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याद आया गुजरा जमाना, फिर मिले बिछड़े दोस्त
ब्यूरो/अमर उजाला कैथल।
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:29 AM IST
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कैथ्ाल
- फोटो : अमर उजाला
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वर्ष 1986 में दोस्तों संग 10वीं पास करने वाले डा. समीर गुप्ता ने व्हॉट्स एप ग्रुप के माध्यम से सभी दोस्तों को एकत्रित कर पुरानी यादें ताजा कीं। लगभग 30 वर्ष बाद डा. समीर गुप्ता ने अपने दोस्त विनोद चावला एवं रोहित नारंग को की सहायता से दिसंबर 2014 में एक व्हॉट्स एप ग्रुप बनाया। जिसमें पहले डा. समीर गुप्ता, विनोद चावला, सुषम कपूर, मनप्रीत भाटिया को एड किया। तीनों ने फिर इस सिलसिले को बढ़ाया और कक्षा में पढ़ने वाले सहपाठियों के बारे में जानकारी जुटाई। रविवार सांय मन्नत होटल में एक कार्यक्रम का आयोजन कर सभी सहपाठियों को बुलाकर पुरानी यादें ताजा की गईं। यहां जो भी दोस्त आपस में एक दूसरे को जैसे ही मिलता तो वैसे ही उसके मुंह से निकलता... ओ यारा तू... यार तू तो अब भी जवान है और हम बूढ़े हो गए। जितेंद्र बॉबी जो ऐलनाबाद सिरसा से आया था, की मुलाकात उनके 30 साल पुराने दोस्त से हुई। ऐसे ही कई पुराने दोस्त एक दूसरे के गले लगकर बधाईयां दे रहे थे।
बधाई किसी को मोटा होने की तो किसी को वजन घटाने की। बधाई किसी के बाल सफेद होने की तो किसी के बाल झड़ जाने की। ऐसी खट्टी-मीठी बधाईयों का सिलसिला ओम प्रभा जैन सीनियर मॉडल स्कूल कैथल के पुराने स्टूडेंट्स के गेट टू गेदर में देखने को मिली। यह सभी दोस्त अलग-अलग शहरों से पहली बार कैथल के मन्नत पैलेस में इकट्ठा हुए। टीचर की डांट और शरारतों के किस्से सुनाए गए। सभी ने बचपन के दिनों को याद करते हुए एक-दूसरे की नकल उतारी। विनोद चावला ने कहा कि स्कूल सख्त था, नियमों का पालन अनिवार्य था लेेकिन आज वह सख्ती हमारी कामयाबी की वजह बन गई है। मनप्रीत भाटिया ने कहा कि ये वे यादें हैं जो जहन में हमेशा के लिए बस गईं हैं। रोहित खुरानिया ने कहा कि स्कूल से निकलकर कोई डॉक्टर बन गया, कोई सरकारी नौकरी में है तो कोई बिजनेसमैन। लेकिन हम सब में कुछ कॉमन है तो वो है हमारी दोस्ती और अनुशासन। इस अवसर पर डा. समीर, विनोद चावला, रोहित नारंग, मनप्रीत भाटिया, सुषम कपूर, रोहित खुरानिया, सुनील चुघ, हिमांशु मक्कड़, श्याम मुखीजा, नीरज बजाज, जितेंद्र सचदेवा, आदि मेहता, राजेश भल्ला, राजेश वाही, जितेंद्र सिंह, नोटि बेदी, अरुण गुप्ता, अरुण गाबा, अश्वनी साहनी, अरविंद अत्री, जितेंद्र बॉबी, हरपाल सिंह, श्याम कुमार, नरेंद्र गुप्ता शामिल थे।
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बधाई किसी को मोटा होने की तो किसी को वजन घटाने की। बधाई किसी के बाल सफेद होने की तो किसी के बाल झड़ जाने की। ऐसी खट्टी-मीठी बधाईयों का सिलसिला ओम प्रभा जैन सीनियर मॉडल स्कूल कैथल के पुराने स्टूडेंट्स के गेट टू गेदर में देखने को मिली। यह सभी दोस्त अलग-अलग शहरों से पहली बार कैथल के मन्नत पैलेस में इकट्ठा हुए। टीचर की डांट और शरारतों के किस्से सुनाए गए। सभी ने बचपन के दिनों को याद करते हुए एक-दूसरे की नकल उतारी। विनोद चावला ने कहा कि स्कूल सख्त था, नियमों का पालन अनिवार्य था लेेकिन आज वह सख्ती हमारी कामयाबी की वजह बन गई है। मनप्रीत भाटिया ने कहा कि ये वे यादें हैं जो जहन में हमेशा के लिए बस गईं हैं। रोहित खुरानिया ने कहा कि स्कूल से निकलकर कोई डॉक्टर बन गया, कोई सरकारी नौकरी में है तो कोई बिजनेसमैन। लेकिन हम सब में कुछ कॉमन है तो वो है हमारी दोस्ती और अनुशासन। इस अवसर पर डा. समीर, विनोद चावला, रोहित नारंग, मनप्रीत भाटिया, सुषम कपूर, रोहित खुरानिया, सुनील चुघ, हिमांशु मक्कड़, श्याम मुखीजा, नीरज बजाज, जितेंद्र सचदेवा, आदि मेहता, राजेश भल्ला, राजेश वाही, जितेंद्र सिंह, नोटि बेदी, अरुण गुप्ता, अरुण गाबा, अश्वनी साहनी, अरविंद अत्री, जितेंद्र बॉबी, हरपाल सिंह, श्याम कुमार, नरेंद्र गुप्ता शामिल थे।
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