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नहरी परियोजना के टैंक सूखे, पानी की किल्लत से लोग परेशान
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water
- फोटो : Kaithal
जिस जनस्वास्थ्य विभाग के जिम्मे शहर में पानी की आपूर्ति का महत्वपूर्ण कार्य है। विभागीय लापरवाही से प्यौदा रोड स्थित नहरी परियोजना का टैंक सूखने से पानी पूरी तरह से खत्म हो गया। शहर में दो दिनों से आधे से भी अधिक हिस्से में पानी की किल्लत है। जब पानी पूरी तरह से खत्म हो गया, तब जिम्मेदार चंडीगढ़ तक दौड़ लगाते दिख रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि शुक्रवार रात तक जलापूर्ति हो जाएगी।
पिछले एक माह से भी ज्यादा समय से जनस्वास्थ्य विभाग के टैंकों में सिरसा ब्रांच नहर का पानी नहीं पहुंचा है। ऐसे में शहर में सप्लाई किए जाने वाले नहरी पानी के टैंक सूख गए। पिछले कई दिनों से शहर में पेयजल को लेकर हाहाकार बना हुआ है। पेयजल की समस्या गहराने का एक बड़ा कारण यह भी रहा कि न तो पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों ने टैंकों में समाप्त हो रहे पानी की ओर ध्यान दिया। न ही सिंचाई विभाग की ओर से विभाग के टैंकों में नहरी पानी की सप्लाई दी गई। अब सूखे टैंकों से लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंचा है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि आधे से ज्यादा शहर को नहरी पानी की सप्लाई दी जाती है। टैंकों को बनाते समय हर 16 दिन बाद इन्हें नहरी पानी से भरने के लिए समय निर्धारित किया गया था, लेकिन बाद में इसे 21 दिन कर दिया गया। फिर 21 से 24, फिर 28 दिन व बाद में 31 दिन कर दिया गया। अब टैंकों में पानी की सप्लाई आने में 40-40 दिन के करीब हो जाते हैं, जो शहरवासियों के लिए समस्या का कारण बन रहे हैं।
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शहर में 33 मिलियन पानी की सप्लाई
जनस्वास्थ्य विभाग के प्यौदा रोड और मानस रोड पर बने पेयजल टैंकों से शहर में करीब 33 मिलियन लीटर पानी की सप्लाई लोगों को दी जाती है। इसके तहत प्रति व्यक्ति को शहर में रोजाना 155 लीटर पानी उपलब्ध करवाया जाता है। जब पानी टैंकों में समाप्त होने वाला था, उस समय न तो सप्लाई को कम या नियंत्रित किया गया और न ही लोगों को पानी बचाने के बारे में कोई सूचना दी गई, जिस कारण लोगों ने सामान्य दिनों की तरह पानी का प्रयोग किया और अब शहर की कई कॉलोनियों में लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं।
गहराये जल संकट से फूले अधिकारियों का हाथ-पांव शहर में एकदम गहराये जल संकट से अधिकारियों के हाथ-पांव फूले गए। पानी की सप्लाई को दुरुस्त करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कभी चंडीगढ़ तो कभी नहर के हैड पर चक्कर काटने पड़े, ताकि जल्द से जल्द टैंकों को भरकर शहर में पानी उपलब्ध करवाया जा सके।
जनस्वास्थ्य विभाग के एसई अशोक कुमार खंडूजा ने बताया कि शाम को नहर में पानी आने के बाद विभाग के टेैंकों में पानी आ गया। इसके साथ ही शहर में नहरी पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई।
वहीं सिंचाई विभाग के एक्सईएन बनारसी दास ने कहा कि नहर से पानी की सप्लाई हर बार निर्धारित समय पर दी जाती है। इस बार सप्लाई को दो-तीन दिन एक्सटेंड कर दिया गया, जिस कारण नहर में पानी नहीं आया। उन्होंने बताया कि शाम को नहर में पानी आ गया था।
अमरगढ़ गामड़ी में लोगों ने जताया रोष- पिछले चार दिनों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे अमरगढ़ गामड़ी के निवासियों ने समस्या को लेकर रोष जताया। गामड़ी निवासी गेजो, रामपाल, सत्यवान, तेलूराम, नरेंद्र व मुकेश ने बताया कि गामड़ी में कई दिन से पानी नहीं आ रहा। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में लोगों ने संबंधित अधिकारियों को भी शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि पहले दिन तो कुछ समय के लिए पानी आ गया था, लेकिन तीन दिन से तो दिक्कत और ज्यादा बढ़ गई है। जिन लोगों ने अपने घरों में सबमर्सिबल पंप लगा रखे हैं, उनके घरों से पानी लाकर काम चलाना पड़ रहा है।
