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खूब घूमा कैथल डिपो की बसों का पहिया, कमाई में चंडीगढ़ को पीछे छोड़ा
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Wheels of buses of Kaithal depot roamed a lot, left Chandigarh behind in earnings
- फोटो : Kaithal
कैथल। हरियाणा रोडवेज में कैथल डिपो कमाई के मामले में प्रदेश में चौथे स्थान पर आ गया है। इस बार कैथल डिपो ने कमाई में चंडीगढ़ को भी पछाड़ दिया है, वहीं जींद पहले, करनाल दूसरे, रोहतक तीसरे, कैथल चौथे व चंडीगढ़ 5वें स्थान पर रहा है। कैथल डिपो ने 10 लाख से अधिक की कमाई कर प्रदेश में यह स्थान हासिल किया है।
अधिकारियों की मेहनत और लगन के चलते डिपो इस मुकाम तक पहुंच पाया है। इससे पहले कैथल डिपो 8वें या 9वें स्थान पर रहता था। 11 जनवरी को डिपो कमाई के मामले में चौथे स्थान पर रहा था। डिपो महाप्रबंधक ने इसे कर्मचारियों की मेहनत और लगन का परिणाम बताया है। कैथल डिपो में चालक व परिचालकों की संख्या के मुकाबले बसें काफी कम हैं, फिर भी डिपो महाप्रबंधक तथा ड्यूटी सेक्शन कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा चालक-परिचालकों की उचित ड्यूटी लगाकर तथा समय-समय पर दिशा निर्देश देकर डिपो को अच्छी कमाई दी है। फिलहाल कैथल डिपो में कुल 86 रोडवेज बसें चल रही हैं। इसके अलावा 23 बसें किलोमीटर स्कीम की हैं।
रोडवेज के डीआई रामफल ने कहा कि डिपो का प्रदेश में चौथे नंबर पर आना चालक और परिचालकों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में भी रोडवेज कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत की है। प्रवासी मजदूरों को उनके सही स्थानों पर पहुंचाने का कार्य भी कर्मचारियों द्वारा किया गया था। इसी कारण डिपो आज अच्छी स्थिति पर है।
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रोडवेज महाप्रबंधक अजय गर्ग ने कहा कि कमाई के मामले में कैथल डिपो प्रदेश में चौथे स्थान पर आया है। जबकि इससे पहले 8वें या 9वें स्थान पर रहता था। यह सब कर्मचारियों की ही मेहनत का परिणाम है। डिपो के चौथे नंबर पर आने का कारण ड्यूटी सेक्शन कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा चालक-परिचालकों की समय तथा जरूरत के अनुसार ड्यूटी लगाना रहा। इसके अलावा कैथल डिपो को कमाई के मामले में कर्मचारियों को समय समय पर मोटिवेशन किया और दिशा-निर्देश दिए।
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अधिकारियों की मेहनत और लगन के चलते डिपो इस मुकाम तक पहुंच पाया है। इससे पहले कैथल डिपो 8वें या 9वें स्थान पर रहता था। 11 जनवरी को डिपो कमाई के मामले में चौथे स्थान पर रहा था। डिपो महाप्रबंधक ने इसे कर्मचारियों की मेहनत और लगन का परिणाम बताया है। कैथल डिपो में चालक व परिचालकों की संख्या के मुकाबले बसें काफी कम हैं, फिर भी डिपो महाप्रबंधक तथा ड्यूटी सेक्शन कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा चालक-परिचालकों की उचित ड्यूटी लगाकर तथा समय-समय पर दिशा निर्देश देकर डिपो को अच्छी कमाई दी है। फिलहाल कैथल डिपो में कुल 86 रोडवेज बसें चल रही हैं। इसके अलावा 23 बसें किलोमीटर स्कीम की हैं।
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रोडवेज के डीआई रामफल ने कहा कि डिपो का प्रदेश में चौथे नंबर पर आना चालक और परिचालकों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में भी रोडवेज कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत की है। प्रवासी मजदूरों को उनके सही स्थानों पर पहुंचाने का कार्य भी कर्मचारियों द्वारा किया गया था। इसी कारण डिपो आज अच्छी स्थिति पर है।
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रोडवेज महाप्रबंधक अजय गर्ग ने कहा कि कमाई के मामले में कैथल डिपो प्रदेश में चौथे स्थान पर आया है। जबकि इससे पहले 8वें या 9वें स्थान पर रहता था। यह सब कर्मचारियों की ही मेहनत का परिणाम है। डिपो के चौथे नंबर पर आने का कारण ड्यूटी सेक्शन कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा चालक-परिचालकों की समय तथा जरूरत के अनुसार ड्यूटी लगाना रहा। इसके अलावा कैथल डिपो को कमाई के मामले में कर्मचारियों को समय समय पर मोटिवेशन किया और दिशा-निर्देश दिए।