलीला है। रामलीला के शुभारंभ पर हवन किया। इस मौके पर पंडित विजय शर्मा ने मंत्र उच्चारण एवं हवन में आहुति डालकर रामलीला की शुरुआत करवाई। पहले दिन सबसे पहले श्री राम जन्म का मंचन किया और उसके बाद राजा दशरथ के दरबार में विश्वामित्र मुनि का आगमन हुआ।
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मुनि ने राजा दशरथ से यज्ञ की रक्षा के लिए श्री राम व लक्ष्मण को मांगा। इस पर राजा ने कुमारों की जगह स्वयं यज्ञ की रक्षा के उनके साथ चलने को कहा लेकिन विश्वामित्र के आग्रह पर राजा दशरथ ने श्री राम व लक्ष्मण को मुनि के साथ भेज दिया। मुनि आश्रम को जाते समय वन के रास्ते में राक्षसी ताड़का मिली, जिसका वध श्री राम व लक्ष्मण ने किया।
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इसके बाद यज्ञ की रक्षा उन्होंने अनेकों राक्षसों का वध करके की। प्रथम दिन में रामलीला का शुभारंभ रोहित सैनी ने किया। उन्होंने कहा कि श्री बाबा नारायण दास रंगमंच क्लब की ओर से पिछले सात दशक से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। यह बहुत ही सराहनीय कार्य है। रामलीला केवल नाटक नहीं संस्कृति है, हमारा धर्म है, हमारी आस्था है। इस अवसर पर क्लब के सदस्य मौजूद रहे।