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Kaithal News: सिरसा ब्रांच नहर में साफ होने लगा पानी
Fri, 04 Aug 2023 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 04 Aug 2023 01:18 AM IST
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कैथल। सिरसा ब्रांच नहर में बाढ़ का पानी आने के कारण बीते करीब 10 दिनों से पेयजल की समस्या झेल रहे शहरवासियों को अब जल्द राहत की उम्मीद जगी है। नहर में कई दिनों से आ रहा गंदा पानी अब धीरे-धीरे साफ होने लगा है। जनस्वास्थ्य विभाग के टैंकों में भी नहरी से पानी की आपूर्ति लेना शुरू कर दी है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि आगामी सप्ताह में पानी साफ हो जाएगा और शहर में आपूर्ति नियमित कर दी जाएगी।
विभाग के अनुसार, शुरुआत में बाढ़ का जो गंदा पानी नहर में आ रहा था, उसमें करीब 40 प्रतिशत तक सुधार हो गया है। दरअसल, शहर में करीब 70 प्रतिशत इलाकों में नहरी पानी की आपूर्ति होती है। अब पानी पहले की अपेक्षा साफ आने लगा है।
खराब पानी भी विभाग के टैंकों में ज्यादा न आए और शहर में जलापूर्ति पर भी ज्यादा प्रभाव न पड़े, इसके दृष्टिगत विभाग नहर से थोड़ा-थोड़ा पानी अलग-अलग माध्यमों से छानकर टैंकों में पहुंचा रहा है। विभाग के प्योदा रोड व मानस रोड स्थित टैंकों में पानी पहुंचाया जा रहा है।
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नहर में आ रहे पानी में पहले की अपेक्षा सुधार है। जल्द ही पानी साफ आने की उम्मीद है। इस प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए विभाग तीन नए ट्यूबवेल लगा रहा है ताकि भविष्य में ऐसे हालात में पेयजल का संकट सामने नहीं आए। -जगदीश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
एक दिन छोड़कर ही दिया जा रहा नहरी जल
कैथल। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल शहर में एक दिन छोड़कर ही नहरी जल दिया जा रहा है। जैसे ही नहर में साफ पानी आना शुरू होगा, उसके साथ ही विभाग शहर में दोनों समय और प्रतिदिन नहरी पानी की आपूर्ति शुरू कर देगा।
गौरतलब है कि इस समय 155 लीटर नहरी पानी पर प्रति व्यक्ति को दो दिन काम चलाना पड़ रहा है। अन्य जरूरतों के लिए ट्यूबवेल व अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। नियमित आपूर्ति होने के बाद प्रतिदिन व प्रति व्यक्ति को यह पानी उपलब्ध होगा।
एक ओर जहां नहर में बाढ़ का पानी आने से पेयजल आपूर्ति पर विपरीत प्रभाव पड़ा है, वहीं शहरवासियों को भविष्य के एक एक बड़ी राहत भी विभाग ने दी है। विभाग के मानस रोड स्थित टैंकों के परिसर में विभाग ने तीन नए ट्यूबवेल लगाने का कार्य शुरू किया है। ये ट्यूबवेल करीब 25 से 30 लाख रुपये की लागत से लगाए जाने हैं। आपातकालीन स्थिति में इन्हें चलाकर शहर में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। संवाद
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विभाग के अनुसार, शुरुआत में बाढ़ का जो गंदा पानी नहर में आ रहा था, उसमें करीब 40 प्रतिशत तक सुधार हो गया है। दरअसल, शहर में करीब 70 प्रतिशत इलाकों में नहरी पानी की आपूर्ति होती है। अब पानी पहले की अपेक्षा साफ आने लगा है।
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खराब पानी भी विभाग के टैंकों में ज्यादा न आए और शहर में जलापूर्ति पर भी ज्यादा प्रभाव न पड़े, इसके दृष्टिगत विभाग नहर से थोड़ा-थोड़ा पानी अलग-अलग माध्यमों से छानकर टैंकों में पहुंचा रहा है। विभाग के प्योदा रोड व मानस रोड स्थित टैंकों में पानी पहुंचाया जा रहा है।
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नहर में आ रहे पानी में पहले की अपेक्षा सुधार है। जल्द ही पानी साफ आने की उम्मीद है। इस प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए विभाग तीन नए ट्यूबवेल लगा रहा है ताकि भविष्य में ऐसे हालात में पेयजल का संकट सामने नहीं आए। -जगदीश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
एक दिन छोड़कर ही दिया जा रहा नहरी जल
कैथल। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल शहर में एक दिन छोड़कर ही नहरी जल दिया जा रहा है। जैसे ही नहर में साफ पानी आना शुरू होगा, उसके साथ ही विभाग शहर में दोनों समय और प्रतिदिन नहरी पानी की आपूर्ति शुरू कर देगा।
गौरतलब है कि इस समय 155 लीटर नहरी पानी पर प्रति व्यक्ति को दो दिन काम चलाना पड़ रहा है। अन्य जरूरतों के लिए ट्यूबवेल व अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। नियमित आपूर्ति होने के बाद प्रतिदिन व प्रति व्यक्ति को यह पानी उपलब्ध होगा।
एक ओर जहां नहर में बाढ़ का पानी आने से पेयजल आपूर्ति पर विपरीत प्रभाव पड़ा है, वहीं शहरवासियों को भविष्य के एक एक बड़ी राहत भी विभाग ने दी है। विभाग के मानस रोड स्थित टैंकों के परिसर में विभाग ने तीन नए ट्यूबवेल लगाने का कार्य शुरू किया है। ये ट्यूबवेल करीब 25 से 30 लाख रुपये की लागत से लगाए जाने हैं। आपातकालीन स्थिति में इन्हें चलाकर शहर में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। संवाद