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पिछले एक माह से भी ज्यादा समय से जनस्वास्थ्य विभाग के टैंकों में सिरसा ब्रांच नहर का पानी नहीं पहुंचा है। ऐसे में शहर में सप्लाई किए जाने वाले नहरी पानी के टैंक सूख गए। पिछले कई दिनों से शहर में पेयजल को लेकर हाहाकार बना हुआ है। पेयजल की समस्या गहराने का एक बड़ा कारण यह भी रहा कि न तो पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों ने टैंकों में समाप्त हो रहे पानी की ओर ध्यान दिया। न ही सिंचाई विभाग की ओर से विभाग के टैंकों में नहरी पानी की सप्लाई दी गई। अब सूखे टैंकों से लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंचा है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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गौरतलब है कि आधे से ज्यादा शहर को नहरी पानी की सप्लाई दी जाती है। टैंकों को बनाते समय हर 16 दिन बाद इन्हें नहरी पानी से भरने के लिए समय निर्धारित किया गया था, लेकिन बाद में इसे 21 दिन कर दिया गया। फिर 21 से 24, फिर 28 दिन व बाद में 31 दिन कर दिया गया। अब टैंकों में पानी की सप्लाई आने में 40-40 दिन के करीब हो जाते हैं, जो शहरवासियों के लिए समस्या का कारण बन रहे हैं।
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शहर में 33 मिलियन पानी की सप्लाई
जनस्वास्थ्य विभाग के प्यौदा रोड और मानस रोड पर बने पेयजल टैंकों से शहर में करीब 33 मिलियन लीटर पानी की सप्लाई लोगों को दी जाती है। इसके तहत प्रति व्यक्ति को शहर में रोजाना 155 लीटर पानी उपलब्ध करवाया जाता है। जब पानी टैंकों में समाप्त होने वाला था, उस समय न तो सप्लाई को कम या नियंत्रित किया गया और न ही लोगों को पानी बचाने के बारे में कोई सूचना दी गई, जिस कारण लोगों ने सामान्य दिनों की तरह पानी का प्रयोग किया और अब शहर की कई कॉलोनियों में लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं।
गहराये जल संकट से फूले अधिकारियों का हाथ-पांव शहर में एकदम गहराये जल संकट से अधिकारियों के हाथ-पांव फूले गए। पानी की सप्लाई को दुरुस्त करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कभी चंडीगढ़ तो कभी नहर के हैड पर चक्कर काटने पड़े, ताकि जल्द से जल्द टैंकों को भरकर शहर में पानी उपलब्ध करवाया जा सके।
जनस्वास्थ्य विभाग के एसई अशोक कुमार खंडूजा ने बताया कि शाम को नहर में पानी आने के बाद विभाग के टेैंकों में पानी आ गया। इसके साथ ही शहर में नहरी पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई।
वहीं सिंचाई विभाग के एक्सईएन बनारसी दास ने कहा कि नहर से पानी की सप्लाई हर बार निर्धारित समय पर दी जाती है। इस बार सप्लाई को दो-तीन दिन एक्सटेंड कर दिया गया, जिस कारण नहर में पानी नहीं आया। उन्होंने बताया कि शाम को नहर में पानी आ गया था।
अमरगढ़ गामड़ी में लोगों ने जताया रोष- पिछले चार दिनों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे अमरगढ़ गामड़ी के निवासियों ने समस्या को लेकर रोष जताया। गामड़ी निवासी गेजो, रामपाल, सत्यवान, तेलूराम, नरेंद्र व मुकेश ने बताया कि गामड़ी में कई दिन से पानी नहीं आ रहा। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में लोगों ने संबंधित अधिकारियों को भी शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि पहले दिन तो कुछ समय के लिए पानी आ गया था, लेकिन तीन दिन से तो दिक्कत और ज्यादा बढ़ गई है। जिन लोगों ने अपने घरों में सबमर्सिबल पंप लगा रखे हैं, उनके घरों से पानी लाकर काम चलाना पड़ रहा है।