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उठान न होने के कारण अनाज मंडियों में लगा गेहूं का अंबार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:57 PM IST
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गेहूं
- फोटो : ब्यूरो
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कैथल। अनाज मंडी में गेहूं का उठान न होने से गुस्साए आढ़तियों ने उठान कार्य का बहिष्कार कर दिया। मंडी में उठान के लिए पहुंचे वाहनों में गेहूं लोड नहीं किया गया। जिस कारण पुरी अनाज मंडी में गेहूं के कट्टों का अंबार लग गया है। वहीं नई अनाज मंडी में बिना बहिष्कार के ही बहिष्कार जैसी ही स्थिति बनी हुई है। यहां भी उठान न होने के कारण करीब 5 लाख से अधिक कट्टे गेहूं जमा हो गया है। डीएफएससी ने समस्या के समाधान का दावा किया है। लेकिन समाचार लिखे जाने तक पुरानी अनाज मंडी से उठान शुरू नहीं हो पाया था।
पुरानी अनाज मंडी में उठान कार्य में गाड़ी संचालकों द्वारा रिश्वत की मांग के कारण शुक्रवार सुबह से ही गेहूं के उठान कार्य का बहिष्कार कर दिया। जो वाहन गेहूं उठाने के लिए आए थे, उनमें गेहूं लोड नहीं किया गया। जिस कारण पुरी अनाज मंडी में गेहूं के कट्टों का अंबार लग गया है। यह पूरी तरह से कट्टों से भर गई है। वहीं बहिष्कार की सूचना मिलते ही डीएफएससी मोनिका मलिक ने अनाज मंडी का दौरा किया।
उन्होंने आढ़तियों व ट्रांसपोर्टर से बातचीत करके एक बार उठान शुरू भी करवा दिया। लेकिन 6-7 गाडिय़ों के अलावा कोई गाड़ी उठान के लिए नहीं पहुंची।पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान नवीन कुमार ने कहा कि अनाज मंडी से गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है।
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यहां सवा लाख से अधिक कट्टे पड़े हैं। जिस कारण गेहूं डालने के लिए जगह ही नहीं बची है। उठान के लिए 5 से 10 रुपये तक प्रति कट्टा रिश्वत की मांग के कारण उन सब ने उठान का बहिष्कार किया था। इसके बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। अधिकारियों के कहने के बावजूद 5 से 6 गाडिय़ां ही आई हैं। इसके अलावा सारा गेहूं यहीं पड़ा हुआ है।
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पुरानी अनाज मंडी में उठान कार्य में गाड़ी संचालकों द्वारा रिश्वत की मांग के कारण शुक्रवार सुबह से ही गेहूं के उठान कार्य का बहिष्कार कर दिया। जो वाहन गेहूं उठाने के लिए आए थे, उनमें गेहूं लोड नहीं किया गया। जिस कारण पुरी अनाज मंडी में गेहूं के कट्टों का अंबार लग गया है। यह पूरी तरह से कट्टों से भर गई है। वहीं बहिष्कार की सूचना मिलते ही डीएफएससी मोनिका मलिक ने अनाज मंडी का दौरा किया।
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उन्होंने आढ़तियों व ट्रांसपोर्टर से बातचीत करके एक बार उठान शुरू भी करवा दिया। लेकिन 6-7 गाडिय़ों के अलावा कोई गाड़ी उठान के लिए नहीं पहुंची।पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान नवीन कुमार ने कहा कि अनाज मंडी से गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है।
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यहां सवा लाख से अधिक कट्टे पड़े हैं। जिस कारण गेहूं डालने के लिए जगह ही नहीं बची है। उठान के लिए 5 से 10 रुपये तक प्रति कट्टा रिश्वत की मांग के कारण उन सब ने उठान का बहिष्कार किया था। इसके बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। अधिकारियों के कहने के बावजूद 5 से 6 गाडिय़ां ही आई हैं। इसके अलावा सारा गेहूं यहीं पड़ा हुआ है।